{"_id":"586e94ba4f1c1b1c7e15af2f","slug":"gas-agency-robbery-40-lakhs-karnal","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैस एजेंसी के नाम पर लिए 40 लाख की ठगी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गैस एजेंसी के नाम पर लिए 40 लाख की ठगी
अमर उजाला/ब्यूरो/करनाल
Updated Fri, 06 Jan 2017 12:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
करनाल। असंध क्षेत्र के गांव पोपड़ा के एक युवक से गुड़गांव के एक गैस कंपनी संचालकों ने लगभग साढ़े 40 लाख रुपये की ठगी की है। पीड़ित युवक ने इसकी शिकायत एसपी को दी है। शिकायत पर असंध पुलिस ने गैस एजेंसी के मालिक सहित कर्मचारियों पर धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में नरेश कुमार निवासी पोपड़ा ने बताया कि आरोपी दिलीप वर्मा निदेशक इंडस फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड, राकेश वर्मा, पवन वर्मा, विजय वर्मा, रमेश पांडे, अजय तिवारी एमडी इंडस फ्यूूल, अजीत सिंह जीएम, रूप नारायण निराला, राधिका, महक और पायल ने उसे कंपनी के कार्यालय 101 दशमेश प्लाजा पहली मंजिल सेक्टर-20, अजरौंदा चौक, फरीदाबाद में मिले। उनकी कंपनी गुड़गांव में है। इन सभी ने उसे आश्वासन दिया कि वह उसे इंडस फ्यूल प्रा. लि. की एजेंसी दे देंगे।
विज्ञापन
इससे उसे काफी कमाई होगी और वह ओर लोगों को भी रोजगार दे सकेगा। इसी आश्वासन के आधार पर उसने कंपनी की डीलरशिप के लिए अप्लाई किया। उसने 2012 में एलपीजी गैस की डीलरशिप भी प्राप्त कर ली। उसने कर्मचारियों के कहने पर 40,39483 की राशि कंपनी को जमा करवाई। उसने यह राशि अपने एचडीएफसी बैंक की असंध ब्रांच से इंडस फ्यूल प्राइवेट कंपनी के खाते में ट्रांसफर किए।
विज्ञापन
पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसने कंपनी के खाते में उक्त राशि में 8 लाख रुपये सिक्योरिटी और 2 लाख रुपये की लाइसेंस फीस शामिल है। इसके अलावा उसने लगभग 15 लाख रुपये गोदाम व कार्यालय बनाने में खर्च किए हैं। कंपनी ने उसे 300 सिलेंडर देने की बात कही थी, लेकिन 2012 में एजेंसी देने के बाद कंपनी ने उसे केवल 150 सिलेंडर दिए। उसके बाद उसने सिलेंडरों की मांग की तो कंपनी संचालकों ने दो दिन चार दिन बाद देने की बात कहते रहे।
बाद में उन्होंने कंपनी संचालक बोलने लगे कि वह उसका पैसा वापस नहीं देंगे। इस प्रकार कंपनी ने उसके लगभग साढे़ चालीस लाख रुपये हड़प लिए। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।