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हिंदी भाषा के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध : डॉ. राधेश्याम
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खालसा कॉलेज में हुई हिंदी साहित्य भारती हरियाणा करनाल जनपद की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। गुरु नानक खालसा कॉलेज के सभागार में डॉ. राधेश्याम शर्मा पूर्व कुलपति, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा व गुरु जम्मेश्वर तकनीकी विश्वविद्यालय हिसार के मार्गदर्शन में खालसा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गुरिंद्र सिंह की अध्यक्षता में हिंदी साहित्य भारती हरियाणा करनाल जनपद (ईकाई) की बैठक हुई। जिसमें हिंदी प्रेमी, शिक्षक एवं साहित्यकारों ने सहभागिता की।
डॉ. राधेश्याम शर्मा ने सर्वप्रथम अपनी बात रखते हुए नई शिक्षा नीति 2020 पर चर्चा की। उन्होंने भारतीय भाषाओं विशेष तौर से हिंदी के भविष्य पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हम हिंदी भाषा के संवर्धन एवं उत्थान के लिए संकल्पित एवं प्रतिबद्ध हैं। प्राचार्य डॉ. गुरिंद्र सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 से हिंदी, पंजाबी व संस्कृत पर असर पड़ सकता है। हमें नई शिक्षा नीति 2020 पर विशेष तौर पर भाषा के संदर्भ में विचार करने की आवश्यकता है। दयाल सिंह कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. रणधीर सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के द्वारा भारतीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन एवं उत्थान के लिए प्रभावी प्रावधानों को स्थापित करने की नितांत आवश्यकता है ताकि भविष्य में भाषाई संकट न हो। मौके पर डॉ. बलबीर सिंह, डॉ. बीर सिंह, डॉ. देवी भूषण, डॉ. जय कुमार व डॉ. दीपक शर्मा मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। गुरु नानक खालसा कॉलेज के सभागार में डॉ. राधेश्याम शर्मा पूर्व कुलपति, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा व गुरु जम्मेश्वर तकनीकी विश्वविद्यालय हिसार के मार्गदर्शन में खालसा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गुरिंद्र सिंह की अध्यक्षता में हिंदी साहित्य भारती हरियाणा करनाल जनपद (ईकाई) की बैठक हुई। जिसमें हिंदी प्रेमी, शिक्षक एवं साहित्यकारों ने सहभागिता की।
डॉ. राधेश्याम शर्मा ने सर्वप्रथम अपनी बात रखते हुए नई शिक्षा नीति 2020 पर चर्चा की। उन्होंने भारतीय भाषाओं विशेष तौर से हिंदी के भविष्य पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हम हिंदी भाषा के संवर्धन एवं उत्थान के लिए संकल्पित एवं प्रतिबद्ध हैं। प्राचार्य डॉ. गुरिंद्र सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 से हिंदी, पंजाबी व संस्कृत पर असर पड़ सकता है। हमें नई शिक्षा नीति 2020 पर विशेष तौर पर भाषा के संदर्भ में विचार करने की आवश्यकता है। दयाल सिंह कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. रणधीर सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के द्वारा भारतीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन एवं उत्थान के लिए प्रभावी प्रावधानों को स्थापित करने की नितांत आवश्यकता है ताकि भविष्य में भाषाई संकट न हो। मौके पर डॉ. बलबीर सिंह, डॉ. बीर सिंह, डॉ. देवी भूषण, डॉ. जय कुमार व डॉ. दीपक शर्मा मौजूद रहे।
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