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ग्राहक की बाइक को लेकर व्यापारी व सिटी थाना प्रभारी हुये आमने सामने
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महाशिवरात्रि को लेकर निकाली जाने वाली कलश यात्रा के लिए बाजारों में खड़े वाहन को हटाने को लेकर व्यापारियों और थाना प्रभारी में विवाद हो गया। तू-तू मैं-मैं और नोंक-झोंक से शुरू हुआ विवाद दो-दो हाथ तक पहुंच गया। व्यापारियों ने विरोध किया तो सिटी थाना प्रभारी हरजिंद्र सिंह ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ज्यादा हवा लेने की जरूरत नहीं है, दो मिनट में निकाल दूंगा। इतना सुनते ही व्यापारी भी आग बबूला हो गये। गुस्साए व्यापारियों ने विरोधस्वरूप दुकानें बंद कर दी। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक थाना प्रभारी आकर माफी नहीं मांगेंगे बाजार नहीं खुलेगा। करीब दो घंटे तक बाजार में हंगामा और व्यापारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान व्यापारियों ने सिटी थाना प्रभारी के खिलाफ नारेबाजी करते हुये सीएम को काले झंडे दिखाने की बात कही तो प्रशासन में हड़कंप मच गया और इस मामले को शांत करने के लिये एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक और डीएसपी विरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे, उन्होंने व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन व्यापारी एक ही बात पर अड़े रहे कि थाना प्रभारी यहीं आकर उनसे माफी मांगे तभी वह दुकानें खोलेंगे। करीब आधा घंटे तक दोनों पक्षों की बैठक हुई। व्यापारियों का कहना है कि थाना प्रभारी के माफी मांगने के बाद उन्होंने विरोध वापस ले लिया, हालांकि प्रशासनिक व आधिकारिक तौर पर इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई है। घटनाक्रम सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला।
ऐसे शुरू हुई नोकझोंक
व्यापार मंडल के सचिव विनोद गुप्ता ने बताया कि गुरुवार को सिटी थाना पुलिस ने घोषणा की थी कि बाजार में कोई भी दुकानदार अपने वाहनों को दुकान के सामने खड़ा नहीं करेगा। इसके बाद शुक्रवार सुबह किसी दुकानदार ने अपने वाहनों को दुकान के आगे खड़ा नहीं किया। करीब 11 बजे एक ग्राहक बाइक खड़ी करके सामान लेने लगा तो पुलिस कर्मचारी वहां पहुंच गये और चालान काटने लगे। जब व्यापारियों ने चालान काटने से मना किया तो उस पुलिस कर्मचारी ने सिटी थाना प्रभारी हरजिंद्र सिंह को मौके पर बुला लिया। तब व्यापारियों ने कहा कि आप ग्राहकों के ऐसे चालान करेंगे तो ग्राहक दुकान पर कैसे आयेंगे? आरोप है कि इसके बाद थाना प्रभारी ने धमकी दी कि ज्यादा हवा लेने की जरूरत नहीं है, नहीं तो हवा निकाल दूंगा। इस बात से व्यापारियों का पारा चढ़ गया और उन्होंने दुकानों का शटर बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
व्यापारियों ने सिटी थाना प्रभारी पर आरोप लगाया था कि थाना प्रभारी ने दुर्व्यवहार किया है, दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाया गया तो सारा विवाद खत्म हो गया। दोनों पक्षों में कुछ गलतफहमी थी, जिन्हें दूर कर लिया गया है। माफी मांगने की कोई बात नहीं है, पुलिस व्यापारियों की सुविधा के लिए ही है। वाहनों को महाशिवरात्रि के लिए हटाया जा रहा था, जिसे लेकर विवाद हुआ। -वीरेंद्र सिंह, डीएसपी हेड क्वार्टर, करनाल।
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ऐसे शुरू हुई नोकझोंक
व्यापार मंडल के सचिव विनोद गुप्ता ने बताया कि गुरुवार को सिटी थाना पुलिस ने घोषणा की थी कि बाजार में कोई भी दुकानदार अपने वाहनों को दुकान के सामने खड़ा नहीं करेगा। इसके बाद शुक्रवार सुबह किसी दुकानदार ने अपने वाहनों को दुकान के आगे खड़ा नहीं किया। करीब 11 बजे एक ग्राहक बाइक खड़ी करके सामान लेने लगा तो पुलिस कर्मचारी वहां पहुंच गये और चालान काटने लगे। जब व्यापारियों ने चालान काटने से मना किया तो उस पुलिस कर्मचारी ने सिटी थाना प्रभारी हरजिंद्र सिंह को मौके पर बुला लिया। तब व्यापारियों ने कहा कि आप ग्राहकों के ऐसे चालान करेंगे तो ग्राहक दुकान पर कैसे आयेंगे? आरोप है कि इसके बाद थाना प्रभारी ने धमकी दी कि ज्यादा हवा लेने की जरूरत नहीं है, नहीं तो हवा निकाल दूंगा। इस बात से व्यापारियों का पारा चढ़ गया और उन्होंने दुकानों का शटर बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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व्यापारियों ने सिटी थाना प्रभारी पर आरोप लगाया था कि थाना प्रभारी ने दुर्व्यवहार किया है, दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाया गया तो सारा विवाद खत्म हो गया। दोनों पक्षों में कुछ गलतफहमी थी, जिन्हें दूर कर लिया गया है। माफी मांगने की कोई बात नहीं है, पुलिस व्यापारियों की सुविधा के लिए ही है। वाहनों को महाशिवरात्रि के लिए हटाया जा रहा था, जिसे लेकर विवाद हुआ। -वीरेंद्र सिंह, डीएसपी हेड क्वार्टर, करनाल।
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