फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   colony, illegal colony, municipal corporation, Secretariat, entered Naka, karnal

कॉलोनियां वैध कराने को निकाला जुलूस, नाका हटा सचिवालय में घुसे

Fri, 04 Nov 2016 12:19 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला Updated Fri, 04 Nov 2016 12:19 AM IST
विज्ञापन
colony, illegal colony, municipal corporation, Secretariat, entered Naka, karnal
कॉलोनियां वैध कराने को निकाला जुलूस - फोटो : अमर उजाला

करनाल शहर की अवैध कॉलोनियों को पक्का करवाने की मांग को लेकर पिछले एक माह से नगर निगम में चल रहे धरने ने वीरवार को उग्र रूप धारण कर लिया। अवैध कॉलोनीवासी सुबह के समय नगर निगम कार्यालय में रणनीति बनाकर दोपहर को शहर में जुलूस निकालते हुए जिला सचिवालय पहुंचे। यहां पर पुलिस ने बेरिकेटस लगाकर उन्हें रोकना का प्रयास किया, लेकिन गुस्साई भीड़ ने बेरिकेट्स हटा दिए और लघु सचिवालय के बंद दरवाजे को खुलवाकर अंदर घुस गई। लघु सचिवालय में करीब एक घंटे तक सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलनकारियों ने सचिवालय परिसर में जमकर बवाल काटा और काफी तनावपूर्ण माहौल में सीटीएम को मांगों का ज्ञापन सौंपा। बता दें कि सुबह 12.30 बजे अवैध कॉलोनी निवासी नगर निगम में एकजुट हुए और वहां से जुलूस की शक्ल में लघु सचिवालय पहुंचे।

विज्ञापन


डीसी को बुलाने पर अड़ी रही महिलाएं
इसी दौरान प्रदर्शनकारियों व पुलिस में नोकझोंक बढ़ गई। अवैध कॉलोनी की महिलाएं डीसी मंदीप सिंह बराड़ को ज्ञापन देने के लिए अड़ी रही, लेकिन डीसी के यहां न होने के कारण काफी देर बाद संघर्ष समिति के चेयरमैन वार्ड एक के पार्षद राकेश कुमार उर्फ बाघ सिंह और प्रधान बीर सिंह लाठर ने सीटीएम सुधांशु गौतम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सीटीएम ने वीरवार को ही सीएम तक ज्ञापन पहुंचाने का आश्वासन दिया। शहर की 66 कॉलोनियों को वैध करवाने के लिए अवैध कॉलोनी जागरूक संघर्ष समिति के बैनर तले लोगों ने शहर में से प्रदर्शन कर विरोध जताया।
विज्ञापन


वैध कराकर ही लेंगे दम : बाघ सिंह
इसी दौरान समिति के चेयरमैन पार्षद राकेश कुमार उर्फ बाघ सिंह ने कहा कि वह कॉलोनियों को पक्का करवाने की मांग को लेकर 3 से 28 अक्तूबर तक निगम में प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद थी कि स्वर्ण जयंती उत्सव पर सीएम कॉलोनियों को वैध करने की घोषणा करेंगे। लेकिन वह 1 नवंबर को पूरा दिन टीवी के सामने बैठे रहे, लेकिन सीएम ने कोई भी घोषणा नहीं की। इससे लोगों में भारी रोष है। समिति के प्रधान बीर सिंह लाठर ने कहा कि चुनाव के दौरान भी सीएम मनोहर लाल ने घोषणा की थी कि सरकार बनने के बाद पहली कलम से सभी अवैध कॉलोनियों को पक्का कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेकिन सरकार के दो वर्ष पूर्ण हो जाने के बाद भी शहर की 66 कॉलोनियों के लोगों को दयनीय जीवन जीने पर मजबूर होना पड़ रहा। प्रदर्शन के दौरान बीर सिंह, भीम सिंह, रवि भाटिया, महाबीर मान, राजिंद्र आर्य, बिमला रानी, सतपाल राणा, चेतन आनंद, भीम सिंह, भूपेंद्र नौताना, सुमन, प्रोमिला देवी, लक्ष्मी, पूनम, संतोष, राजदुलारी, कौशल्या, रितु, आशा, कांता, सुनीता सहित 47 कॉलोनियों के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। प्रदर्शन कर रही बिमला, सुमन, राजदुलारी, प्रोमिला देवी, सुमन, रीतू और पूनम ने कहा कि सरकार ने स्वर्ण जयंती के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए। लेकिन गंदगी भरी कॉलोनियों में जीवन व्यतीत करने वाली जनता की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।

प्रदर्शन के कारण शहर में लगता रहा जाम
दोपहर को अवैध कॉलोनियों के सैकड़ों लोगों ने मांगों को लेकर निगम कार्यालय से सचिवालय पहुंचे। इसी दौरान जहां से भी प्रदर्शनकारी गुजरे वहीं जाम लगता रहा। शहर में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी निगम कार्यालय से बस स्टैंड के सामने रोड से कमेटी चौक, नेहरू पैलेस चौक से कुंजपुरा रोड होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे।


हर रोज भूख हड़ताल पर डटेंगे सात लोग  
समिति के चेयरमैन पार्षद राकेश कुमार बाघ सिंह ने कहा कि शुक्रवार से प्रतिदिन सात आदमी जिला सचिवालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक शहर की सभी अवैध कॉलोनियों को पक्का नहीं किया जाता तब तक उनकी यह भूख हड़ताल निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान कुछ भी हुआ उसकी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed