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Karnal: फूसगढ़ गोशाला में एक घंटे में 45 गायों की मौत, पोस्टमार्टम कराकर दफनाया, घास ठेकेदार पर रिपोर्ट दर्ज

Sat, 28 Jan 2023 01:48 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, करनाल (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, करनाल (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sat, 28 Jan 2023 01:48 AM IST
सार

मृत गायों का पोस्टमार्टम कराकर दफनाया गया है और घास ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस, पशु चिकित्सा, निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और चारे के सैंपल को जांच के लिए भेजा है। 

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45 cows died in an hour in Phusgarh Gaushala of Karnal
निरीक्षण करते अतिरिक्त निगमायुक्त व उप निगमायुक्त। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के करनाल में नगर निगम की फूसगढ़ स्थित गोशाला में वीरवार की रात को 45 गायों की मौत हो गई और 10 गायों की हालत खराब है। जिनका उपचार किया जा रहा है। सुबह मामले की जानकारी होने के बाद पुलिस व पशुपालन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मृत गायों का पोस्टमार्टम कराया गया।

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उनके पेट के अंदर निकले चारे का सैंपल लेकर जांच के लिए पानीपत लैब भेजा गया है। वहीं अतिरिक्त निगमायुक्त व उप निगमायुक्त ने टीम के साथ मौके पर जाकर संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। निगमायुक्त ने मौत के कारणों का पता लगाने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। साथ ही संचालक संस्था के प्रबंधक की ओर से घास की आपूर्ति करने वाले ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। 
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जानकारी के अनुसार नगर निगम की इस गोशाला/नंदी ग्राम में कुल करीब 2800 गोवंशीय पशु हैं, जिसमें करीब 750 बछड़े व बैल हैं। जिसकी देखरेख पिछले तीन सालों से बाबा बंसी वाले गोसेवा धाम संस्था कर रही है। संस्था के प्रधान राजेश बंसल के अनुसार वीरवार को करनाल घास मंडी के ठेकेदार महेंद्र सिंह चौहान से 84.40 क्विंटल हरी घास खरीदकर लाई गई थी।
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शेष पशुओं को पहले से मौजूद चारा डाला गया था लेकिन शेड संख्या एक, दो व तीन में मौजूद गायों को हरी घास ही डाली गई थी। जिसे खाने के बाद 45 गायों की मौत हो गई है। जब उन्हें जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी पुलिस और पशु चिकित्सा विभाग को दी। सेक्टर 32-33 थाने के एसएचओ रामपाल व पशु चिकित्सकों की टीम यहां पहुंची।

इधर, गोशाला के चौकीदार जहीर खान ने बताया कि जब मध्यरात्रि को उसने देखा कि गायों की मौत हो रही है तो उसने संस्था प्रबंधक आदि को जानकारी दी थी। हालांकि रात्रि को तात्कालिक तौर पर कुछ नहीं किया गया।

सुबह ही संस्था प्रबंधक राजेश बंसल और बजरंग दल के जिला संयोजक संदीप राणा, पार्षद व आम आदमी पार्टी के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष बलविंद्र सिंह, श्रीराधा कृष्ण गोशाला के सचिव राम स्वरूप पोपड़ा आदि गोशाला पहुंचे। उन्होंने संस्था प्रबंधक पर गायों की देखरेख में बड़ी लापरवाही बरतने और चारे आदि में घोटाला किए जाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।

नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त गौरव कुमार, उप निगमायुक्त अरुण भार्गव आदि मौके पर पहुंचे और संस्था प्रबंधक, कर्मचारियों आदि के बयान दर्ज किए। मृत गायों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें बजरंग दल कार्यकर्ताओं व संस्था के कर्मचारियों के सहयोग से दफना दिया गया है। थाना प्रभारी रामपाल ने बताया कि संबंधित लोगों के बयान लिए गए हैं, रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

गायों की मौत की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित
मृत गायों का पोस्टर्माटम कराकर उन्हें विधिवत तरीके से दफना दिया गया है। वीरवार को जो चारा डाला गया था, उसके सैंपल लेकर पानीपत स्थित हरियाणा टेस्टिंग हाउस की लैब में परीक्षण के लिए भेजा है। 45 गायों की मौत की पुष्टि हुई है और 10 की तबीयत खराब है, उनका पशुपालन विभाग के डॉक्टरों की ओर से उपचार किया जा रहा है। गायों की मौत कैसे हुई इसकी जांच के लिए अतिरिक्त निगमायुक्त गौरव कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो दो दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। इसमें उप निगमायुक्त अरुण भार्गव व मुख्य सफाई निरीक्षक राजेश कुमार को शामिल किया गया है। घास मंडी के आढ़ती महिन्द्र सिंह चौहान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। - अजय सिंह तोमर, निगमायुक्त करनाल 

निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो
बजरंग दल के जिला संयोजक संदीप राणा भी साथियों के साथ गोशाला पहुंचे और एक साथ 45 गायों की मौत में संचालक संस्था और नगर निगम पर गायों की देखरेख में लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गोशाला संचालक संस्था के प्रधान ने स्वयं ही स्वीकार किया है कि हर रोज पांच छह गायों की मौत हो जाती है, आखिर ऐसा क्यों और कैसे हो रहा है। गोशाला में क्षमता कहीं अधिक गायों को रखा गया है। कीचड़ व गोबर में गायों को रखा जा रहा है। इसकी निष्पक्ष तरीके जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। नीलोखेड़ी में भी पिछले साल गायों की मौत हुई थी, जिसमें खाल उतारने वालों द्वारा जहर देकर मारने का मामला सामने आया था।

एक घंटे में ही हो गई सभी 45 गायों की मौत
गोशाला के चौकीदार जहीर खान ने बताया कि हरी घास तो शाम को डाली गई थी लेकिन मध्यरात्रि को अचानक गोशाला में गायों के रंभाने की आवाज सुनी तो देखने पहुंचा। जब तक वह कुछ समझ पाता, तब तक एक घंटे में ही 45 गायों की मौत हो गई। 

घास उठाते ही हाथों में होने लगी थी खुजली
गोशाला में चारा डालने का कार्य करने वाले बेगूसराय (बिहार) के राजू और चित्रकूट (यूपी) के मिथलेश ने बताया कि जब शाम को वह हरी घास डाल रहे थे तो घास को उठाते समय भी उनके हाथ पैरों में तेज खुजली होने लगी थी। शायद घास में ही किसी जहरीली दवा का स्प्रे किया गया होगा। 


हरी घास में जहरीले स्प्रे से मौत की आशंका
गोशाला में 45 गायों की मौत हुई है, आशंका है कि हरी घास में ही किसी जहरीली दवा का स्प्रे किया गया होगा। उनकी संस्था की जिम्मेदारी गायों को चारा आदि की है। यहां वह गाय लाई जाती हैं, जो काफी कमजोर, उम्रदराज होती है, यही कारण है कि हर रोज औसतन पांच छह गायों की मौत हो जाती है। हालांकि पशु चिकित्सक आते हैं, उपचार भी करते हैं। वीरवार को भी महेंद्र सिंह चौहान ठेकेदार से करनाल घास मंडी से ही 84.40 क्विंटल हरी घास खरीदी थी। वह सेवाभाव से कार्य कर रहे हैं। -राजेश बंसल, प्रबंधक बाबा बंसी वाले गोसेवा धाम संस्था करनाल।

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