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कुट्टु के आट्टे की पूड़ी खाने से चार की हालत बिगड़ी
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पहले नवरात्र के व्रत में कुट्टू का आटा खाने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की तबियत बिगड़ गई है। शनिवार को पहला नवरात्र था और परिवार ने रात को कुट्टू के आटे सकी पूड़ी बनाकर खायी थीं। रात को पति-पत्नी और उनके बच्चों को उल्टी-दस्त लग गए। डॉक्टर से पूछकर दवा ली, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा और हालत और बिगड़ती गई और परिवार बेहोश हो गया। जिसके बाद पड़ोसियों ने एंबुलेंस बुलाई और जनसेवा दल के सदस्यों ने सभी को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सभी का इलाज चल रहा है।
महादेव कालोनी निवासी सुशील (40), पत्नी कोमल (32 ), पायल (12) और गुनगुन (14) ने रात करीब आठ से नौ बजे के बीच कुट्टू के आटे से बनी पूड़ी खाकर व्रत खोला था। पायल और गुनगुन ने व्रत रखा था, इस लिए सभी के लिए व्रत का खाना ही बनाया गया। इस दौरान पांच वर्षीय बेटा लक्ष्य सो गया था, उसने पूड़ी नहीं खाई थी। कॉलोनी में एक दुकान से सुशील कुट्टू का आटा लेकर आया था। रात करीब दो बजे पहले पायल और गुनगुन की तबीयत बिगड़ी। उन्हें उल्टी होना शुरू हो गया, इसके साथ ही दस्त भी होने लगे। दंपति ने पास ही एक डॉक्टर से दवा लेकर दी, लेेकिन कोई आराम नहीं मिला। हालत ज्यादा बिगड़ने पर पड़ोसियों को बुलाया, इतने में लक्ष्य को छोड़कर परिवार के सभी सदस्य बेहोश हो गए। इस दौरान पड़ोसियों ने फोन करके द्वारा जनसेवा दल एंबुलेंस मंगवाली और उन्हें सिविल अस्पताल में लेकर गए। जन सेवा दल के सदस्य चमन लाल गुलाटी ने बताया कि उनके पास रविवार को सूचना आई थी, जिसके बाद वह तुरंत एंबुलेंस लेकर मौके पर पहुंचे और सभी सदस्यों को एंबुलेंस से सामान्य अस्पताल लेकर आए।
सुशील ने बताया कि वह पैरालाइज है, जिस वजह से काम नहीं कर सकते हैं। वह किरयाणा की दुकान चलाता हैं, दुकान से ही बच्चों की फीस और घर खर्च निकालता है। बताया कि सब्जी मंडी स्थित हॉलसेल की दुकान से सामान मंगवाया था, जिसमे कुट्टू का आट्टा भी आया था। उसे नहीं पता था आट्टा उनके लिए मुसीबत बन जाएगा।
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सुशील का आरोप है कि हर साल नया कुट्टू का आट्टा मार्केट में आता है, वहीं चक्की पर नया आट्टा बिकता है, लेकिन कई बार नवरात्र के अंत में जो आट्टा बच जाता है, दुकानदार उसको बचाकर रख देता हैं। उसे अगले साल आने वाले नवरात्र में लोगों को बेचा जाता है। दुकानदार ने उन्हें भी पिछले साल का आट्टा दे दिया है।
सैंपल लिए जा रहे हैं : सीएमओ
महादेव कालोनी में जिस दुकान से आटा लिया गया था, उसके यहां से सैंपल लेने का निर्देश दे दिया गया है। इसके साथ ही अन्य दुकानों में भी कुट्टू के आटे का सैंपल लेने का निर्देेश दिया गया है।
- डॉ. संतलाल वर्मा, सीएमओ।
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महादेव कालोनी निवासी सुशील (40), पत्नी कोमल (32 ), पायल (12) और गुनगुन (14) ने रात करीब आठ से नौ बजे के बीच कुट्टू के आटे से बनी पूड़ी खाकर व्रत खोला था। पायल और गुनगुन ने व्रत रखा था, इस लिए सभी के लिए व्रत का खाना ही बनाया गया। इस दौरान पांच वर्षीय बेटा लक्ष्य सो गया था, उसने पूड़ी नहीं खाई थी। कॉलोनी में एक दुकान से सुशील कुट्टू का आटा लेकर आया था। रात करीब दो बजे पहले पायल और गुनगुन की तबीयत बिगड़ी। उन्हें उल्टी होना शुरू हो गया, इसके साथ ही दस्त भी होने लगे। दंपति ने पास ही एक डॉक्टर से दवा लेकर दी, लेेकिन कोई आराम नहीं मिला। हालत ज्यादा बिगड़ने पर पड़ोसियों को बुलाया, इतने में लक्ष्य को छोड़कर परिवार के सभी सदस्य बेहोश हो गए। इस दौरान पड़ोसियों ने फोन करके द्वारा जनसेवा दल एंबुलेंस मंगवाली और उन्हें सिविल अस्पताल में लेकर गए। जन सेवा दल के सदस्य चमन लाल गुलाटी ने बताया कि उनके पास रविवार को सूचना आई थी, जिसके बाद वह तुरंत एंबुलेंस लेकर मौके पर पहुंचे और सभी सदस्यों को एंबुलेंस से सामान्य अस्पताल लेकर आए।
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सुशील ने बताया कि वह पैरालाइज है, जिस वजह से काम नहीं कर सकते हैं। वह किरयाणा की दुकान चलाता हैं, दुकान से ही बच्चों की फीस और घर खर्च निकालता है। बताया कि सब्जी मंडी स्थित हॉलसेल की दुकान से सामान मंगवाया था, जिसमे कुट्टू का आट्टा भी आया था। उसे नहीं पता था आट्टा उनके लिए मुसीबत बन जाएगा।
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सुशील का आरोप है कि हर साल नया कुट्टू का आट्टा मार्केट में आता है, वहीं चक्की पर नया आट्टा बिकता है, लेकिन कई बार नवरात्र के अंत में जो आट्टा बच जाता है, दुकानदार उसको बचाकर रख देता हैं। उसे अगले साल आने वाले नवरात्र में लोगों को बेचा जाता है। दुकानदार ने उन्हें भी पिछले साल का आट्टा दे दिया है।
सैंपल लिए जा रहे हैं : सीएमओ
महादेव कालोनी में जिस दुकान से आटा लिया गया था, उसके यहां से सैंपल लेने का निर्देश दे दिया गया है। इसके साथ ही अन्य दुकानों में भी कुट्टू के आटे का सैंपल लेने का निर्देेश दिया गया है।
- डॉ. संतलाल वर्मा, सीएमओ।