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Karnal News: तरावड़ी में रोजाना जाम, परेशान होता है आम
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123....तरावड़ी सौंकडा पुलिया पर लगा जाम व रोड़ पर जाम। संवाद
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तरावड़ी।
किसी सड़क पर यदि जाम लगे तो चालक दूसरा रास्ता ढूंढता है। इस दौरान चालक वैकल्पिक मार्ग की खोज करता है। यहां तरावड़ी में रोज जाम लगता है, लेकिन यहां लोगों ने व्यापार को बढ़ाने के तरीके तो ढूंढे और बसने के नहीं। यहां के निवासियों का दर्द है कि काश इस इलाके को भी नीलोखेड़ी की तरह बसाया जाता, लेकिन ये सपना ही रह गया।
आज सुबह जाम रेलवे ओवरब्रिज से लेकर सौंकड़ा पुलिया तक लगा था। करीब एक घंटे तक छोटे और बडे़ वाहन जाम में फंस गए। आखिरकार पुलिस की मदद से जाम खुलाया गया। तरावड़ी की पुलिस अक्सर जाम खुलवाने में यहां लगी रहती है। तरावड़ी का रेलवे ओवरब्रिज, करनाली गेट, मेन बाजार और गुरुद्वारा रोड पर जाम की स्थिति तो सारा दिन रहती है। सड़क के दोनों ओर दुकानदारों का अवैध कब्जा है। नगरपालिका लाख दावे कर ले, लेकिन दुकानदार नगरपालिका प्रशासन की मानने को तैयार नहीं। जो नियम और कायदे नगरपालिका प्रशासन ने तय किए हैं। उन्हें दुकानदार सुबह रोज कागज की तरह फाड़कर नाली में बहा देते हैं। अभी तक तरावड़ी में स्थानीय प्रशासन द्वारा पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं की गई। पार्किंग के लिए लोगों ने करनाली गेट को चयनित किया हुआ है। इसके अलावा बाजारों की गलियों में भी आपको कारें खड़ी दिखाई मिल जाएंगी।
जल्द हटाएंगे अतिक्रमण : नप सचिव
तरावड़ी नगरपालिका के सचिव अशोक चौहान ने कहा कि तरावड़ी में भीड़ अधिक है। तीन दिन पहले ही उन्होंने सचिव का पद संभाला है। पार्किंग के लिए एक स्थान की मार्किंग की गई है। जल्द ही उस स्थान को चयनित कर लिया जाएगा। तरावड़ी की बाजारों में जिन दुकानदारों ने अवैध अतिक्रमण किया हुआ है। उनके खिलाफ कार्रवाई होगी और रेलवे ओवरब्रिज की सड़क पर जहां रेहड़ियां खडी हैं उन्हें हटाया जाएगा। जिन्होंने सड़क पर कब्जा किया है उसे भी खाली करवाया जाएगा।
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यातायात के लिए कोई व्यवस्था नहीं
चावल नगरी तरावड़ी में यातायात संचालन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। हालांकि करनाल शहर को छोड़कर किसी भी कस्बे में यातायात कर्मी तैनात नहीं हैं लेकिन तरावडी की बढ़ती आबादी और सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यहां यातायात कर्मचारी की नियुक्ति बेहद जरूरी हो गई है। क्योंकि यातायात नियमों की यहां धज्जियां उड़ रही हैं। जिससे सड़क हादसे हो रहे हैं। पुलिस जाम खुलवाने तो जरूर आती है लेकिन जाम की नौबत ही न आए इसके लिए पुलिस तैनात नहीं होती।
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किसी सड़क पर यदि जाम लगे तो चालक दूसरा रास्ता ढूंढता है। इस दौरान चालक वैकल्पिक मार्ग की खोज करता है। यहां तरावड़ी में रोज जाम लगता है, लेकिन यहां लोगों ने व्यापार को बढ़ाने के तरीके तो ढूंढे और बसने के नहीं। यहां के निवासियों का दर्द है कि काश इस इलाके को भी नीलोखेड़ी की तरह बसाया जाता, लेकिन ये सपना ही रह गया।
आज सुबह जाम रेलवे ओवरब्रिज से लेकर सौंकड़ा पुलिया तक लगा था। करीब एक घंटे तक छोटे और बडे़ वाहन जाम में फंस गए। आखिरकार पुलिस की मदद से जाम खुलाया गया। तरावड़ी की पुलिस अक्सर जाम खुलवाने में यहां लगी रहती है। तरावड़ी का रेलवे ओवरब्रिज, करनाली गेट, मेन बाजार और गुरुद्वारा रोड पर जाम की स्थिति तो सारा दिन रहती है। सड़क के दोनों ओर दुकानदारों का अवैध कब्जा है। नगरपालिका लाख दावे कर ले, लेकिन दुकानदार नगरपालिका प्रशासन की मानने को तैयार नहीं। जो नियम और कायदे नगरपालिका प्रशासन ने तय किए हैं। उन्हें दुकानदार सुबह रोज कागज की तरह फाड़कर नाली में बहा देते हैं। अभी तक तरावड़ी में स्थानीय प्रशासन द्वारा पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं की गई। पार्किंग के लिए लोगों ने करनाली गेट को चयनित किया हुआ है। इसके अलावा बाजारों की गलियों में भी आपको कारें खड़ी दिखाई मिल जाएंगी।
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जल्द हटाएंगे अतिक्रमण : नप सचिव
तरावड़ी नगरपालिका के सचिव अशोक चौहान ने कहा कि तरावड़ी में भीड़ अधिक है। तीन दिन पहले ही उन्होंने सचिव का पद संभाला है। पार्किंग के लिए एक स्थान की मार्किंग की गई है। जल्द ही उस स्थान को चयनित कर लिया जाएगा। तरावड़ी की बाजारों में जिन दुकानदारों ने अवैध अतिक्रमण किया हुआ है। उनके खिलाफ कार्रवाई होगी और रेलवे ओवरब्रिज की सड़क पर जहां रेहड़ियां खडी हैं उन्हें हटाया जाएगा। जिन्होंने सड़क पर कब्जा किया है उसे भी खाली करवाया जाएगा।
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यातायात के लिए कोई व्यवस्था नहीं
चावल नगरी तरावड़ी में यातायात संचालन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। हालांकि करनाल शहर को छोड़कर किसी भी कस्बे में यातायात कर्मी तैनात नहीं हैं लेकिन तरावडी की बढ़ती आबादी और सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यहां यातायात कर्मचारी की नियुक्ति बेहद जरूरी हो गई है। क्योंकि यातायात नियमों की यहां धज्जियां उड़ रही हैं। जिससे सड़क हादसे हो रहे हैं। पुलिस जाम खुलवाने तो जरूर आती है लेकिन जाम की नौबत ही न आए इसके लिए पुलिस तैनात नहीं होती।