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कांग्रेस नेता कार्यकर्ताओं को लंगड़ा घोड़ा कह रहे, जनता को क्या प्रेरणा देंगे : मनोहर लाल
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- केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर कसा तंज, बोले-संगठन नहीं बन रहा तो हमें रख लें अपना सलाहकार
फोटो समाचार
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तंज कसा। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को लंगड़ा घोड़ा कहने की बात पर उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को घोड़ों की पहचान ही नहीं है। उन्हें पता नहीं है कि घोड़ों का क्या महत्व होता है, घोड़े कैसे होते हैं। वे घोड़ों का उदाहरण देते हुए अपने ही कार्यकर्ताओं को तुच्छ बोलने लगे हैं, जो अपने ही कार्यकर्ताओं को गलत बोलते हैं वे जनता को क्या प्रेरणा देंगे।
वे रविवार को करनाल पहुंचे थे। कांग्रेस के संगठन और चुनाव में हार के सवाल पर उन्होंने कहा कि नाच न आए, आंगन टेढ़ा। अब कांग्रेस नेताओं को ये तो पता नहीं है कि कैसे पार्टियां चलाई जाती हैं, कैसे चुनाव लड़े जाते हैं, कैसे लोगों को अपने साथ जोड़ा जाता है। इस तरह की कोई रणनीति उनके पास नहीं है। जब चुनाव में कुछ नहीं मिलता तो फिर वे अपनी थाली छोड़कर दूसरे की थाली को देखते हैं। बिना तथ्यों के आरोप लगाने की उनकी व्यवस्था निंदनीय है। अब लोग भी जान चुके हैं कि उनके किसी भी कथन का कोई महत्व नहीं है। कांग्रेस संगठन न बन पाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना अभियान तेज कर दिया है, नतीजा क्या रहता है, इसके बाद ही पता चलेगा। हम उम्मीद करते हैं कि उनकी पार्टी खड़ी हो जाए। मैने तो पहले भी कहा था कि संगठन न खड़ा करना आता हो तो हमारे जैसों को अपना सलाहकार रख लें, हम संगठन खड़ा करवा देंगे।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तंज कसा। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को लंगड़ा घोड़ा कहने की बात पर उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को घोड़ों की पहचान ही नहीं है। उन्हें पता नहीं है कि घोड़ों का क्या महत्व होता है, घोड़े कैसे होते हैं। वे घोड़ों का उदाहरण देते हुए अपने ही कार्यकर्ताओं को तुच्छ बोलने लगे हैं, जो अपने ही कार्यकर्ताओं को गलत बोलते हैं वे जनता को क्या प्रेरणा देंगे।
वे रविवार को करनाल पहुंचे थे। कांग्रेस के संगठन और चुनाव में हार के सवाल पर उन्होंने कहा कि नाच न आए, आंगन टेढ़ा। अब कांग्रेस नेताओं को ये तो पता नहीं है कि कैसे पार्टियां चलाई जाती हैं, कैसे चुनाव लड़े जाते हैं, कैसे लोगों को अपने साथ जोड़ा जाता है। इस तरह की कोई रणनीति उनके पास नहीं है। जब चुनाव में कुछ नहीं मिलता तो फिर वे अपनी थाली छोड़कर दूसरे की थाली को देखते हैं। बिना तथ्यों के आरोप लगाने की उनकी व्यवस्था निंदनीय है। अब लोग भी जान चुके हैं कि उनके किसी भी कथन का कोई महत्व नहीं है। कांग्रेस संगठन न बन पाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना अभियान तेज कर दिया है, नतीजा क्या रहता है, इसके बाद ही पता चलेगा। हम उम्मीद करते हैं कि उनकी पार्टी खड़ी हो जाए। मैने तो पहले भी कहा था कि संगठन न खड़ा करना आता हो तो हमारे जैसों को अपना सलाहकार रख लें, हम संगठन खड़ा करवा देंगे।
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