फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   गोशाला में मृत मिले गोवंश मामले में एसडीएम ने दिए जांच के आदेश

गोशाला में मृत मिले गोवंश मामले में एसडीएम ने दिए जांच के आदेश

Sun, 02 Jun 2019 01:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jun 2019 01:27 AM IST
विज्ञापन
गोशाला में मृत मिले गोवंश मामले में एसडीएम ने दिए जांच के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

असंध (करनाल)। असंध श्री कृष्ण गोशाला में गायों के मरने के मामले में प्रशासन हरकत में आया है। असंध के एसडीएम अनुराग ढालिया ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अब इस मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी गई है। तहसीलदार इस मामले की जांच कर रिपोर्ट एसडीएम को सौंपेगी।
वहीं, असंध निवासी लखविंद्र सिंह ने श्रीकृष्ण गोशाला प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने स्कीम चलाई हुई है, जिसके तहत दुधारू गायों और अन्य गायों का बीमा किया जाता है। गोशाला में सिर्फ कुछ गायों के बीमा किया गया है, लेकिन जब यहां पर गाय मर जाती है तो यहां पर एक डॉक्टर आता है, वह उन मरी हुई गायों के कान पर बीमें की चिट लगा देता है और सरकार से बीमें के पैसे लिए जाते हैं। लखविंद्र सिंह ने दावा है कि एक बार वह यहां पर गाय छोड़ने आया था, उस समय यहां पर एक डॉक्टर था जो मरी हुई गायों के कान पर बीमें का स्टीकर लगा रहा था और बोल रहा था कि अब ये मरी हुई गाय भी 50 हजार रुपये की हो गई है। जब तक गाय का बीमा पास नहीं होता तब तक वह मृत गाय को ऐसे ही खुले में डाल कर रखते हैं। बीमा पास होने के बाद गोशाला के कर्मचारी उसे गड्ढे में डाल देते हैं।
विज्ञापन


किसी अधिकारी ने नहीं किया मौके का दौरा
गाय को माता का दर्जा देने वाली देश व प्रदेश सरकार की तरफ से किसी ने भी असंध गोशाला मुद्दे पर संज्ञान नहीं लिया है। इससे साफ पता चलता है कि सरकार कु नुमाइंदे व प्रशासन के अधिकारी गायों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर कितने गंभीर हैं। एक तरफ भाजपा सरकार के नेता गाय को पालने व गोशाला में सुख सुविधाएं देने की बात करते हैं। वहीं, दूसरी तरफ असंध की इस गोशाला की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक गड्ढे में डाली हुई हैं मरी हुई 60 गाय : कर्मचारी
गोशाला के एक कर्मचारी ने बताया कि जब गाय मर जाती है, तो वह उन गायों को गोशाला में बने गड्ढों में डाल देते हैं। उन्होंने बताया कि इस समय एक एक गड्ढे में पूरी तरह से ऊपर तक भरा हुआ है, जिसमें 50 से 60 मृत गाय डाली हुई हैं। इसके बाद उनके ऊपर लोहे की एक परत को ढक दिया जाता है, ताकि उनकी बदबू बाहर न जा सके। उन्होंने कहा कि वह यह सब गोशाला के मुनीम व प्रधान के कहने पर करते हैं।

सभी आरोप निराधार : प्रधान
इस मामले में गोशाला के प्रधान विष्णु तायल का कहना है कि उनके ऊपर बीमा लेने को लेकर जो आरोप लगाए गए हैं वे सभी निराधार हैं। गोशाला में कई काम ऐसे हैं, जो बिना किसी से चंदा लिए मैंने अपनी जेब से करवाए हैं। मैं प्रधान पद छोड़ने के लिए तैयार हूं, जो भी अच्छा व्यक्ति इस जिम्मेवारी को संभलना चाहे संभाल सकता है। गोशाला प्रधान का कहना है कि इस गोशाला में सरकार की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई सुविधा नहीं दी जा रही है।


मैं छुट्टी पर हूं, तहसीलदार करेंगी मामले की जांच : एसडीएम
इस मामले में जब एसडीएम अनुराग ढालिया से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह 10 जून तक ऑफिशियल छुट्टी पर हैं, उन्हें मीडिया के माध्यम से ही मामले की जानकारी मिली है। मैंने असंध तहसीलदार को मामले की गंभीरता से जांच करने के आदेश दे दिए हैं। यह मामला बहुत ही गंभीर है इस मामले में लापरवाही बरतने वालों किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed