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पार्षदों की सीएम से बैठक, न पानी मिला और न ही आश्वासन, मिली बस चेतावनी व नसीहत
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
Updated Tue, 18 Oct 2016 12:50 AM IST
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पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ बैठक करने को आतुर नगर निगम के पार्षद उत्साह और जोश के लिए पहुंचे। सीएम के साथ बैठक करने की खुशी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे समय से पहले ही रेस्ट हाउस पहुंच गए। हालांकि, जितने उत्साह के साथ वे अंदर गए थे, उससे ज्यादा उदासी लेकर वे बाहर आए। करीब एक घंटे तक चली बैठक में न तो किसी ने पानी को पूछा, पार्षदों ने जो मांगें न ही सीएम ने उन पर कोई आश्वासन दिया। बल्कि एक घंटे तक पार्षदों की जमकर खिंचाई की और नसीहत और चेतावनी तक डे डाली। इतना ही नहीं, पार्षदों के स्थान पर चौधरी बनकर गए उनके परिवारवालों को भी सीएम ने लताड़ दिया और साफ कहा कि आगे ऐसा नहीं चलेगा। बैठक से बाहर निकलते पार्षद माथे से पसीना पोछते हुए निकले।
दरअसल, सीएम शहर के विकास कार्यों को लेकर निगम पार्षदों से मिलना चाह रहे थे। इसको लेकर सुबह 11 बजे पार्षदों के साथ एक बैठक रखी गई। हालांकि, इसमें भाजपा समर्थित पार्षदों को ही बुलाया गया था। सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग को छोड़कर मेयर समेत कुल 11 पार्षद बैठक में मौजूद रहे। सीएम ने बैठक शुरू करने से पहले ही पार्षदों के स्थान पर आए हुए उनके परिवारवालों से पूछा पार्षद कहां हैं? पार्षदों की जगह वे बैठक में क्यों आए हैं? इस पर पार्षद परिवारवालों की सिटी पिट्टी गुम हो गई, जैसे ही वे सफाई देने लगे तो सीएम ने हड़का दिया और साफ किया कि आगे से किसी पार्षद के रिशतेदार को बैठक के अंदर नहीं आने दिया जाएगा।
अब तुम्हें चौधर भी चाहिए
बैठक के अंदर मौजूद सूत्रों का दावा है कि मुख्यमंत्री ने पार्षदों की समस्याएं जाननी शुरू की, जैसे-जैसे पार्षद समस्याएं गिनाते गए और सीएम उनकी मांगों को नकारते रहे। पार्षद बलविंद्र सिंह व सुदर्शन कालड़ा ने पार्षदों को दस हजार रुपये तक खर्च करने की पावर देने की मांग उठाई। पार्षदों का तर्क था कि वार्ड में कोई गड्डा हो जाता है तो वे भरवा नहीं सकते हैं, ठेकेदार सुनता नहीं है और वे काम करा नहीं सकते हैं, लिहाजा लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इसका कड़ा जवाब देते हुए सीएम कहा कि अब तुम्हें चौधर चाहिए? इस मांग को सीएम ने इंकार कर दिया।
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नहीं बढ़ेगा मानदेय
सोनिया पंडित ने कहा कि पार्षदों का मानदेय बढ़ना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानदेय तो सम्मान के लिए हैं। लोग तो एक रुपये के मानदेय पर काम कर लेते हैं। उनकी मांग भी खारिज कर दी गई। इसके बाद पार्षदों के चेहरे लटक गए और बैठक में अन्य पार्षदों ने अपने अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाने की कोशिश की, लेकिन कुछ समस्याओं पर सीएम ने सहमति जताई, जबकि ज्यादातर पार्षदों की मांगों पर कोई जवाब ही नहीं दिया।
करनाल के लिए स्पेशल कुछ नहीं
सूत्रों ने बताया कि पार्षदों ने अवैध कालोनियों को वैध करने और वहां विकास कराने की मांग की तो सीएम ने कहा कि ये पूरे हरियाणा का मसला है। करनाल के लिए स्पेशल कुछ नहीं किया जा सकता है। इसके लिए पहले सरकार कुछ पैसा जमा कराएगी और कुछ पैसे डेवलपमेंट के लिए कालोनियों से भरवाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं।
निगम की बैठक ही रद करें फिर?
सीएम ने बैठक के दौरान पार्षदों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि आप लोग निगम की बैठक को हाईजैक कर लेते हो और बैठक चलते ही नहीं देते, हंगामा करते हो बस। सीएम ने कहा कि अगर बैठक नहीं करके हंगामा ही करना है तो इन बैठकों की जरूरत ही क्या है? आप चाहे तो इन बैठकों को ही रद्द कर देते हैं? इस पर पार्षदों के पास कोई जवाब नहीं था और पार्षद चुपचाप सीएम की बात सुनते रहे। हालांकि, एक पार्षद ने कहा कि निगम के हक की बात करते हैं, न की निजी। कुछ देर के लिए सीएम ने उनकी बहस भी हुई। हालांकि, सीएम किसी जवाब से संतुष्ट नहीं हुए।
ये रहे मौजूद
वार्ड नंबर 2 से बलविंद्र सिंह, वार्ड चार से सुजाता अरोड़ा के देवर मुकेश अरोड़ा, वार्ड 5 से कमलेश लाठर व उनके पति रोहताश लाठर, वार्ड आठ से सुदर्शन कालड़ा, वार्ड दस से सोनिया पंडित, वार्ड 12 से मेयर रेणु बाला गुप्ता, वार्ड 13 से सुदेश गुलाटी, वार्ड 16 रामचंद्र काला, वार्ड 17 से शीला देवी के पति बलबीर सिंह, वार्ड 18 से बिट्टू वहीं, वार्ड 19 से भगवानदास अग्गी मौजूद रहे। नाम न छापने की शर्त पर कुछ पार्षदों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पूरी बैठक के दौरान किसी ने उनको पानी तक नहीं पूछा और उनकी एक भी बात नहीं मानी गई। बैठक में डीसी मनदीप सिंह, निगम आयुक्त डा. आदित्य दहिया, एडीसी डा. प्रियंका सोनी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इनको लगाई झाड़
इस बैठक में पूर्व पार्षद एवं पार्षद कुमुद बाला के ससुर भगवान दास अघी, पार्षद डि पल रानी के पति बिटु, पार्षद सुजाता अरोड़ा के देवर मुकेश अरोड़ा, पार्षद सुदेश गुलाटी के पुत्र ईश गुलाटी तथा पार्षद शीला रानी के पति बलबीर सिंह को मुख्यमंत्री ने जम कर झाड़ लगाई। साथ ही आगाह किया कि आगे से निगम की बैठक या फिर अन्य पार्षदों को ही भेजें।
महिलाएं बोली, सीएम साहब यहां मच्छर बहुत हैं, सीएम बोले, सफाई किया करो
सोमवार को सीएम कड़े मूड में थे। सुबह रामनगर स्थित अपने आवास पर पहुंचे और आसपास के लोगों से भी बात की। इस दौरान कुछ महिलाओं ने कहा कि सीएम साहब यहां पर मच्छर बहुत हैं, फोगिंग करा दो। इस पर सीएम ने तपाक से जवाब दिया कि जहां गंदगी होगी, वहां मच्छर होंगे, इसलिए अपने घरों के सामने सफाई किया करो, सारा काम सरकार के भरोसे मत छोड़ा करो। इस पर महिलाएं चुपचाप अपना सा मुंह लेकर चली गई।
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दरअसल, सीएम शहर के विकास कार्यों को लेकर निगम पार्षदों से मिलना चाह रहे थे। इसको लेकर सुबह 11 बजे पार्षदों के साथ एक बैठक रखी गई। हालांकि, इसमें भाजपा समर्थित पार्षदों को ही बुलाया गया था। सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग को छोड़कर मेयर समेत कुल 11 पार्षद बैठक में मौजूद रहे। सीएम ने बैठक शुरू करने से पहले ही पार्षदों के स्थान पर आए हुए उनके परिवारवालों से पूछा पार्षद कहां हैं? पार्षदों की जगह वे बैठक में क्यों आए हैं? इस पर पार्षद परिवारवालों की सिटी पिट्टी गुम हो गई, जैसे ही वे सफाई देने लगे तो सीएम ने हड़का दिया और साफ किया कि आगे से किसी पार्षद के रिशतेदार को बैठक के अंदर नहीं आने दिया जाएगा।
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अब तुम्हें चौधर भी चाहिए
बैठक के अंदर मौजूद सूत्रों का दावा है कि मुख्यमंत्री ने पार्षदों की समस्याएं जाननी शुरू की, जैसे-जैसे पार्षद समस्याएं गिनाते गए और सीएम उनकी मांगों को नकारते रहे। पार्षद बलविंद्र सिंह व सुदर्शन कालड़ा ने पार्षदों को दस हजार रुपये तक खर्च करने की पावर देने की मांग उठाई। पार्षदों का तर्क था कि वार्ड में कोई गड्डा हो जाता है तो वे भरवा नहीं सकते हैं, ठेकेदार सुनता नहीं है और वे काम करा नहीं सकते हैं, लिहाजा लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इसका कड़ा जवाब देते हुए सीएम कहा कि अब तुम्हें चौधर चाहिए? इस मांग को सीएम ने इंकार कर दिया।
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नहीं बढ़ेगा मानदेय
सोनिया पंडित ने कहा कि पार्षदों का मानदेय बढ़ना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानदेय तो सम्मान के लिए हैं। लोग तो एक रुपये के मानदेय पर काम कर लेते हैं। उनकी मांग भी खारिज कर दी गई। इसके बाद पार्षदों के चेहरे लटक गए और बैठक में अन्य पार्षदों ने अपने अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाने की कोशिश की, लेकिन कुछ समस्याओं पर सीएम ने सहमति जताई, जबकि ज्यादातर पार्षदों की मांगों पर कोई जवाब ही नहीं दिया।
करनाल के लिए स्पेशल कुछ नहीं
सूत्रों ने बताया कि पार्षदों ने अवैध कालोनियों को वैध करने और वहां विकास कराने की मांग की तो सीएम ने कहा कि ये पूरे हरियाणा का मसला है। करनाल के लिए स्पेशल कुछ नहीं किया जा सकता है। इसके लिए पहले सरकार कुछ पैसा जमा कराएगी और कुछ पैसे डेवलपमेंट के लिए कालोनियों से भरवाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं।
निगम की बैठक ही रद करें फिर?
सीएम ने बैठक के दौरान पार्षदों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि आप लोग निगम की बैठक को हाईजैक कर लेते हो और बैठक चलते ही नहीं देते, हंगामा करते हो बस। सीएम ने कहा कि अगर बैठक नहीं करके हंगामा ही करना है तो इन बैठकों की जरूरत ही क्या है? आप चाहे तो इन बैठकों को ही रद्द कर देते हैं? इस पर पार्षदों के पास कोई जवाब नहीं था और पार्षद चुपचाप सीएम की बात सुनते रहे। हालांकि, एक पार्षद ने कहा कि निगम के हक की बात करते हैं, न की निजी। कुछ देर के लिए सीएम ने उनकी बहस भी हुई। हालांकि, सीएम किसी जवाब से संतुष्ट नहीं हुए।
ये रहे मौजूद
वार्ड नंबर 2 से बलविंद्र सिंह, वार्ड चार से सुजाता अरोड़ा के देवर मुकेश अरोड़ा, वार्ड 5 से कमलेश लाठर व उनके पति रोहताश लाठर, वार्ड आठ से सुदर्शन कालड़ा, वार्ड दस से सोनिया पंडित, वार्ड 12 से मेयर रेणु बाला गुप्ता, वार्ड 13 से सुदेश गुलाटी, वार्ड 16 रामचंद्र काला, वार्ड 17 से शीला देवी के पति बलबीर सिंह, वार्ड 18 से बिट्टू वहीं, वार्ड 19 से भगवानदास अग्गी मौजूद रहे। नाम न छापने की शर्त पर कुछ पार्षदों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पूरी बैठक के दौरान किसी ने उनको पानी तक नहीं पूछा और उनकी एक भी बात नहीं मानी गई। बैठक में डीसी मनदीप सिंह, निगम आयुक्त डा. आदित्य दहिया, एडीसी डा. प्रियंका सोनी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इनको लगाई झाड़
इस बैठक में पूर्व पार्षद एवं पार्षद कुमुद बाला के ससुर भगवान दास अघी, पार्षद डि पल रानी के पति बिटु, पार्षद सुजाता अरोड़ा के देवर मुकेश अरोड़ा, पार्षद सुदेश गुलाटी के पुत्र ईश गुलाटी तथा पार्षद शीला रानी के पति बलबीर सिंह को मुख्यमंत्री ने जम कर झाड़ लगाई। साथ ही आगाह किया कि आगे से निगम की बैठक या फिर अन्य पार्षदों को ही भेजें।
महिलाएं बोली, सीएम साहब यहां मच्छर बहुत हैं, सीएम बोले, सफाई किया करो
सोमवार को सीएम कड़े मूड में थे। सुबह रामनगर स्थित अपने आवास पर पहुंचे और आसपास के लोगों से भी बात की। इस दौरान कुछ महिलाओं ने कहा कि सीएम साहब यहां पर मच्छर बहुत हैं, फोगिंग करा दो। इस पर सीएम ने तपाक से जवाब दिया कि जहां गंदगी होगी, वहां मच्छर होंगे, इसलिए अपने घरों के सामने सफाई किया करो, सारा काम सरकार के भरोसे मत छोड़ा करो। इस पर महिलाएं चुपचाप अपना सा मुंह लेकर चली गई।