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सात डिपोधारकों ने 5.77 लाख रुपये में बेचा गरीबों को मिलने वाला आटा
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गरीबों में बांटे जाने वाला 320 क्विंटल 75 किलो फोर्टिफाइड आटा सात डिपोधारक 18 रुपये प्रति किलो के हिसाब से 5 लाख 77 हजार रुपये में आटा चक्की मालिक के पास बेच गए थे। यह खुलासा दो दिन के रिमांड पर पूछताछ के दौरान आटा चक्की मालिक ने किया। मंगलवार को आरोपी चक्की मालिक को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया। अब सीआईए-3 सभी डिपोधारकों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही है।
सीआईए-3 के एएसआई हिम्मत सिंह के अनुसार आटा चक्की मालिक से रिमांड के दौरान पता किया कि उसने ये आटा कब-कहां और किससे खरीदा था। इस पर आटा चक्की मालिक विजय ने बताया कि उसकी दुकान पर कुछ लोग आटा बेचने के लिए आए। उन्होंने 18 रुपये के भाव में आटा बेचना तय किया। इसके बाद वे उसके पास 320 क्विंटल 75 किलो फोर्टिफाइड आटा बेच गए। साथ के साथ पेमेंट भी ले गए। जब उसके गोदाम में पुलिस ने छापेमारी की तो उसे पता चला कि ये तो गरीबों में बांटे जाने वाला डिपोधारकों का आटा है। आटा बेचने वालों में मोहन शर्मा, किशोर शर्मा, अशोक वसीम, विकास तंवर, बलिंद्र, पवन सभी डिपोधारक शामिल रहे।
सबसे ज्यादा किशोर ने 90 क्विंटल आटा बेचा
आरोपी आटा चक्की मालिक विजय के अनुसार डिपोधारक मोहनलाल शर्मा ने 80 क्विंटल, किशोर शर्मा ने 90 क्विंटल, अशोक वसीम ने 30 क्विंटल, विकास तंवर ने 35 क्विंटल, बलबिंद्र ने 20 क्विंटल, पवन कुमार ने 25 क्विंटल आटा बेचा है। सभी डिपोधारक शहर के रहने वाले हैं।
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6415 गरीबों में बांटा जाना था राशन
ओपीएच राशन कार्ड पर प्रति सदस्य को पांच किलो, बीपीएल में प्रति सदस्य को पांच किलो, एएवाई राशन कार्ड पर 35 किलो आटा मिलता है। जो पांच रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से दिया जाता है। प्रति सदस्य को पांच किलो दिए जाने के हिसाब से पकड़ा गया यह आटा करीब 6415 गरीबों में बांटा जाना था।
4 तरह की पैकिंग में 320.75 क्विंटल आटा बरामद
पैकिंग : कट्टे : वजन (किलो)
15 किलो : 101 : 1515
20 किलो : 598 : 11960
25 किलो : 530 : 13250
50 किलो : 107 : 5350
कुल : 1336 : 32075
मिल से सीधे डिपो होल्डर को मिलता है आटा
खाद्य आपूर्ति विभाग हैफेड को हर महीने के राशन के लिए ऑर्डर करता है। हैफेड अपने मिलों से आटा की पिसाई करवाती है। आटा तैयार होने के बाद कान्फेड को सूचित करती है। कान्फेड ट्रांसपोर्ट की जिम्मेदारी को पूरा करते हुए आटा की पैकिंग को मिल से डिपो होल्डर तक पहुंचाती है। इसके बाद डिपो होल्डर उपभोक्ताओं को कार्ड के आधार से वितरित करते हैं।
डीएफएससी की पांच सदस्यीय टीम दो दिन में करेगी जांच
डीएफएससी अनिल कुमार ने बताया कि डीएफएसई सुरेंद्र अरोड़ा के नेतृत्व में दो इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह, इंद्र संधू और दो सब इंस्पेक्टर लोकेश और जितेंद्र कादियान ने शहर के पांच डिपोधारकों के उपभोक्ताओं की फीडबैक ली है। साथ ही सीआईए की रिपोर्ट तैयार है। उनके साथ डिपोधारकों का मिलान किया जाएगा। जो भी डिपोधारक और अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि डिपोधारक को प्रति किलो चार रुपये की दर से आटा दिया जाता है। जिसे उपभोक्ता को पांच रुपए प्रति किलो की दर से बेचा जाता है।
डिपोधारकों ने इस तरह डाला गरीबों के हकों पर डाका
डिपो धारक को प्रति किलो आटा चार रुपये के हिसाब से भेजा जाता है। इसे डिपो धारक पांच रुपये प्रति किलो के हिसाब से उपभोक्ताओं को बेचता है। इस प्रक्रिया में डिपो धारक को एक रुपया प्रति किलो के हिसाब से बचत होती है। लेकिन डिपो धारकों ने इसे पांच रुपये की जगह बाजार में 18 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचकर गरीबों के हकों पर डाला।
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सीआईए-3 के एएसआई हिम्मत सिंह के अनुसार आटा चक्की मालिक से रिमांड के दौरान पता किया कि उसने ये आटा कब-कहां और किससे खरीदा था। इस पर आटा चक्की मालिक विजय ने बताया कि उसकी दुकान पर कुछ लोग आटा बेचने के लिए आए। उन्होंने 18 रुपये के भाव में आटा बेचना तय किया। इसके बाद वे उसके पास 320 क्विंटल 75 किलो फोर्टिफाइड आटा बेच गए। साथ के साथ पेमेंट भी ले गए। जब उसके गोदाम में पुलिस ने छापेमारी की तो उसे पता चला कि ये तो गरीबों में बांटे जाने वाला डिपोधारकों का आटा है। आटा बेचने वालों में मोहन शर्मा, किशोर शर्मा, अशोक वसीम, विकास तंवर, बलिंद्र, पवन सभी डिपोधारक शामिल रहे।
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सबसे ज्यादा किशोर ने 90 क्विंटल आटा बेचा
आरोपी आटा चक्की मालिक विजय के अनुसार डिपोधारक मोहनलाल शर्मा ने 80 क्विंटल, किशोर शर्मा ने 90 क्विंटल, अशोक वसीम ने 30 क्विंटल, विकास तंवर ने 35 क्विंटल, बलबिंद्र ने 20 क्विंटल, पवन कुमार ने 25 क्विंटल आटा बेचा है। सभी डिपोधारक शहर के रहने वाले हैं।
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6415 गरीबों में बांटा जाना था राशन
ओपीएच राशन कार्ड पर प्रति सदस्य को पांच किलो, बीपीएल में प्रति सदस्य को पांच किलो, एएवाई राशन कार्ड पर 35 किलो आटा मिलता है। जो पांच रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से दिया जाता है। प्रति सदस्य को पांच किलो दिए जाने के हिसाब से पकड़ा गया यह आटा करीब 6415 गरीबों में बांटा जाना था।
4 तरह की पैकिंग में 320.75 क्विंटल आटा बरामद
पैकिंग : कट्टे : वजन (किलो)
15 किलो : 101 : 1515
20 किलो : 598 : 11960
25 किलो : 530 : 13250
50 किलो : 107 : 5350
कुल : 1336 : 32075
मिल से सीधे डिपो होल्डर को मिलता है आटा
खाद्य आपूर्ति विभाग हैफेड को हर महीने के राशन के लिए ऑर्डर करता है। हैफेड अपने मिलों से आटा की पिसाई करवाती है। आटा तैयार होने के बाद कान्फेड को सूचित करती है। कान्फेड ट्रांसपोर्ट की जिम्मेदारी को पूरा करते हुए आटा की पैकिंग को मिल से डिपो होल्डर तक पहुंचाती है। इसके बाद डिपो होल्डर उपभोक्ताओं को कार्ड के आधार से वितरित करते हैं।
डीएफएससी की पांच सदस्यीय टीम दो दिन में करेगी जांच
डीएफएससी अनिल कुमार ने बताया कि डीएफएसई सुरेंद्र अरोड़ा के नेतृत्व में दो इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह, इंद्र संधू और दो सब इंस्पेक्टर लोकेश और जितेंद्र कादियान ने शहर के पांच डिपोधारकों के उपभोक्ताओं की फीडबैक ली है। साथ ही सीआईए की रिपोर्ट तैयार है। उनके साथ डिपोधारकों का मिलान किया जाएगा। जो भी डिपोधारक और अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि डिपोधारक को प्रति किलो चार रुपये की दर से आटा दिया जाता है। जिसे उपभोक्ता को पांच रुपए प्रति किलो की दर से बेचा जाता है।
डिपोधारकों ने इस तरह डाला गरीबों के हकों पर डाका
डिपो धारक को प्रति किलो आटा चार रुपये के हिसाब से भेजा जाता है। इसे डिपो धारक पांच रुपये प्रति किलो के हिसाब से उपभोक्ताओं को बेचता है। इस प्रक्रिया में डिपो धारक को एक रुपया प्रति किलो के हिसाब से बचत होती है। लेकिन डिपो धारकों ने इसे पांच रुपये की जगह बाजार में 18 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचकर गरीबों के हकों पर डाला।