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यहां अपने ही माता-पिता की प्रताड़ना का शिकार हो रहा बचपन
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सोनाली शर्मा
करनाल। बचपन प्रताड़ित हो रहा है। बच्चों को प्रताड़ित करने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कहीं सौतेली मां की बातों में आकर पिता द्वारा बच्ची से दुर्व्यवहार किया जा रहा था तो कहीं शराब के नशे में पिता अपने ही बेटे से रोज मारपीट करता था। वहीं एक दंपती के अलग होने पर पिता बच्चे को जबरन अपने साथ ले जाना चाहता था। बच्चे के इनकार करने पर उससे मारपीट का भी मामला सामने आया है। जबकि बच्चा अपने दादा-दादी के साथ रहना चाहता था। प्रताड़ित बच्चों ने छिपकर चाइल्ड हेल्पलाइन में शिकायत की तो उन्हें संरक्षण प्रदान किया गया। पिछले तीन माह में चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट ने करीब 48 बच्चों को संरक्षण प्रदान किया है।
केस 1
एक 14 वर्षीय बच्ची ने हेल्पलाइन पर शिकायत दी कि उसे माता-पिता द्वारा मारा-पीटा जाता है। यूनिट ने बच्ची का पता कर उसके माता-पिता को पूछताछ के लिए सदर थाने बुलाया। काउंसलिंग के दौरान बच्चे के शरीर पर कई जगह जलने के निशान पाए गए। यह भी पता लगा कि सौतेली मां की बातों में आकर बच्ची के साथ दुर्व्यवहार किया जाता था। बच्ची को न्याय दिलाने के लिए बाल कल्याण समिति में पेश कर संरक्षण दिलाया गया।
केस 2
शाहपुर गांव निवासी 13 वर्षीय बच्चे ने रात को चाइल्ड लाइन को शिकायत दी कि उसके पिता द्वारा उसे मारा-पीटा गया है। वह रोज शराब के नशे में मारपीट करते हैं। सुबह होते ही यूनिट के सदस्य बच्चे के गांव पहुंचे। गांव के सरपंच के साथ मिलकर जांच की। बच्चे को कई चोटें आई थी। पिता को बच्चे से दूर रहने की हिदायत दी गई। उसके बाद सरपंच से लगातार मामले की जानकारी ली गई तो सब कुछ ठीक पाया गया।
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केस 3
जलमाना निवासी 16 वर्षीय किशोर ने चाइल्ड लाइन को शिकायत दी कि उसके माता-पिता अलग हो गए हैं। पिता उसे अपने साथ लेकर जाना चाहते हैं। लेकिन वह दादा-दादी के पास ही रहना चाहता है। पिता द्वारा उसके साथ कई बार जोर-जबरदस्ती और मारपीट भी की गई। यह शिकायत मिलते ही चाइल्ड लाइन यूनिट ने बच्चे के गांव पहुंचकर सरपंच के साथ मिलकर मामले की पड़ताल की और पिता को समझाया कि वह बच्चे को दादा-दादी के साथ ही रहने दे। एक सप्ताह से बच्चे के बारे में जानकारी ली जा रही है और वह सुरक्षित है।
उपरोक्त मामलों में मौके पर जाकर बच्चों को संरक्षण दिया गया है। चाइल्ड लाइन बच्चों की मदद के लिए सदैव कार्यरत है। समाज का कर्तव्य है कि हर बच्चे को इसकी जानकारी हो। उन्हें 1098 के बारे में बताएं ताकि प्रताड़ित होने पर वह शिकायत दे सकें।
-शोभा कुमारी, चाइल्ड लाइन कोर्डिनेटर
1098 पर संपर्क कर करें बच्चों की सहायता
कोई भी बच्चा आपातकालीन सहायता प्राप्त करने के लिए 1098 टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर सकता है। बच्चे के गुम होने, कठिन परिस्थितियों में सुरक्षा की आवश्यकता, शारीरिक शोषण और ट्रफिकिंग की शिकायत के लिए कोई भी इस नंबर पर संपर्क कर सकता है। चाइल्ड लाइन 24 घंटे चलने वाली मुफ्त आपातकालीन सेवा है। संवाद
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करनाल। बचपन प्रताड़ित हो रहा है। बच्चों को प्रताड़ित करने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कहीं सौतेली मां की बातों में आकर पिता द्वारा बच्ची से दुर्व्यवहार किया जा रहा था तो कहीं शराब के नशे में पिता अपने ही बेटे से रोज मारपीट करता था। वहीं एक दंपती के अलग होने पर पिता बच्चे को जबरन अपने साथ ले जाना चाहता था। बच्चे के इनकार करने पर उससे मारपीट का भी मामला सामने आया है। जबकि बच्चा अपने दादा-दादी के साथ रहना चाहता था। प्रताड़ित बच्चों ने छिपकर चाइल्ड हेल्पलाइन में शिकायत की तो उन्हें संरक्षण प्रदान किया गया। पिछले तीन माह में चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट ने करीब 48 बच्चों को संरक्षण प्रदान किया है।
केस 1
एक 14 वर्षीय बच्ची ने हेल्पलाइन पर शिकायत दी कि उसे माता-पिता द्वारा मारा-पीटा जाता है। यूनिट ने बच्ची का पता कर उसके माता-पिता को पूछताछ के लिए सदर थाने बुलाया। काउंसलिंग के दौरान बच्चे के शरीर पर कई जगह जलने के निशान पाए गए। यह भी पता लगा कि सौतेली मां की बातों में आकर बच्ची के साथ दुर्व्यवहार किया जाता था। बच्ची को न्याय दिलाने के लिए बाल कल्याण समिति में पेश कर संरक्षण दिलाया गया।
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केस 2
शाहपुर गांव निवासी 13 वर्षीय बच्चे ने रात को चाइल्ड लाइन को शिकायत दी कि उसके पिता द्वारा उसे मारा-पीटा गया है। वह रोज शराब के नशे में मारपीट करते हैं। सुबह होते ही यूनिट के सदस्य बच्चे के गांव पहुंचे। गांव के सरपंच के साथ मिलकर जांच की। बच्चे को कई चोटें आई थी। पिता को बच्चे से दूर रहने की हिदायत दी गई। उसके बाद सरपंच से लगातार मामले की जानकारी ली गई तो सब कुछ ठीक पाया गया।
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केस 3
जलमाना निवासी 16 वर्षीय किशोर ने चाइल्ड लाइन को शिकायत दी कि उसके माता-पिता अलग हो गए हैं। पिता उसे अपने साथ लेकर जाना चाहते हैं। लेकिन वह दादा-दादी के पास ही रहना चाहता है। पिता द्वारा उसके साथ कई बार जोर-जबरदस्ती और मारपीट भी की गई। यह शिकायत मिलते ही चाइल्ड लाइन यूनिट ने बच्चे के गांव पहुंचकर सरपंच के साथ मिलकर मामले की पड़ताल की और पिता को समझाया कि वह बच्चे को दादा-दादी के साथ ही रहने दे। एक सप्ताह से बच्चे के बारे में जानकारी ली जा रही है और वह सुरक्षित है।
उपरोक्त मामलों में मौके पर जाकर बच्चों को संरक्षण दिया गया है। चाइल्ड लाइन बच्चों की मदद के लिए सदैव कार्यरत है। समाज का कर्तव्य है कि हर बच्चे को इसकी जानकारी हो। उन्हें 1098 के बारे में बताएं ताकि प्रताड़ित होने पर वह शिकायत दे सकें।
-शोभा कुमारी, चाइल्ड लाइन कोर्डिनेटर
1098 पर संपर्क कर करें बच्चों की सहायता
कोई भी बच्चा आपातकालीन सहायता प्राप्त करने के लिए 1098 टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर सकता है। बच्चे के गुम होने, कठिन परिस्थितियों में सुरक्षा की आवश्यकता, शारीरिक शोषण और ट्रफिकिंग की शिकायत के लिए कोई भी इस नंबर पर संपर्क कर सकता है। चाइल्ड लाइन 24 घंटे चलने वाली मुफ्त आपातकालीन सेवा है। संवाद