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समय पर नहीं लौटा सके कर्ज, 4929 किसान कर्जदार हुए डिफाल्टर
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खेतों में जीतोड़ मेहनत करने वाले किसान समय पर बैंक के कर्ज की अदायगी नहीं कर पा रहे हैं, जिस कारण न केवल एक बैंक की तिजोरी खाली हो चुकी है, बल्कि इसका अब कैसे संचालन किया जाए, इसके लिए भी प्रबंधन चिंतित है। द करनाल जिला प्राथमिक सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (लैंड मोरगेज बैंक) के 5288 किसान कर्जदार हैं। इन किसानों पर इस बैंक की कुल 12077.81 लाख रुपये की अदायगी बकाया है। किसी कारणवश समय पर ऋण की किस्त नहीं दे पाने के कारण 4929 किसान डिफाल्टर की श्रेणी में आ गए।
बैंक से ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, पोल्ट्री फार्म, डेयरी, मछली पालन व मकान बनाने इत्यादि के लिए ऋण लिए गए हैं। नियम यह है कि ऋण लेने के बाद जो किसान बैंक की ओर से निर्धारित समय पर किस्त जमा नहीं करवा पाता वह डिफाल्टर की श्रेणी में आ जाता है। जो कर्जदार समय पर अपनी किस्त जमा करवाते हैं उन्हें ब्याज में कुछ छूट भी मिल जाती है। पिछले वर्ष एकमुश्त ऋण अदायगी करने पर ब्याज माफी की योजना थी। योजना के तहत आधा ब्याज व पेनल्टी माफ थी। करीब 410 किसानों ने इस योजना का लाभ उठाया था। अब इस तरह की कोई योजना नहीं है। संवाद
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सरकार और किसानों से की अपील
जो ऋणी समय पर किस्त भर रहे हैं उनके ब्याज में पांच प्रतिशत की छूट दे रहे हैं। कुछ किसानों के आग्रह पर उन्होंने राज्य सरकार को पत्र भेजा है। अनुरोध किया है कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए एक नई बेहतर मुश्त ऋण निपटान योजना तैयार करवाकर लागू करवाए। इस समय बैंक की तिजोरी खाली है। सरकार ने भी फंड देने से मना कर दिया है। वह किसानों से अपील करते हैं कि यह उनका अपना बैंक है। ऋण पर साधारण ब्याज होता है, इसलिए समय पर ऋण की अदायगी करें।
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- प्रेमचंद गुप्ता, चेयरमैन, द करनाल जिला प्राथमिक सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक
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बैंक से ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, पोल्ट्री फार्म, डेयरी, मछली पालन व मकान बनाने इत्यादि के लिए ऋण लिए गए हैं। नियम यह है कि ऋण लेने के बाद जो किसान बैंक की ओर से निर्धारित समय पर किस्त जमा नहीं करवा पाता वह डिफाल्टर की श्रेणी में आ जाता है। जो कर्जदार समय पर अपनी किस्त जमा करवाते हैं उन्हें ब्याज में कुछ छूट भी मिल जाती है। पिछले वर्ष एकमुश्त ऋण अदायगी करने पर ब्याज माफी की योजना थी। योजना के तहत आधा ब्याज व पेनल्टी माफ थी। करीब 410 किसानों ने इस योजना का लाभ उठाया था। अब इस तरह की कोई योजना नहीं है। संवाद
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सरकार और किसानों से की अपील
जो ऋणी समय पर किस्त भर रहे हैं उनके ब्याज में पांच प्रतिशत की छूट दे रहे हैं। कुछ किसानों के आग्रह पर उन्होंने राज्य सरकार को पत्र भेजा है। अनुरोध किया है कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए एक नई बेहतर मुश्त ऋण निपटान योजना तैयार करवाकर लागू करवाए। इस समय बैंक की तिजोरी खाली है। सरकार ने भी फंड देने से मना कर दिया है। वह किसानों से अपील करते हैं कि यह उनका अपना बैंक है। ऋण पर साधारण ब्याज होता है, इसलिए समय पर ऋण की अदायगी करें।
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- प्रेमचंद गुप्ता, चेयरमैन, द करनाल जिला प्राथमिक सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक