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बीमारी से मां की मौत, शव को फ्रिजर में रखा, रोते समय बेटी का पैर छुआ तो करंट से मौत
Updated Mon, 27 Aug 2018 11:40 PM IST
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बीमारी से मां की मौत, शव को फ्रीजर में रखा, बिलखते समय बेटी का पैर छुआ तो करंट से मौत
-छह माह पूर्व हुई थी बेटी की शादी, बीमार मां की देखभाल के लिए पिछले 10 दिनों से थी मायके में, शमशान घाट सुधार सभा के खिलाफ केस दर्ज
फोटो संख्या- 1 से 3
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। रात को बीमारी से मां की मौत हो गई, परिवार में मातम छा गया। ऐसे में शव को फ्रीजर में रखवा दिया गया, सुबह विलाप करते हुए बेटी (23) का पैर फ्रीजर से छू गया, जिससे करंट लगने से उसकी भी मौत हो गई। अचानक हुए धमाके के कारण परिवार के लोगों में हड़कंप मच गया। जब तक फ्रीजर को बंद किया गया, तब तक बेटी भी दम तोड़ चुकी थी। पुलिस ने इस मामले में शमशान घाट की समिति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
मामला सदर बाजार का है। दराबी लाइन निवासी 52 वर्षीय बिमला कई दिनों से बीमार चल रही थी। विवाहिता बेटी 23 वर्षीय मोना पिछले दस दिनों से उसकी देखभाल करने के लिए उसके पास आई हुई थी। बीमारी के कारण रविवार रात करीब 12 बजे बिमला की मौत हो गई। परिजन हांसी रोड श्मशान घाट से डेड बॉडी रखने के लिए फ्रीजर ले आए, लेकिन श्मशान घाट के कर्मचारी ने उन्हें वो फ्रीजर दे दिया, जिसमें करंट आता था। घर आकर परिजनों ने बिमला का शव उसमें रख दिया और उसका कनेक्शन बिजली से जोड़ दिया। उसकी बेटी मोना पास बैठी रो रही थी, उस दौरान घर में लाइट नहीं थी। जब सुबह छह बजे लाइट आई तो एक जोरदार धमका हुआ और परिजनों ने देखा तो मोना को करंट लगा हुआ था। वह उसे आनन-फानन में एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर गए तो वहां उसे मृत घोषित कर दिया। मां की मौत के बाद 6 घंटे में ही उसकी बेटी की भी मौत हो गई। बता दें मोना की छह माह 6 मार्च को शादी हुई थी। इस हादसे से जहां सदर बाजार दराबी लाइन में मातम छा गया तो वहीं मोना के ससुराल बबैन में भी मातम परस गया। सदर बाजार चौकी ने श्मशान घाट सुधार सभा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मां का संस्कार करनाल में और मोना का संस्कार उसकी ससुराल में किया गया। इस बारे में सिटी थाना प्रभारी मोहनलाल ने बताया कि शमशाम घाट सुधार सभा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
पांच लोगों की जा सकती थी जान
बिमला की बेटी मोना से अलग पांच लोगों की जान जा सकती थी, क्योंकि परिजनों ने जब बिमला का शव फ्रीजर में रखा था तो वहां पांच व्यक्ति बैठे हुए थे। उस दौरान मोना ने उन्हें कहा कि आराम कर लो वह मां के पास बैठी है। ऐसे में लाइट आने तक यदि वे सभी उस फ्रीजर के पास बैठे होते तो उनकी भी करंट लगने से जान जा सकती थी।
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पहले से था फ्रीजर खराब, श्मशान घाट के कर्मचारी ने कहा था कि ठीक करा दिया है
यह हादसा श्मशाघाट के कर्मचारी की लापरवाही के कारण हुआ है। क्योंकि यह फ्रीजर पहले से ही खराब था और करंट मारता था। इस बारे में परिजनों ने श्मशानघाट के कर्मचारी से पूछा था कि यह करंट तो नहीं मारता, कर्मचारी ने कहा था कि हमने यह ठीक करा दिया है। लेकिन फिर भी फ्रीजर में करंट आ गया।
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-छह माह पूर्व हुई थी बेटी की शादी, बीमार मां की देखभाल के लिए पिछले 10 दिनों से थी मायके में, शमशान घाट सुधार सभा के खिलाफ केस दर्ज
फोटो संख्या- 1 से 3
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। रात को बीमारी से मां की मौत हो गई, परिवार में मातम छा गया। ऐसे में शव को फ्रीजर में रखवा दिया गया, सुबह विलाप करते हुए बेटी (23) का पैर फ्रीजर से छू गया, जिससे करंट लगने से उसकी भी मौत हो गई। अचानक हुए धमाके के कारण परिवार के लोगों में हड़कंप मच गया। जब तक फ्रीजर को बंद किया गया, तब तक बेटी भी दम तोड़ चुकी थी। पुलिस ने इस मामले में शमशान घाट की समिति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
मामला सदर बाजार का है। दराबी लाइन निवासी 52 वर्षीय बिमला कई दिनों से बीमार चल रही थी। विवाहिता बेटी 23 वर्षीय मोना पिछले दस दिनों से उसकी देखभाल करने के लिए उसके पास आई हुई थी। बीमारी के कारण रविवार रात करीब 12 बजे बिमला की मौत हो गई। परिजन हांसी रोड श्मशान घाट से डेड बॉडी रखने के लिए फ्रीजर ले आए, लेकिन श्मशान घाट के कर्मचारी ने उन्हें वो फ्रीजर दे दिया, जिसमें करंट आता था। घर आकर परिजनों ने बिमला का शव उसमें रख दिया और उसका कनेक्शन बिजली से जोड़ दिया। उसकी बेटी मोना पास बैठी रो रही थी, उस दौरान घर में लाइट नहीं थी। जब सुबह छह बजे लाइट आई तो एक जोरदार धमका हुआ और परिजनों ने देखा तो मोना को करंट लगा हुआ था। वह उसे आनन-फानन में एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर गए तो वहां उसे मृत घोषित कर दिया। मां की मौत के बाद 6 घंटे में ही उसकी बेटी की भी मौत हो गई। बता दें मोना की छह माह 6 मार्च को शादी हुई थी। इस हादसे से जहां सदर बाजार दराबी लाइन में मातम छा गया तो वहीं मोना के ससुराल बबैन में भी मातम परस गया। सदर बाजार चौकी ने श्मशान घाट सुधार सभा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मां का संस्कार करनाल में और मोना का संस्कार उसकी ससुराल में किया गया। इस बारे में सिटी थाना प्रभारी मोहनलाल ने बताया कि शमशाम घाट सुधार सभा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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पांच लोगों की जा सकती थी जान
बिमला की बेटी मोना से अलग पांच लोगों की जान जा सकती थी, क्योंकि परिजनों ने जब बिमला का शव फ्रीजर में रखा था तो वहां पांच व्यक्ति बैठे हुए थे। उस दौरान मोना ने उन्हें कहा कि आराम कर लो वह मां के पास बैठी है। ऐसे में लाइट आने तक यदि वे सभी उस फ्रीजर के पास बैठे होते तो उनकी भी करंट लगने से जान जा सकती थी।
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पहले से था फ्रीजर खराब, श्मशान घाट के कर्मचारी ने कहा था कि ठीक करा दिया है
यह हादसा श्मशाघाट के कर्मचारी की लापरवाही के कारण हुआ है। क्योंकि यह फ्रीजर पहले से ही खराब था और करंट मारता था। इस बारे में परिजनों ने श्मशानघाट के कर्मचारी से पूछा था कि यह करंट तो नहीं मारता, कर्मचारी ने कहा था कि हमने यह ठीक करा दिया है। लेकिन फिर भी फ्रीजर में करंट आ गया।