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सीडीएस बिपिन रावत सहित अन्य शहीदों के शोक में दो घंटे बंद रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम
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कुरुक्षेत्र। सीडीएस जनरल बिपिन रावत सहित अन्य शहीदों के शोक में शुक्रवार को दो घंटे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में सांस्कृति कार्यक्रम बंद रखे गए। इस दौरान कलाकारों से अपने-अपने तरीके से शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। दोपहर दो बजे से चार बजे तक ढोल नगाड़ों पर विराम लगा रहा। हालांकि सुबह-शाम रोजाना की तरह कार्यक्रमों की खूब रौनक रही।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में ब्रह्मसरोवर के घाटों पर देश की लोक संस्कृति का महाकुंभ देखने को मिला। इस लोक संस्कृति के महाकुंभ में उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, असम, गुजरात, सिक्किम, झारखंड, मणिपुर, बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू कश्मीर,पंजाब के कलाकारों ने अपने-अपने प्रदेश के लोक नृत्य की प्रस्तुति देकर समा बांध दिया। इन कलाकारों को उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला क्षेत्र पटियाला की तरफ से आमंत्रित किया गया है। गीता महोत्सव 2021 में सरस और शिल्प मेले में शिल्प कलाओं के साथ-साथ देश की लोक संस्कृति को देखने का एक बार फिर सुनहरी अवसर पर्यटकों को मिला है। इस वर्ष कोरोना महामारी के बाद बड़े स्तर पर महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष महोत्सव के शिल्प और सरस मेले के साथ-साथ लोक संस्कृति का आनंद लेने के लिए ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर देश के कोने-कोने से पर्यटक पहुंच रहे हैं। इस वर्ष उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केंद्र की तरफ से करीब 15 राज्यों के 400 कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। इनमे से पांच राज्यों के कलाकार 19 दिसंबर तक अपनी प्रस्तुति देंगे। एनजेडसीसी की तरफ से 11 राज्यों के कलाकार महोत्सव के मुख्य कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। इन तमाम राज्यों के कलाकार अपने-अपने प्रदेशों की लोक संस्कृति से सबका मन मोह रहे हैं। एक मंच पर देश के अलग-अलग राज्यों की लोक संस्कृति को देखना हर कोई अपना सौभाग्य मान रहा है। यह कलाकार भी दर्शकों के हुजूम और उत्साह को देखकर मदमस्त होकर अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। इन कलाकारों के नृत्य के साथ देखने वाला प्रत्येक व्यक्ति भी अपने पांव को रोक नही पाया और इन कलाकारों के साथ ही झूमने पर मजबूर हो गया। एनजेडसीसी के अधिकारी कमलेश शर्मा का कहना है कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में बेहतरीन कलाकारों को आमंत्रित किया गया है और यह कलाकार लगातार अपने-अपने प्रदेश की प्रस्तुति देकर पर्यटकों का मनोरंजन कर रहे हैं।
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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में ब्रह्मसरोवर के घाटों पर देश की लोक संस्कृति का महाकुंभ देखने को मिला। इस लोक संस्कृति के महाकुंभ में उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, असम, गुजरात, सिक्किम, झारखंड, मणिपुर, बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू कश्मीर,पंजाब के कलाकारों ने अपने-अपने प्रदेश के लोक नृत्य की प्रस्तुति देकर समा बांध दिया। इन कलाकारों को उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला क्षेत्र पटियाला की तरफ से आमंत्रित किया गया है। गीता महोत्सव 2021 में सरस और शिल्प मेले में शिल्प कलाओं के साथ-साथ देश की लोक संस्कृति को देखने का एक बार फिर सुनहरी अवसर पर्यटकों को मिला है। इस वर्ष कोरोना महामारी के बाद बड़े स्तर पर महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष महोत्सव के शिल्प और सरस मेले के साथ-साथ लोक संस्कृति का आनंद लेने के लिए ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर देश के कोने-कोने से पर्यटक पहुंच रहे हैं। इस वर्ष उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केंद्र की तरफ से करीब 15 राज्यों के 400 कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। इनमे से पांच राज्यों के कलाकार 19 दिसंबर तक अपनी प्रस्तुति देंगे। एनजेडसीसी की तरफ से 11 राज्यों के कलाकार महोत्सव के मुख्य कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। इन तमाम राज्यों के कलाकार अपने-अपने प्रदेशों की लोक संस्कृति से सबका मन मोह रहे हैं। एक मंच पर देश के अलग-अलग राज्यों की लोक संस्कृति को देखना हर कोई अपना सौभाग्य मान रहा है। यह कलाकार भी दर्शकों के हुजूम और उत्साह को देखकर मदमस्त होकर अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। इन कलाकारों के नृत्य के साथ देखने वाला प्रत्येक व्यक्ति भी अपने पांव को रोक नही पाया और इन कलाकारों के साथ ही झूमने पर मजबूर हो गया। एनजेडसीसी के अधिकारी कमलेश शर्मा का कहना है कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में बेहतरीन कलाकारों को आमंत्रित किया गया है और यह कलाकार लगातार अपने-अपने प्रदेश की प्रस्तुति देकर पर्यटकों का मनोरंजन कर रहे हैं।
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