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डस्टबीन खरीदने को लेकर गड़बड़ी के आरोप, सरपंच के खिलाफ प्रदर्शन
Updated Tue, 09 Oct 2018 12:23 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
इंद्री (करनाल)। सोमवार को गांव मुस्सेपुर के ग्रामीणों ने सरपंच कविता रानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासन से कार्यवाही की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच कविता रानी ने डस्टबिन खरीद में पंचायती फंड को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन अधिकारियों ने आज तक सरपंच के खिलाफ कार्यवाही नहीं की है।
ग्रामीणों ने बताया कि खंड इंद्री के गांव मुस्सेपुर की सरपंच कविता रानी ने पंचायती फंड से 40 डस्टबिन खरीदे थे। एक डस्टबिन की कीमत 3600 रुपये भी। इस हिसाब से सरपंच ने 40 डस्टबिनों को 144000 रुपये में खरीदा था। डस्टबिन खरीद में पंचायती फंड के दुरुपयोग की शिकायत ग्रामीण विजेन्द्र ने सीएम विंडो पर की थी। विजेंद्र की शिकायत को आधार मानते हुए तत्कालीन बीडीपीओ इंद्री ने सरपंच कविता रानी को पत्र भेजकर सूचित किया कि आपने डस्टबिन 3600 रुपये के हिसाब से खरीदे हैं, जबकि डस्टबिन का रेट पंचायती राज एसडीओ के पत्र अनुसार 1184.41 रुपये है। इसी प्रकार, 96623 रुपये की राशि के पंचायती फंड का नुकसान किया गया है। इसलिए सरपंच 96623 रुपये की राशि पंचायती फंड में जमा करवाएं। सरपंच द्वारा 96623 रुपये की राशि आज तक भी पंचायती फंड में जमा नहीं करवाई गई है। इस मामले को लेकर सोमवार को गांव मुस्सेपुर के ग्रामीणों ने सरपंच के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासन से सरपंच के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। इस मौके पर विजेंद्र, सोनू, पंकज, सचिन, रवि, जोगिंदर, शिव कुमार, मांगेराम, भारत, निखिल, नवाब सिंह और निर्भय पाल मौजूद थे।
क्या बोले सरपंच व बीडीपीओ
इस बारे में इस मामले में सरपंच कविता रानी के पति रवि दत्त ने फोन पर बताया कि पूर्व बीडीपीओ द्वारा 96623 रुपये की राशि पंचायती फंड में जमा करवाने बारे जो पत्र भेजा गया था, वह बिना जांच किए ही भेज दिया गया था। इसलिए मैंने पंचायती फंड में राशि जमा नहीं करवाई है। दूसरी ओर इंद्री बीडीपीओ अंग्रेज मोर ने बताया कि गांव मुस्सेपुर की सरपंच द्वारा खरीद किए गए डस्टबिनों के मामले की जांच मेरे द्वारा नहीं बल्कि तत्कालीन बीडीपीओ द्वारा की गई थी। मैं इस मामले में खुद जांच करूँगा और उसके बाद ही आगामी कार्यवाही की जाएगी।
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इंद्री (करनाल)। सोमवार को गांव मुस्सेपुर के ग्रामीणों ने सरपंच कविता रानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासन से कार्यवाही की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच कविता रानी ने डस्टबिन खरीद में पंचायती फंड को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन अधिकारियों ने आज तक सरपंच के खिलाफ कार्यवाही नहीं की है।
ग्रामीणों ने बताया कि खंड इंद्री के गांव मुस्सेपुर की सरपंच कविता रानी ने पंचायती फंड से 40 डस्टबिन खरीदे थे। एक डस्टबिन की कीमत 3600 रुपये भी। इस हिसाब से सरपंच ने 40 डस्टबिनों को 144000 रुपये में खरीदा था। डस्टबिन खरीद में पंचायती फंड के दुरुपयोग की शिकायत ग्रामीण विजेन्द्र ने सीएम विंडो पर की थी। विजेंद्र की शिकायत को आधार मानते हुए तत्कालीन बीडीपीओ इंद्री ने सरपंच कविता रानी को पत्र भेजकर सूचित किया कि आपने डस्टबिन 3600 रुपये के हिसाब से खरीदे हैं, जबकि डस्टबिन का रेट पंचायती राज एसडीओ के पत्र अनुसार 1184.41 रुपये है। इसी प्रकार, 96623 रुपये की राशि के पंचायती फंड का नुकसान किया गया है। इसलिए सरपंच 96623 रुपये की राशि पंचायती फंड में जमा करवाएं। सरपंच द्वारा 96623 रुपये की राशि आज तक भी पंचायती फंड में जमा नहीं करवाई गई है। इस मामले को लेकर सोमवार को गांव मुस्सेपुर के ग्रामीणों ने सरपंच के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासन से सरपंच के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। इस मौके पर विजेंद्र, सोनू, पंकज, सचिन, रवि, जोगिंदर, शिव कुमार, मांगेराम, भारत, निखिल, नवाब सिंह और निर्भय पाल मौजूद थे।
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क्या बोले सरपंच व बीडीपीओ
इस बारे में इस मामले में सरपंच कविता रानी के पति रवि दत्त ने फोन पर बताया कि पूर्व बीडीपीओ द्वारा 96623 रुपये की राशि पंचायती फंड में जमा करवाने बारे जो पत्र भेजा गया था, वह बिना जांच किए ही भेज दिया गया था। इसलिए मैंने पंचायती फंड में राशि जमा नहीं करवाई है। दूसरी ओर इंद्री बीडीपीओ अंग्रेज मोर ने बताया कि गांव मुस्सेपुर की सरपंच द्वारा खरीद किए गए डस्टबिनों के मामले की जांच मेरे द्वारा नहीं बल्कि तत्कालीन बीडीपीओ द्वारा की गई थी। मैं इस मामले में खुद जांच करूँगा और उसके बाद ही आगामी कार्यवाही की जाएगी।
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