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कांग्रेस नेता रामकुमार कल्याण को उम्रकैद
करनाल
Updated Tue, 13 May 2014 12:14 AM IST
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शहर में छह साल पहले हाई प्रोफाइल डबल मर्डर केस में कांग्रेस नेता
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रामकुमार कल्याण को अदालत ने सोमवार को आजीवन कारावास और बीस हजार रुपये
जुर्माने की सजा सुनाई है।
फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश अजय कुमार शारदा की अदालत ने सुनाया। तीन दिन पहले इसी अदालत ने कल्याण को हत्या के जुर्म में दोषी करार दिया था। उनकी पत्नी ओमलता को अदालत ने बरी कर दिया था। अदालत में कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों पक्षों के लोग भारी संख्या में मौजूद रहे।
एडवोकेट रणबीर सिंह की बेटी रेणुका की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। 22 अप्रैल 2008 को पारिवारिक झगडे़ में रेणुका के भाई श्रमवीर ने अपनी बहन की ससुराल सेक्टर-14 की कोठी नंबर दो में जीजा नबित की गोली मार कर हत्या कर दी थी। श्रमवीर ने जीजा को गोली मारने के बाद स्वयं भी छाती में गोली मार ली थी।
घटना के समय घर में रेणुका, उसकी सास ओमलता, पति नबित और ससुर कांग्रेस नेता रामकुमार कल्याण थे। रामकुमार कल्याण ने श्रमवीर की गन से ही श्रमवीर को भी गोली मार दी थी और अपनी पुत्रवधु रेणुका को भी गोली मारी थी। हादसे में जीजा-साले की मौत हो गई थी। रेणुका को चिकित्सकों ने उपचार देकर बचाया था।
यह मामला पिछले छह साल से लटका था। पिछले दिनों पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में तय समय में फैसला सुनाने के आदेश दिए थे। इसके बाद मामले में काफी तेजी से काम हुआ। अदालत ने पूरे मामले में गहनता से दोनों पक्षों की गवाही और सबूतों के आधार पर कांग्रेस नेता रामकुमार कल्याण को आजीवन कारावास और बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश अजय कुमार शारदा की अदालत ने सुनाया। तीन दिन पहले इसी अदालत ने कल्याण को हत्या के जुर्म में दोषी करार दिया था। उनकी पत्नी ओमलता को अदालत ने बरी कर दिया था। अदालत में कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों पक्षों के लोग भारी संख्या में मौजूद रहे।
एडवोकेट रणबीर सिंह की बेटी रेणुका की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। 22 अप्रैल 2008 को पारिवारिक झगडे़ में रेणुका के भाई श्रमवीर ने अपनी बहन की ससुराल सेक्टर-14 की कोठी नंबर दो में जीजा नबित की गोली मार कर हत्या कर दी थी। श्रमवीर ने जीजा को गोली मारने के बाद स्वयं भी छाती में गोली मार ली थी।
घटना के समय घर में रेणुका, उसकी सास ओमलता, पति नबित और ससुर कांग्रेस नेता रामकुमार कल्याण थे। रामकुमार कल्याण ने श्रमवीर की गन से ही श्रमवीर को भी गोली मार दी थी और अपनी पुत्रवधु रेणुका को भी गोली मारी थी। हादसे में जीजा-साले की मौत हो गई थी। रेणुका को चिकित्सकों ने उपचार देकर बचाया था।
यह मामला पिछले छह साल से लटका था। पिछले दिनों पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में तय समय में फैसला सुनाने के आदेश दिए थे। इसके बाद मामले में काफी तेजी से काम हुआ। अदालत ने पूरे मामले में गहनता से दोनों पक्षों की गवाही और सबूतों के आधार पर कांग्रेस नेता रामकुमार कल्याण को आजीवन कारावास और बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।