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Karnal News: एटीएम में फंसा डेबिट कार्ड, गंवाए 44 हजार
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करनाल।
एटीएम में डेबिट कार्ड फंसने पर मदद का झांसा देकर सेक्टर-32 निवासी कारोबारी देव कल्याण के खाते से 44 हजार रुपये निकाल लिए गए। मौके पर मौजूद दो युवकों ने उन्हें हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी थी। कॉलर ने उनसे पिन दर्ज कराया, इसके बावजूद कार्ड नहीं निकला। कारोबारी वहां से चले आए। कुछ ही देर बाद मोबाइल पर खाते से रुपये निकलने के संदेश आने लगे।
कारोबारी देव कल्याण ने बताया कि घटना सोमवार सुबह का है। वह नकदी निकालने के लिए सेक्टर-9 के एटीएम बूथ पहुंचे थे। मशीन में डेबिट कार्ड डाला। कार्ड फंस गया। इसी दौरान वहां दो युवक आए। कार्ड निकालने में मदद करने की बात कही और मशीन पर लिखे एक हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने के लिए कहा।
उन्होंने बताए गए नंबर पर संपर्क किया। दूसरी ओर से तकनीकी खराबी बताकर उन्हें मशीन पर 09 दबाकर पिन नंबर दर्ज करने के लिए कहा गया। उन्होंने पिन दर्ज किया लेकिन कार्ड नहीं निकला। हेल्पलाइन नंबर पर युवक ने उन्हें इंतजार करने के लिए कहा। बताया कि कार्ड निकलने में करीब एक घंटे का समय लग सकता है। उन्हें जरूरी काम था, इसलिए वह कार्ड वहीं फंसा छोड़कर चले गए। कुछ समय बाद उनके मोबाइल पर लगातार रुपये निकलने के संदेश आने लगे।
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उन्होंने बताया कि कार्ड एक्सिस बैंक के एटीएम में फंसा था जबकि उनका बैंक खाता एचडीएफसी बैंक में है। जांच कराने पर पता चला कि खाते से रकम शामगढ़ स्थित आईडीबीआई बैंक के एटीएम से निकाली गई। उन्हें संदेह है कि कार्ड फंसने और पिन हासिल करने की प्रक्रिया सुनियोजित तरीके से की गई। थाना सेक्टर-32 के जांच अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि जिस एटीएम से नकदी निकाली गई है वह तरावड़ी थाना क्षेत्र में है। प्राथमिकी दर्ज कर वहां भेजी गई है। वहां की पुलिस भी जांच कर रही है।
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ध्यान रखें
- एटीएम कीपैड पर पिन नंबर छुपाकर ही दर्ज करें। ऊपर लगे कैमरे या किसी अन्य को पिन न दिखे।
- कार्ड स्लॉट की जांच करें, अगर वह ढीला लगे या उस पर कोई अतिरिक्त डिवाइस लगी दिखे तो मशीन का उपयोग न करें।
- एटीएम के अंदर किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना कार्ड न सौंपें और न ही उनसे ट्रांजैक्शन करने में मदद लें।
- रुपये निकलने के बाद नोटों को अच्छी तरह गिन लें और अपनी रसीद को बूथ में फेंकने के बजाय फाड़कर नष्ट कर दें।
- एटीएम पिन कभी भी किसी डायरी या कार्ड पर न लिखें और न ही इसे बैंक अधिकारी या किसी अन्य व्यक्ति को फोन या मैसेज पर बताएं।
- देर रात या सुनसान जगहों पर बने एटीएम बूथ का इस्तेमाल करने से बचें, जहां गार्ड न हो या रोशनी कम हो।
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एटीएम में डेबिट कार्ड फंसने पर मदद का झांसा देकर सेक्टर-32 निवासी कारोबारी देव कल्याण के खाते से 44 हजार रुपये निकाल लिए गए। मौके पर मौजूद दो युवकों ने उन्हें हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी थी। कॉलर ने उनसे पिन दर्ज कराया, इसके बावजूद कार्ड नहीं निकला। कारोबारी वहां से चले आए। कुछ ही देर बाद मोबाइल पर खाते से रुपये निकलने के संदेश आने लगे।
कारोबारी देव कल्याण ने बताया कि घटना सोमवार सुबह का है। वह नकदी निकालने के लिए सेक्टर-9 के एटीएम बूथ पहुंचे थे। मशीन में डेबिट कार्ड डाला। कार्ड फंस गया। इसी दौरान वहां दो युवक आए। कार्ड निकालने में मदद करने की बात कही और मशीन पर लिखे एक हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने के लिए कहा।
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उन्होंने बताए गए नंबर पर संपर्क किया। दूसरी ओर से तकनीकी खराबी बताकर उन्हें मशीन पर 09 दबाकर पिन नंबर दर्ज करने के लिए कहा गया। उन्होंने पिन दर्ज किया लेकिन कार्ड नहीं निकला। हेल्पलाइन नंबर पर युवक ने उन्हें इंतजार करने के लिए कहा। बताया कि कार्ड निकलने में करीब एक घंटे का समय लग सकता है। उन्हें जरूरी काम था, इसलिए वह कार्ड वहीं फंसा छोड़कर चले गए। कुछ समय बाद उनके मोबाइल पर लगातार रुपये निकलने के संदेश आने लगे।
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उन्होंने बताया कि कार्ड एक्सिस बैंक के एटीएम में फंसा था जबकि उनका बैंक खाता एचडीएफसी बैंक में है। जांच कराने पर पता चला कि खाते से रकम शामगढ़ स्थित आईडीबीआई बैंक के एटीएम से निकाली गई। उन्हें संदेह है कि कार्ड फंसने और पिन हासिल करने की प्रक्रिया सुनियोजित तरीके से की गई। थाना सेक्टर-32 के जांच अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि जिस एटीएम से नकदी निकाली गई है वह तरावड़ी थाना क्षेत्र में है। प्राथमिकी दर्ज कर वहां भेजी गई है। वहां की पुलिस भी जांच कर रही है।
ध्यान रखें
- एटीएम कीपैड पर पिन नंबर छुपाकर ही दर्ज करें। ऊपर लगे कैमरे या किसी अन्य को पिन न दिखे।
- कार्ड स्लॉट की जांच करें, अगर वह ढीला लगे या उस पर कोई अतिरिक्त डिवाइस लगी दिखे तो मशीन का उपयोग न करें।
- एटीएम के अंदर किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना कार्ड न सौंपें और न ही उनसे ट्रांजैक्शन करने में मदद लें।
- रुपये निकलने के बाद नोटों को अच्छी तरह गिन लें और अपनी रसीद को बूथ में फेंकने के बजाय फाड़कर नष्ट कर दें।
- एटीएम पिन कभी भी किसी डायरी या कार्ड पर न लिखें और न ही इसे बैंक अधिकारी या किसी अन्य व्यक्ति को फोन या मैसेज पर बताएं।
- देर रात या सुनसान जगहों पर बने एटीएम बूथ का इस्तेमाल करने से बचें, जहां गार्ड न हो या रोशनी कम हो।