कॉलोनियां वैध कराने को निकाला जुलूस, नाका हटा सचिवालय में घुसे
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करनाल शहर की अवैध कॉलोनियों को पक्का करवाने की मांग को लेकर पिछले एक माह से नगर निगम में चल रहे धरने ने वीरवार को उग्र रूप धारण कर लिया। अवैध कॉलोनीवासी सुबह के समय नगर निगम कार्यालय में रणनीति बनाकर दोपहर को शहर में जुलूस निकालते हुए जिला सचिवालय पहुंचे। यहां पर पुलिस ने बेरिकेटस लगाकर उन्हें रोकना का प्रयास किया, लेकिन गुस्साई भीड़ ने बेरिकेट्स हटा दिए और लघु सचिवालय के बंद दरवाजे को खुलवाकर अंदर घुस गई। लघु सचिवालय में करीब एक घंटे तक सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलनकारियों ने सचिवालय परिसर में जमकर बवाल काटा और काफी तनावपूर्ण माहौल में सीटीएम को मांगों का ज्ञापन सौंपा। बता दें कि सुबह 12.30 बजे अवैध कॉलोनी निवासी नगर निगम में एकजुट हुए और वहां से जुलूस की शक्ल में लघु सचिवालय पहुंचे।
डीसी को बुलाने पर अड़ी रही महिलाएं
इसी दौरान प्रदर्शनकारियों व पुलिस में नोकझोंक बढ़ गई। अवैध कॉलोनी की महिलाएं डीसी मंदीप सिंह बराड़ को ज्ञापन देने के लिए अड़ी रही, लेकिन डीसी के यहां न होने के कारण काफी देर बाद संघर्ष समिति के चेयरमैन वार्ड एक के पार्षद राकेश कुमार उर्फ बाघ सिंह और प्रधान बीर सिंह लाठर ने सीटीएम सुधांशु गौतम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सीटीएम ने वीरवार को ही सीएम तक ज्ञापन पहुंचाने का आश्वासन दिया। शहर की 66 कॉलोनियों को वैध करवाने के लिए अवैध कॉलोनी जागरूक संघर्ष समिति के बैनर तले लोगों ने शहर में से प्रदर्शन कर विरोध जताया।
वैध कराकर ही लेंगे दम : बाघ सिंह
इसी दौरान समिति के चेयरमैन पार्षद राकेश कुमार उर्फ बाघ सिंह ने कहा कि वह कॉलोनियों को पक्का करवाने की मांग को लेकर 3 से 28 अक्तूबर तक निगम में प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद थी कि स्वर्ण जयंती उत्सव पर सीएम कॉलोनियों को वैध करने की घोषणा करेंगे। लेकिन वह 1 नवंबर को पूरा दिन टीवी के सामने बैठे रहे, लेकिन सीएम ने कोई भी घोषणा नहीं की। इससे लोगों में भारी रोष है। समिति के प्रधान बीर सिंह लाठर ने कहा कि चुनाव के दौरान भी सीएम मनोहर लाल ने घोषणा की थी कि सरकार बनने के बाद पहली कलम से सभी अवैध कॉलोनियों को पक्का कर दिया जाएगा।
लेकिन सरकार के दो वर्ष पूर्ण हो जाने के बाद भी शहर की 66 कॉलोनियों के लोगों को दयनीय जीवन जीने पर मजबूर होना पड़ रहा। प्रदर्शन के दौरान बीर सिंह, भीम सिंह, रवि भाटिया, महाबीर मान, राजिंद्र आर्य, बिमला रानी, सतपाल राणा, चेतन आनंद, भीम सिंह, भूपेंद्र नौताना, सुमन, प्रोमिला देवी, लक्ष्मी, पूनम, संतोष, राजदुलारी, कौशल्या, रितु, आशा, कांता, सुनीता सहित 47 कॉलोनियों के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। प्रदर्शन कर रही बिमला, सुमन, राजदुलारी, प्रोमिला देवी, सुमन, रीतू और पूनम ने कहा कि सरकार ने स्वर्ण जयंती के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए। लेकिन गंदगी भरी कॉलोनियों में जीवन व्यतीत करने वाली जनता की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
प्रदर्शन के कारण शहर में लगता रहा जाम
दोपहर को अवैध कॉलोनियों के सैकड़ों लोगों ने मांगों को लेकर निगम कार्यालय से सचिवालय पहुंचे। इसी दौरान जहां से भी प्रदर्शनकारी गुजरे वहीं जाम लगता रहा। शहर में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी निगम कार्यालय से बस स्टैंड के सामने रोड से कमेटी चौक, नेहरू पैलेस चौक से कुंजपुरा रोड होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे।
हर रोज भूख हड़ताल पर डटेंगे सात लोग
समिति के चेयरमैन पार्षद राकेश कुमार बाघ सिंह ने कहा कि शुक्रवार से प्रतिदिन सात आदमी जिला सचिवालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक शहर की सभी अवैध कॉलोनियों को पक्का नहीं किया जाता तब तक उनकी यह भूख हड़ताल निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान कुछ भी हुआ उसकी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी।