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कांग्रेसियों ने विदेशी कुत्तों के साथ किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल
Updated Tue, 09 Feb 2016 01:33 AM IST
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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम द्वारा कुत्तों की नसबंदी को लेकर करीब 70 लाख रुपये खर्च करने के मामले में निष्पक्ष जांच को लेकर प्रदर्शन किया। सुबह 11 बजे करीब 30 कांग्रेसी कार्यकर्ताओं व नेताओं ने विदेशी नस्ल के कुत्तों के साथ नगर निगम कार्यालय के बाहर पहुंचे। इस दौरान कुत्तों के गले में सरकार विरोधी नारे लिखी पट्टियां भी लगी हुई थी। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के प्रदेश सचिव पंकज पूनिया ने किया।
पंकज पुनिया ने बताया कि करनाल निगम क्षेत्र में पिछले दिनों लगभग सात हजार कुत्तों की नसबंदी करवाने में नगर निगम अधिकारियों द्वारा 70 लाख रुपये खर्च कर दिए। नगर निगम अधिकारियों ने सात हजार कुत्तों की नसबंदी के लिए सवा करोड़ रुपये की मांग और की है। कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं ने मांग की है कि यह बड़ा घोटाला है और उसकी जांच होनी चाहिए, ताकि गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। इस मौके पर कांग्रेस के पूर्व मीडिया सलाहकार जयपाल मान, कृष्ण शर्मा बसताड़ा, अनिल मलिक, डॉ. सुनील पंवार, पूर्व सरंपच कृष्ण कुटेल, परमजीत, रामपाल, गुरपाल, मेवा सिंह, सतिंद्र पूनिया, सत्यवान, मुकेश शर्मा, मोहित, पवन जोगी, राजिंद्र बल्ला, सतेंद्र मान आदि मौजूद रहे। उधर, शहर में भी इस मामले की चर्चा रही कि मामला तो देसी कुत्तों का था, कांग्रेसियों को देसी कुत्ते नहीं मिले और वे अपने पालतू कुत्तों को साथ लेकर आए और प्रदर्शन किया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना हुई है : कृष्ण गर्ग
करनाल। नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग ने कहा है कि आवारा कुत्तों की नसबंदी माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कराई गई है। शहरवासियों को कुत्तों के आतंक से छुटकारा दिलाने के लिए नगर निगम हाउस की मीटिंग में यह एजेंडा पास किया गया था। इस मामले में कोई घोटाला नहीं हुई है, जनता के हित को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया है। घोटालों की जनक रही कांग्रेस सरकार को अब कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है, इसलिए बेवजह इस मामले को तूल दिया जा रहा है। जिन कुत्तों की नसबंदी की जाती है उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाती है और पूरा रिकॉर्ड नगर निगम के पास है। सुप्रीम कोर्ट ने कुत्तों की नसबंदी को लेकर सभी प्रदेश सरकारों को सख्त कदम उठाने को कहा था, जिस पर यह कार्रवाई सभी राज्यों में अमल में लाई जा रही है। इस मामले में एक रुपए का भी घोटाला नहीं हुआ है।
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कांग्रेसियों को अब कुत्तों का सहारा : नवीन
भाजपा के निवर्तमान मीडिया प्रभारी नवीन बतरा ने कुत्तों की नसबंदी पर कांग्रेसियों के प्रदर्शन करने पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि बेचारे कांग्रेसियों के पास अब सिर्फ कुत्तों का ही सहारा रह गया है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल के कुशल नेतृत्व में प्रदेश विकास के कीर्तिमान स्थापित कर रहा है जो कांग्रेसियों को पच नहीं रहे। कांग्रेस के शासनकाल में अनगिनत घोटाले हुए और भ्रष्ट नेताओं को जेल जाना पड़ा, लेकिन जब से देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है एक भी गड़बड़ सामने नहीं आई। अब बौखलाए कांग्रेसी कुत्तों को साथ लेकर प्रदर्शन कर जनता को छलना चाहते हैं, लेकिन जनता उनकी सच्चाई जानती है।
वर्जन
कुत्तों की नसबंदी का फैसला पूरे सदन का है। इस बार भी इस कार्यक्रम को जारी रखने को सदन के पार्षदों ने मुहर लगाई है। किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं है। पूरे खर्च का ब्यौरा है और एक-एक रुपये का हिसाब है। कुछ लोग जानबूझकर इसे मुद्दा बना रहे हैं।
सुमेधा कटारिया, आयुक्त, नगर निगम।
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पंकज पुनिया ने बताया कि करनाल निगम क्षेत्र में पिछले दिनों लगभग सात हजार कुत्तों की नसबंदी करवाने में नगर निगम अधिकारियों द्वारा 70 लाख रुपये खर्च कर दिए। नगर निगम अधिकारियों ने सात हजार कुत्तों की नसबंदी के लिए सवा करोड़ रुपये की मांग और की है। कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं ने मांग की है कि यह बड़ा घोटाला है और उसकी जांच होनी चाहिए, ताकि गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। इस मौके पर कांग्रेस के पूर्व मीडिया सलाहकार जयपाल मान, कृष्ण शर्मा बसताड़ा, अनिल मलिक, डॉ. सुनील पंवार, पूर्व सरंपच कृष्ण कुटेल, परमजीत, रामपाल, गुरपाल, मेवा सिंह, सतिंद्र पूनिया, सत्यवान, मुकेश शर्मा, मोहित, पवन जोगी, राजिंद्र बल्ला, सतेंद्र मान आदि मौजूद रहे। उधर, शहर में भी इस मामले की चर्चा रही कि मामला तो देसी कुत्तों का था, कांग्रेसियों को देसी कुत्ते नहीं मिले और वे अपने पालतू कुत्तों को साथ लेकर आए और प्रदर्शन किया।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना हुई है : कृष्ण गर्ग
करनाल। नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग ने कहा है कि आवारा कुत्तों की नसबंदी माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कराई गई है। शहरवासियों को कुत्तों के आतंक से छुटकारा दिलाने के लिए नगर निगम हाउस की मीटिंग में यह एजेंडा पास किया गया था। इस मामले में कोई घोटाला नहीं हुई है, जनता के हित को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया है। घोटालों की जनक रही कांग्रेस सरकार को अब कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है, इसलिए बेवजह इस मामले को तूल दिया जा रहा है। जिन कुत्तों की नसबंदी की जाती है उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाती है और पूरा रिकॉर्ड नगर निगम के पास है। सुप्रीम कोर्ट ने कुत्तों की नसबंदी को लेकर सभी प्रदेश सरकारों को सख्त कदम उठाने को कहा था, जिस पर यह कार्रवाई सभी राज्यों में अमल में लाई जा रही है। इस मामले में एक रुपए का भी घोटाला नहीं हुआ है।
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कांग्रेसियों को अब कुत्तों का सहारा : नवीन
भाजपा के निवर्तमान मीडिया प्रभारी नवीन बतरा ने कुत्तों की नसबंदी पर कांग्रेसियों के प्रदर्शन करने पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि बेचारे कांग्रेसियों के पास अब सिर्फ कुत्तों का ही सहारा रह गया है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल के कुशल नेतृत्व में प्रदेश विकास के कीर्तिमान स्थापित कर रहा है जो कांग्रेसियों को पच नहीं रहे। कांग्रेस के शासनकाल में अनगिनत घोटाले हुए और भ्रष्ट नेताओं को जेल जाना पड़ा, लेकिन जब से देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है एक भी गड़बड़ सामने नहीं आई। अब बौखलाए कांग्रेसी कुत्तों को साथ लेकर प्रदर्शन कर जनता को छलना चाहते हैं, लेकिन जनता उनकी सच्चाई जानती है।
वर्जन
कुत्तों की नसबंदी का फैसला पूरे सदन का है। इस बार भी इस कार्यक्रम को जारी रखने को सदन के पार्षदों ने मुहर लगाई है। किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं है। पूरे खर्च का ब्यौरा है और एक-एक रुपये का हिसाब है। कुछ लोग जानबूझकर इसे मुद्दा बना रहे हैं।
सुमेधा कटारिया, आयुक्त, नगर निगम।