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शादी में हुई थी रंजिश, शादी में जाने के दौरान ही कर दी तीन की हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
Updated Fri, 09 Dec 2016 12:23 AM IST
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शादी में हुई थी रंजिश, शादी में जाने के दौरान ही कर दी तीन की हत्या
- फोटो : Amar Ujala
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सीएम सिटी में हुए तिहरे हत्याकांड की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड की नींव निसिंग में एक शादी समारोह में पड़ी थी। शादी के दौरान कप्तान रंगरूटीखेड़ा के साथ नरेश व उसके अन्य साथियों की कहासुनी हुई थी। इसके बाद से ही दोनों पक्षों में तनातनी चल रही थी। बता दें कि कप्तान पर हत्या समेत कई केस दर्ज हैं और वह हत्या के मामले में जेल में भी बंद रहा है। आशंका जताई जा रही है कि उसी शादी में हुई तकरार यहां तक पहुंच गई।
मृतक नरेश, गुलाब बस्तली और राजेश जाणी के परिजनों ने अस्पताल में पहुंचे एसपी पंकज नैन को बताया कि ढाई माह पूर्व वह सभी नरेश की रिश्तेदारी निसिंग में शादी में गए थे। उसी शादी में आरोपी कप्तान चौहान वासी रंगरूटीखेड़ा भी आया हुआ था। शादी में किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी और गाली गलौच हो गई थी। इसी बात से दोनों पक्षों में रंजिश थी। बदमाशों की रंजिश और इरादों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गाड़ी में सवार सभी युवकों को पांच से सात गोलियां लगी हैं। ये भी संयोग की ही बात है कि शादी से शुरू हुई रंजिश गुरुवार को शादी समारोह में जाने के दौरान ही इस अंजाम तक पहुंची। पुलिस केे अनुसार, कप्तान पर पहले भी हत्या समेत अन्य धाराओं में कई केस दर्ज हो चुके हैं और वह हत्या के मामले में सजा भी काट चुका है।
नरेश को एक दिन पहले ही मिली थी अलर्ट रहने की सूचना
नरेश के परिजनों ने एसपी पंकज नैन को बताया कि बुधवार रात को एक युवक ने नरेश को चेतावनी भी दी थी कि वह बचकर रहे। कप्तान उसकी फिल्डिंग लगा रहा है। बुधवार रात को ही नरेश ने ये बात फोन करके उसे बताई। युवक द्वारा चेतावनी देने के बाद भी नरेश और उसके साथी अलर्ट नहीं हुए।
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छावनी बना रहा अस्पताल
गोली चलने से हुई तीन लोगों की मौत के बाद अस्पताल में परिजनों और अन्य लोगों की भारी भीड़ लगी रही। लोग किसी भी प्रकार का हंगामा न करें इसके लिए अस्पताल में भारी पुलिस पुलिस बल तैनात रहा। अस्पताल में डीएसपी विवेक चौधरी, राजकुमार और सिटी थाना प्रभारी मोहन लाल, सिविल लाइन प्रभारी मनोज कुमार मौजूद रहे। दोपहर से लेकर देर शाम तक अस्पताल छावनी बना रहा। तीनों का शुक्रवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। घायल मनोज और चांद का इलाज शहर के निजी अस्पताल मेें दाखिल करवाया गया है। जहां उनका इलाज चल रहा है। देर रात तक पोस्टमार्टम हाउस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। संभावना ये भी जताई जा रही है कि रात को ही तीनों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, ताकि सुबह जल्दी उनका अंतिम संस्कार कराया सके। हालांकि, यह पुलिस के लिए चुनौती होगी। इस बारे में सिटी थाना प्रभारी मोहन लाल का कहना है कि मामले की कई पहलुओं को जोड़कर जांच की जा रही है। हमलावरों की गिरफ्तारी को छापेमारी जारी है। यह पुरानी रंजिश का मामला है।
डॉक्टरों के प्रति जताया रोष
अस्पताल में घायलों को लेकर आए उनके साथियों ने अस्पताल में डॉक्टरों के न होने पर रोष व्यक्त किया। वहीं उन्होंने आरोप लगाए कि घायलों का सही समय पर इलाज करने के लिए अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं थे। इस कारण तीन लोगों की मौत हो गई।
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मृतक नरेश, गुलाब बस्तली और राजेश जाणी के परिजनों ने अस्पताल में पहुंचे एसपी पंकज नैन को बताया कि ढाई माह पूर्व वह सभी नरेश की रिश्तेदारी निसिंग में शादी में गए थे। उसी शादी में आरोपी कप्तान चौहान वासी रंगरूटीखेड़ा भी आया हुआ था। शादी में किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी और गाली गलौच हो गई थी। इसी बात से दोनों पक्षों में रंजिश थी। बदमाशों की रंजिश और इरादों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गाड़ी में सवार सभी युवकों को पांच से सात गोलियां लगी हैं। ये भी संयोग की ही बात है कि शादी से शुरू हुई रंजिश गुरुवार को शादी समारोह में जाने के दौरान ही इस अंजाम तक पहुंची। पुलिस केे अनुसार, कप्तान पर पहले भी हत्या समेत अन्य धाराओं में कई केस दर्ज हो चुके हैं और वह हत्या के मामले में सजा भी काट चुका है।
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नरेश को एक दिन पहले ही मिली थी अलर्ट रहने की सूचना
नरेश के परिजनों ने एसपी पंकज नैन को बताया कि बुधवार रात को एक युवक ने नरेश को चेतावनी भी दी थी कि वह बचकर रहे। कप्तान उसकी फिल्डिंग लगा रहा है। बुधवार रात को ही नरेश ने ये बात फोन करके उसे बताई। युवक द्वारा चेतावनी देने के बाद भी नरेश और उसके साथी अलर्ट नहीं हुए।
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छावनी बना रहा अस्पताल
गोली चलने से हुई तीन लोगों की मौत के बाद अस्पताल में परिजनों और अन्य लोगों की भारी भीड़ लगी रही। लोग किसी भी प्रकार का हंगामा न करें इसके लिए अस्पताल में भारी पुलिस पुलिस बल तैनात रहा। अस्पताल में डीएसपी विवेक चौधरी, राजकुमार और सिटी थाना प्रभारी मोहन लाल, सिविल लाइन प्रभारी मनोज कुमार मौजूद रहे। दोपहर से लेकर देर शाम तक अस्पताल छावनी बना रहा। तीनों का शुक्रवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। घायल मनोज और चांद का इलाज शहर के निजी अस्पताल मेें दाखिल करवाया गया है। जहां उनका इलाज चल रहा है। देर रात तक पोस्टमार्टम हाउस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। संभावना ये भी जताई जा रही है कि रात को ही तीनों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, ताकि सुबह जल्दी उनका अंतिम संस्कार कराया सके। हालांकि, यह पुलिस के लिए चुनौती होगी। इस बारे में सिटी थाना प्रभारी मोहन लाल का कहना है कि मामले की कई पहलुओं को जोड़कर जांच की जा रही है। हमलावरों की गिरफ्तारी को छापेमारी जारी है। यह पुरानी रंजिश का मामला है।
डॉक्टरों के प्रति जताया रोष
अस्पताल में घायलों को लेकर आए उनके साथियों ने अस्पताल में डॉक्टरों के न होने पर रोष व्यक्त किया। वहीं उन्होंने आरोप लगाए कि घायलों का सही समय पर इलाज करने के लिए अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं थे। इस कारण तीन लोगों की मौत हो गई।