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भ्रष्टाचार का मामला, चार पर गिरी गाज
करनाल/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2015 01:07 AM IST
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भ्रष्टाचार के ताजा दो मामलों में एसपी पंकज नैन ने सख्त रवैया अपनाते हुए
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चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। एक थाना प्रभारी को लाइन हाजिर
किया है, जबकि ईएसआई व राइडर पर तैनात दोनों हवलदारों को सस्पेंड कर दिया
है। इसके अलावा, होमगार्ड के जवान पर कार्रवाई के लिए होमगार्ड विभाग में
पत्र लिख दिया है। उधर, एसपी के सख्त रवैये से विभाग में खलबली मची है।
थानों में बदसलूकी आज भी जारी है। आम से लेकर खास आदमी से थानों में दुर्व्यवहार किया जाता है और लगातार ये मामले सामने आ रहे हैं। आरएसएस के सदस्य ओमप्रकाश के साथ भी ऐसा ही हुआ। उसके साथ न केवल कुंजपुरा थाने में बदतमीजी की गई बल्कि उसको दो जूते इसलिए ज्यादा मारे गए, क्योंकि उसने खुद को आरएसएस का सदस्य बताया था। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया।
एसपी ने मामले पर संज्ञान लेते हुए तुरंत प्रभाव से कुंजपुरा थाना प्रभारी जनक सिंह को लाइन हाजिर, आरोपी ईएसआई राजेंद्र कुंडू को सस्पेंड व होम गार्ड जवान संजय के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिख दिया है। ओमप्रकाश ने शिकायत दी थी कि ईएसआई राजेद्र कुंडू को उसने एक मामले में पंद्रह हजार रुपये नहीं दिए थे।
इस खुन्नस में एक अन्य मामला आते ही पुलिस अधिकारियों ने ओमप्रकाश को हिरासत में लिया। बता दें कि करनाल पुलिस में इस तरह के पहले मामले नहीं हैं। इससे पहले भी भ्रष्टाचार के मामले सामने आ चुके हैं। दो माह पहले एएसपी ने खुद स्टिंग करके पांच पुलिस कर्मचारियों को पशु तस्करी के पैसे लेने के आरोप में पकड़ा था। बड़ा सवाल यह है कि सख्त कार्रवाई के बाद पुलिस कर्मचारी व अधिकारी भ्रष्टाचार से बाहर नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में एसपी पंकज नैन को पुलिस की छवि सुधारने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
पुलिस ने तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की
घरौंडा थाना के 25 नंबर राइडर पर तैनात ईएचसी सतबीर सिंह, ड्राइवर सिपाही नरेंद्र थे। उन्होंने शुक्रवार सुबह घरौंडा थाना की सीमा लांघकर पानीपत एरिया में मिले। इनकी एक युवक द्वारा पैसे लेने की फोटो व्हाट्स एप पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की है। घरौंडा थाना के प्रभारी ललित कुमार द्वारा चेक किया गया। जांच के दौरान पाया कि राईडर नंबर 25 जो कि शहर घरौंडा में तैनात की गई है वह अपने स्थान पर नहीं मिली। इसके बावजूद उसको वाकी-टाकी से कॉल की गई उससे भी संपर्क नहीं हुआ, जो तलाश करने पर उनको गांव कोहंड जिला पानीपत में पाया गया। अधिकारियों के आदेशों की उल्लंघना करने व ड्यूटी में लापरवाही करने पर एसपी ने ईएचसी सतबीर, सिपाही नरेंद्र को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही घरौंडा थाना प्रभारी को नोटिस जारी किया है। बता दें कि इस मामले को भी अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
एसपी बोले, सुधर जाएं, नहीं तो...
एसपी पंकज नैन ने कहा कि किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार व आमजन के साथ पुलिस कर्मचारियों ऐसा रवैया सहन नहीं किया जाएगा। किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया जाए, अगर कोई ऐसा करता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना ही बड़ा हो। हमारा कार्य जनता की सुरक्षा है, न ही उनके साथ मारपीट करने का। बता दें कि एसपी इससे पहले भी राजनीतिक सिफारिश करवाने वाले पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर चुके हैं। इन पुलिस अधिकारियों ने जिले की मलाईदार चौकी, थाना व नाकों पर ड्यूटी लगवाने के लिए राजनीतिक सिफारिश लगवाई थी। फिलहाल एसपी के सख्त रवैये से विभाग के अधिकारियों में खलबली मची हुई है।
थानों में बदसलूकी आज भी जारी है। आम से लेकर खास आदमी से थानों में दुर्व्यवहार किया जाता है और लगातार ये मामले सामने आ रहे हैं। आरएसएस के सदस्य ओमप्रकाश के साथ भी ऐसा ही हुआ। उसके साथ न केवल कुंजपुरा थाने में बदतमीजी की गई बल्कि उसको दो जूते इसलिए ज्यादा मारे गए, क्योंकि उसने खुद को आरएसएस का सदस्य बताया था। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया।
एसपी ने मामले पर संज्ञान लेते हुए तुरंत प्रभाव से कुंजपुरा थाना प्रभारी जनक सिंह को लाइन हाजिर, आरोपी ईएसआई राजेंद्र कुंडू को सस्पेंड व होम गार्ड जवान संजय के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिख दिया है। ओमप्रकाश ने शिकायत दी थी कि ईएसआई राजेद्र कुंडू को उसने एक मामले में पंद्रह हजार रुपये नहीं दिए थे।
इस खुन्नस में एक अन्य मामला आते ही पुलिस अधिकारियों ने ओमप्रकाश को हिरासत में लिया। बता दें कि करनाल पुलिस में इस तरह के पहले मामले नहीं हैं। इससे पहले भी भ्रष्टाचार के मामले सामने आ चुके हैं। दो माह पहले एएसपी ने खुद स्टिंग करके पांच पुलिस कर्मचारियों को पशु तस्करी के पैसे लेने के आरोप में पकड़ा था। बड़ा सवाल यह है कि सख्त कार्रवाई के बाद पुलिस कर्मचारी व अधिकारी भ्रष्टाचार से बाहर नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में एसपी पंकज नैन को पुलिस की छवि सुधारने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
पुलिस ने तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की
घरौंडा थाना के 25 नंबर राइडर पर तैनात ईएचसी सतबीर सिंह, ड्राइवर सिपाही नरेंद्र थे। उन्होंने शुक्रवार सुबह घरौंडा थाना की सीमा लांघकर पानीपत एरिया में मिले। इनकी एक युवक द्वारा पैसे लेने की फोटो व्हाट्स एप पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की है। घरौंडा थाना के प्रभारी ललित कुमार द्वारा चेक किया गया। जांच के दौरान पाया कि राईडर नंबर 25 जो कि शहर घरौंडा में तैनात की गई है वह अपने स्थान पर नहीं मिली। इसके बावजूद उसको वाकी-टाकी से कॉल की गई उससे भी संपर्क नहीं हुआ, जो तलाश करने पर उनको गांव कोहंड जिला पानीपत में पाया गया। अधिकारियों के आदेशों की उल्लंघना करने व ड्यूटी में लापरवाही करने पर एसपी ने ईएचसी सतबीर, सिपाही नरेंद्र को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही घरौंडा थाना प्रभारी को नोटिस जारी किया है। बता दें कि इस मामले को भी अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
एसपी बोले, सुधर जाएं, नहीं तो...
एसपी पंकज नैन ने कहा कि किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार व आमजन के साथ पुलिस कर्मचारियों ऐसा रवैया सहन नहीं किया जाएगा। किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया जाए, अगर कोई ऐसा करता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना ही बड़ा हो। हमारा कार्य जनता की सुरक्षा है, न ही उनके साथ मारपीट करने का। बता दें कि एसपी इससे पहले भी राजनीतिक सिफारिश करवाने वाले पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर चुके हैं। इन पुलिस अधिकारियों ने जिले की मलाईदार चौकी, थाना व नाकों पर ड्यूटी लगवाने के लिए राजनीतिक सिफारिश लगवाई थी। फिलहाल एसपी के सख्त रवैये से विभाग के अधिकारियों में खलबली मची हुई है।