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Karnal News: सिविल अस्पताल के करोड़ों की परियोजना अटकी
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- एचएसवीपी अब तक 10 एकड़ जमीन की कीमत नहीं कर पाया तय, अत्याधुनिक सुविधाओं के लिए मरीजों को करना होगा इंतजार
अनुज शर्मा
करनाल। जिला नागरिक अस्पताल में अत्याधुनिक सुविधाओं के लिए मरीजों को अभी इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि अभी तक स्वास्थ्य विभाग और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के बीच जमीन की कीमत को लेकर पेंच फंसा हुआ है। जिससे करोड़ों से बनने वाले नए भवन के निर्माण का कार्य अटक गया है।
एचएसवीपी की ओर से करीब एक माह पहले अपने पंचकूला कार्यालय में जमीन की कीमत तय करने के लिए पत्र भेजा गया था लेकिन पंचकूला कार्यालय की ओर से अभी तक स्वास्थ्य विभाग को जमीन की कीमत नहीं बताई गई है। नागरिक अस्पताल कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन में चल रहा है। वहीं जिला सिविल सर्जन कार्यालय भी किराए के भवन में चल रहा है।
ऐसे में इस पुराने नागरिक अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं देना स्वास्थ्य विभाग के लिए मुश्किल है। नया अस्पताल भवन न बनने के कारण पुराने अस्पताल में मरीजों को न तो मॉड्यूल ओटी की सुविधा मिल पा रही है और न ही कैथ लैब शुरू हो पाई है। ऐसे में मरीजों को बड़े ऑपरेशनों के लिए निजी अस्पतालों या अन्य जिलों के अस्पतालों की का रुख करना पड़ रहा है। संवाद
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वर्ष 2021 से फाइलों में घूम रही परियोजना
सेक्टर-32 में बनने वाले नागरिक अस्पताल के नए भवन की घोषणा वर्ष 2017 में की गई थी। वर्ष 2021 में फाइलों का दौर शुरू हुआ जो अभी तक घूम रहा है। 23 नवंबर 2021 को सेक्टर-32 में 13 एकड़ भूमि अलाॅट की गई थी और उसकी कीमत 84 करोड़ 17 लाख 45 हजार 600 रुपए स्वास्थ्य विभाग को बता भी दी गई थी। जिसके बाद हाई वोल्टेज बिजली लाइन का पेंच फंस गया। उसके बाद दोबारा जगह तलाशने का काम शुरू हुआ और 16 नवंबर 2022 को 10 एकड़ जमीन तलाशी गई। जिस पर नया भवन बनना तय हुआ लेकिन अभी तक कीमत तय न होने के कारण भवन का निर्माण कार्य अटका है। उपायुक्त के निर्देश पर गठित कमेटी में केसीजीएमसी के निदेशक, डॉ. गौरव कंबोज, सिविल सर्जन, उप-सिविल सर्जन रविंद्र संधू, एचएसवीपी के अधीक्षक अभियंता धर्मवीर सिंह व करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं।
नए भवन में मिलनी थी ये सुविधाएं
नया नागरिक अस्पताल सेक्टर-32 में 10 एकड़ में बनाया जाना है। यह 200 बेड का होगा लेकिन प्रयोग के समय इसकी क्षमता 300 बेड तक हो सकती है। इसमें इंडोर व आउटडोर रोगियों के लिए सभी मल्टी स्पेशलाइज्ड सुविधाएं होंगी। नए अस्पताल में मल्टी स्पेशलिटी सुविधाएं दी जाएंगी। इनमें एमरजेंसी ब्लॉक, ओपीडी ब्लॉक, मातृत्व एवं शिशु वार्ड, महिला रोग यानि गायनी वार्ड, गर्भाशय और प्रसव के बाद बच्चे की देखभाल, सेंट्रल लैब, एक्स-रे रूम, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन व एमआरआई, ब्लड बैंक, आईसीयू, कार्डिक पेशेंट्स के लिए कैथ लैब और डायलिसिस की भी सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा मेडिकल वार्ड, सर्जरी, ऑर्थो, ईएनटी. मनोरोग विशेषज्ञ, नशा मुक्ति केंद्र व कोविड से प्रभावित रोगियों का अलग से आईसोलेशन वार्ड होगा। भू-तल पर पार्किंग, पंप रूम, फिजियोथैरेपी, एसी प्लांट और फार्मासिस्ट के स्टोर रहेंगे। बिल्डिंग का डिजाइन तीन अलग-अलग ब्लॉक में तैयार किया गया है।
नागरिक अस्पताल के नए भवन की फाइल एचएसवीपी की ओर से पंचकूला मुख्यालय में करीब एक माह पहले भेजी थी। जिसमें प्रक्रिया चल रही है। अभी फिलहाल प्रदेश में आचार संहिता लगी है। ऐसे में चुनाव समाप्त होने के बाद ही जमीन की कीमत स्वास्थ्य विभाग को बताई जा सकती है।
धर्मवीर सिंह, अधीक्षक अभियंता, एचएसवीपी, करनाल
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अनुज शर्मा
करनाल। जिला नागरिक अस्पताल में अत्याधुनिक सुविधाओं के लिए मरीजों को अभी इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि अभी तक स्वास्थ्य विभाग और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के बीच जमीन की कीमत को लेकर पेंच फंसा हुआ है। जिससे करोड़ों से बनने वाले नए भवन के निर्माण का कार्य अटक गया है।
एचएसवीपी की ओर से करीब एक माह पहले अपने पंचकूला कार्यालय में जमीन की कीमत तय करने के लिए पत्र भेजा गया था लेकिन पंचकूला कार्यालय की ओर से अभी तक स्वास्थ्य विभाग को जमीन की कीमत नहीं बताई गई है। नागरिक अस्पताल कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन में चल रहा है। वहीं जिला सिविल सर्जन कार्यालय भी किराए के भवन में चल रहा है।
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ऐसे में इस पुराने नागरिक अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं देना स्वास्थ्य विभाग के लिए मुश्किल है। नया अस्पताल भवन न बनने के कारण पुराने अस्पताल में मरीजों को न तो मॉड्यूल ओटी की सुविधा मिल पा रही है और न ही कैथ लैब शुरू हो पाई है। ऐसे में मरीजों को बड़े ऑपरेशनों के लिए निजी अस्पतालों या अन्य जिलों के अस्पतालों की का रुख करना पड़ रहा है। संवाद
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वर्ष 2021 से फाइलों में घूम रही परियोजना
सेक्टर-32 में बनने वाले नागरिक अस्पताल के नए भवन की घोषणा वर्ष 2017 में की गई थी। वर्ष 2021 में फाइलों का दौर शुरू हुआ जो अभी तक घूम रहा है। 23 नवंबर 2021 को सेक्टर-32 में 13 एकड़ भूमि अलाॅट की गई थी और उसकी कीमत 84 करोड़ 17 लाख 45 हजार 600 रुपए स्वास्थ्य विभाग को बता भी दी गई थी। जिसके बाद हाई वोल्टेज बिजली लाइन का पेंच फंस गया। उसके बाद दोबारा जगह तलाशने का काम शुरू हुआ और 16 नवंबर 2022 को 10 एकड़ जमीन तलाशी गई। जिस पर नया भवन बनना तय हुआ लेकिन अभी तक कीमत तय न होने के कारण भवन का निर्माण कार्य अटका है। उपायुक्त के निर्देश पर गठित कमेटी में केसीजीएमसी के निदेशक, डॉ. गौरव कंबोज, सिविल सर्जन, उप-सिविल सर्जन रविंद्र संधू, एचएसवीपी के अधीक्षक अभियंता धर्मवीर सिंह व करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं।
नए भवन में मिलनी थी ये सुविधाएं
नया नागरिक अस्पताल सेक्टर-32 में 10 एकड़ में बनाया जाना है। यह 200 बेड का होगा लेकिन प्रयोग के समय इसकी क्षमता 300 बेड तक हो सकती है। इसमें इंडोर व आउटडोर रोगियों के लिए सभी मल्टी स्पेशलाइज्ड सुविधाएं होंगी। नए अस्पताल में मल्टी स्पेशलिटी सुविधाएं दी जाएंगी। इनमें एमरजेंसी ब्लॉक, ओपीडी ब्लॉक, मातृत्व एवं शिशु वार्ड, महिला रोग यानि गायनी वार्ड, गर्भाशय और प्रसव के बाद बच्चे की देखभाल, सेंट्रल लैब, एक्स-रे रूम, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन व एमआरआई, ब्लड बैंक, आईसीयू, कार्डिक पेशेंट्स के लिए कैथ लैब और डायलिसिस की भी सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा मेडिकल वार्ड, सर्जरी, ऑर्थो, ईएनटी. मनोरोग विशेषज्ञ, नशा मुक्ति केंद्र व कोविड से प्रभावित रोगियों का अलग से आईसोलेशन वार्ड होगा। भू-तल पर पार्किंग, पंप रूम, फिजियोथैरेपी, एसी प्लांट और फार्मासिस्ट के स्टोर रहेंगे। बिल्डिंग का डिजाइन तीन अलग-अलग ब्लॉक में तैयार किया गया है।
नागरिक अस्पताल के नए भवन की फाइल एचएसवीपी की ओर से पंचकूला मुख्यालय में करीब एक माह पहले भेजी थी। जिसमें प्रक्रिया चल रही है। अभी फिलहाल प्रदेश में आचार संहिता लगी है। ऐसे में चुनाव समाप्त होने के बाद ही जमीन की कीमत स्वास्थ्य विभाग को बताई जा सकती है।
धर्मवीर सिंह, अधीक्षक अभियंता, एचएसवीपी, करनाल