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निर्माण कार्यों की जांच पर भड़के ठेकेदार, विकास कार्य किए ठप

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 10 Mar 2022 01:41 AM IST
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Contractors furious over investigation of construction works, development work stalled
नगर निगम कार्यालय में मेयर रेणू बाला गुप्ता के सामने नाराजगी जताते ठेकेदार।
करनाल। डैफिशिएंट कॉलोनियों सहित शहर के विभिन्न वार्डों और सेक्टरों में चल रहे गलियों के निर्माण, टाइल्स बिछाने, सड़क और भवन निर्माण आदि कार्यों के करीब 72 करोड़ रुपये का भुगतान पिछले डेढ़ महीने से रुकने पर ठेकेदार भड़क गए हैं। करीब साठ से अधिक ठेकेदार एकत्र होकर निगम कार्यालय पहुंचे और महापौर रेणू बाला गुप्ता से मिलकर भुगतान कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम ने निर्माण कार्यों की जांच कराने के नाम पर भुगतान रोका है। कई निर्माण कार्यों में लगी टाइल्स आदि को रिजेक्ट किया जा रहा है। संतोषजनक आश्वासन न मिलने पर ठेकेदारों ने शहर भर में चल रहे निर्माण कार्यों को ठप कर दिया है। जिससे सभी विकास कार्य ठहर गए हैं। इधर, नियमायुक्त नरेश नरवाल ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं किया जाएगा।
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ठेकेदार यूनियन नगर निगम करनाल के प्रधान यशपाल सिंह की अगुवाई में निगम कार्यालय पहुंचे ठेकेदारों ने कहा कि शहर में करीब 50 निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिनका करीब 72 करोड़ रुपये का भुगतान डेढ़ महीने से रोक दिया गया। ठेकेदार मजदूरों व अन्य का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। उनकी टाइल्स आईएसआई मार्क है। एनआईटी कुरुक्षेत्र व नीलोखेड़ी पालिटेक्निक से पास हो चुकी है। अब निगम ने इनकी चेकिंग शुरू कराई है, करीब 20 कार्यों में टाइल्स आदि सामग्री को संदिग्ध बता दिया कुछ को रिजेक्ट कर दिया है, जबकि यह जांच तो पहले की जानी चाहिए। दोबारा चेकिंग कराकर कार्यों को फेल क्यों किया जा रहा है। स्ट्रेंथ एम 40 की होनी चाहिए, लेकिन अब कम बताई जा रही है।
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जांच टीम की गति बेहद शिथिल
ठेकेदार यूनियन के यशपाल सिंह, संजीव चहल आदि ने बताया कि जो टीम जांच के लिए लगाई गई है, वह सप्ताह में दो दिन और एक दिन में सिर्फ तीन साइट की चेकिंग करती है। 80 साइट हैं, जिन्हें चेक करने में तो काफी समय लग जाएगा। ऐसे में समय पर न तो निर्माण कार्य पूरे हो सकेंगे और न ही मजदूरों को व सामग्री वालों को भुगतान मिल पाएगा।
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ठेकेदारों को डरना नहीं चाहिए, कार्य गुणवत्तापरक है तो किसी को भी कोई नुकसान नहीं होगा। अधिशासी अभियंता से इस मामले में दो दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही समस्या का समाधान किया जा सकेगा।

रेणू बाला गुप्ता, महापौर करनाल
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कोई जांच नहीं हो रही है, जो मानीटरिंग कमेटियां बनाई गई हैं, वह मौके पर जाकर कार्य को देखेंगी और उसकी रिपोर्ट उन्हें देंगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर ठेकेदारों का भुगतान किया जाएगा। गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। घटिया गुणवत्ता वाले कार्यो पर कार्रवाई होगी।
-नरेश नरवाल, निगमायुक्त करनाल
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