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Karnal News: रसायन में अभिक्रिया ने उलझाया, अकाउंट्स में बैलेंस शीट बनी चुनौती
Tue, 10 Mar 2026 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 10 Mar 2026 12:59 AM IST
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परीक्षा देकर निकलते विद्यार्थी
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। हरियाणा शिक्षा बोर्ड के 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की सोमवार को अकाउंट्स और रसायन विज्ञान विषय की परीक्षा हुई। परीक्षा देकर लौटे विद्यार्थियों ने बताया कि रसायन विज्ञान की परीक्षा में अभिक्रिया से आधारित प्रश्नों ने काफी उलझाया, वहीं अकाउंट्स में बैलेंस शीट और समायोजन से जुड़े प्रश्नों ने विद्यार्थियों के लिए चुनौती खड़ी की। हालांकि कुछ विद्यार्थियों का कहना है कि जिन्होंने अच्छी तैयारी की थी, उनके लिए पेपर हल करना ज्यादा मुश्किल नहीं रहा।
सेक्टर-13 के बलदेव जन सेवा दल विद्यालय से परीक्षा देकर लौटते विद्यार्थियों ने बताया कि पेपर में अधिकांश प्रश्न पाठ्यक्रम के अनुसार ही थे लेकिन कार्बनिक और अकार्बनिक के कुछ रिएक्शन आधारित प्रश्न ऐसे थे जिनमें काफी सोचने की जरूरत पड़ी। कई प्रश्न सीधे याद किए हुए रिएक्शन पर आधारित थे, जबकि कुछ में रिएक्शन का पूरा मैकेनिज्म समझना जरूरी था।
अकाउंट्स की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों ने बताया कि पेपर में कई प्रश्न सीधे पाठ्यक्रम से थे, लेकिन कुछ सवाल ऐसे भी थे जिनमें बैलेंस शीट तैयार करने के लिए कई एडजस्टमेंट दिए गए थे। इन एडजस्टमेंट को समझ कर सही तरीके से बैलेंस शीट बनाना कई विद्यार्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। पार्टनरशिप और कंपनी अकाउंट से जुड़े प्रश्न भी पूछे गए थे। कुछ प्रश्नों में लंबी गणना करनी पड़ी, जिससे समय की कमी काफी महसूस हुई।
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बैलेंस शीट बनाने में लगा समय
अंकिता ने बताया कि अकाउंट्स का पेपर मध्यम स्तर का था। ज्यादातर प्रश्न पाठ्यक्रम से ही थे लेकिन बैलेंस शीट बनाने वाले प्रश्न में कई एडजस्टमेंट दिए गए थे। उन्हें सही तरीके से लगाना थोड़ा मुश्किल लगा। कुछ प्रश्नों में ज्यादा गणना अधिक करनी पड़ी, जिससे समय कम पड़ गया।
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न्यूमेरिकल आधारित प्रश्न ठीक रहे
प्राची ने बताया कि पेपर थोड़ा कठिन लगा। खासकर ऑर्गेनिक के रिएक्शन और उनके मैकेनिज्म से जुड़े प्रश्नों में काफी सोचना पड़ा। हालांकि न्यूमेरिकल वाले प्रश्न ठीक थे और उन्हें हल करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। जिन्होंने कॉन्सेप्ट समझकर पढ़ाई की होगी उनके लिए पेपर आसान रहा होगा।
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विकल्प में आए प्रश्न रहे आसान
वाणी ने बताया कि अकाउंट्स की परीक्षा में थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों प्रकार के प्रश्न सही थे लेकिन विकल्प में एक-एक मुश्किल तो एक-एक आसान प्रश्न आया था जिनमें अगर किसी को एक प्रश्न नहीं आता था तो वह विकल्प में आया दूसरा प्रश्न आसानी से कर सकता था।
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प्रेक्टिकल के प्रश्नों को हल करने में लगा समय
गरिमा ने बताया कि अकाउंट्स का पेपर ठीक रहा। थ्योरी के प्रश्न काफी आसान थे, लेकिन कंपनी अकाउंट और पार्टनरशिप से जुड़े कुछ प्रश्न थोड़े उलझाने वाले थे। बैलेंस शीट में कई एडजस्टमेंट दिए गए थे, जिन्हें समझने में समय लगा। अगर प्रेक्टिस ज्यादा होती तो पेपर और जल्दी पूरा हो जाता।
सीबीएसई : गणित की परीक्षा में करनी पड़ी विस्तृत गणना
करनाल। सीबीएसई की 12वीं कक्षा की गणित विषय की परीक्षा हुई। परीक्षार्थियों ने बताया कि पेपर का स्तर थोड़ा कठिन रहा। कई छात्रों के अनुसार पेपर में कॉन्सेप्ट आधारित प्रश्न ज्यादा थे, जिनमें एक के बाद एक को हल करना जरूरी था। विद्यार्थियों ने बताया कि कैलकुलस, डिफरेंटशिएशन और इंटीग्रेशन से जुड़े प्रश्न अधिक पूछे गए थे। कुछ प्रश्न ऐसे भी थे जिनमें लंबी गणना करनी पड़ी। छात्र विवेक ने बताया कि गणित के पेपर में सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण प्रश्न केस स्टडी और हाई ऑर्डर थिंकिंग स्किल वाले थे, जिनमें सवाल को समझकर हल करना जरूरी था। हालांकि पाठ्यक्रम से बाहर कोई प्रश्न नहीं था, जिससे तैयारी करने वाले छात्रों को राहत मिली।
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करनाल। हरियाणा शिक्षा बोर्ड के 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की सोमवार को अकाउंट्स और रसायन विज्ञान विषय की परीक्षा हुई। परीक्षा देकर लौटे विद्यार्थियों ने बताया कि रसायन विज्ञान की परीक्षा में अभिक्रिया से आधारित प्रश्नों ने काफी उलझाया, वहीं अकाउंट्स में बैलेंस शीट और समायोजन से जुड़े प्रश्नों ने विद्यार्थियों के लिए चुनौती खड़ी की। हालांकि कुछ विद्यार्थियों का कहना है कि जिन्होंने अच्छी तैयारी की थी, उनके लिए पेपर हल करना ज्यादा मुश्किल नहीं रहा।
सेक्टर-13 के बलदेव जन सेवा दल विद्यालय से परीक्षा देकर लौटते विद्यार्थियों ने बताया कि पेपर में अधिकांश प्रश्न पाठ्यक्रम के अनुसार ही थे लेकिन कार्बनिक और अकार्बनिक के कुछ रिएक्शन आधारित प्रश्न ऐसे थे जिनमें काफी सोचने की जरूरत पड़ी। कई प्रश्न सीधे याद किए हुए रिएक्शन पर आधारित थे, जबकि कुछ में रिएक्शन का पूरा मैकेनिज्म समझना जरूरी था।
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अकाउंट्स की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों ने बताया कि पेपर में कई प्रश्न सीधे पाठ्यक्रम से थे, लेकिन कुछ सवाल ऐसे भी थे जिनमें बैलेंस शीट तैयार करने के लिए कई एडजस्टमेंट दिए गए थे। इन एडजस्टमेंट को समझ कर सही तरीके से बैलेंस शीट बनाना कई विद्यार्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। पार्टनरशिप और कंपनी अकाउंट से जुड़े प्रश्न भी पूछे गए थे। कुछ प्रश्नों में लंबी गणना करनी पड़ी, जिससे समय की कमी काफी महसूस हुई।
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बैलेंस शीट बनाने में लगा समय
अंकिता ने बताया कि अकाउंट्स का पेपर मध्यम स्तर का था। ज्यादातर प्रश्न पाठ्यक्रम से ही थे लेकिन बैलेंस शीट बनाने वाले प्रश्न में कई एडजस्टमेंट दिए गए थे। उन्हें सही तरीके से लगाना थोड़ा मुश्किल लगा। कुछ प्रश्नों में ज्यादा गणना अधिक करनी पड़ी, जिससे समय कम पड़ गया।
न्यूमेरिकल आधारित प्रश्न ठीक रहे
प्राची ने बताया कि पेपर थोड़ा कठिन लगा। खासकर ऑर्गेनिक के रिएक्शन और उनके मैकेनिज्म से जुड़े प्रश्नों में काफी सोचना पड़ा। हालांकि न्यूमेरिकल वाले प्रश्न ठीक थे और उन्हें हल करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। जिन्होंने कॉन्सेप्ट समझकर पढ़ाई की होगी उनके लिए पेपर आसान रहा होगा।
विकल्प में आए प्रश्न रहे आसान
वाणी ने बताया कि अकाउंट्स की परीक्षा में थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों प्रकार के प्रश्न सही थे लेकिन विकल्प में एक-एक मुश्किल तो एक-एक आसान प्रश्न आया था जिनमें अगर किसी को एक प्रश्न नहीं आता था तो वह विकल्प में आया दूसरा प्रश्न आसानी से कर सकता था।
प्रेक्टिकल के प्रश्नों को हल करने में लगा समय
गरिमा ने बताया कि अकाउंट्स का पेपर ठीक रहा। थ्योरी के प्रश्न काफी आसान थे, लेकिन कंपनी अकाउंट और पार्टनरशिप से जुड़े कुछ प्रश्न थोड़े उलझाने वाले थे। बैलेंस शीट में कई एडजस्टमेंट दिए गए थे, जिन्हें समझने में समय लगा। अगर प्रेक्टिस ज्यादा होती तो पेपर और जल्दी पूरा हो जाता।
सीबीएसई : गणित की परीक्षा में करनी पड़ी विस्तृत गणना
करनाल। सीबीएसई की 12वीं कक्षा की गणित विषय की परीक्षा हुई। परीक्षार्थियों ने बताया कि पेपर का स्तर थोड़ा कठिन रहा। कई छात्रों के अनुसार पेपर में कॉन्सेप्ट आधारित प्रश्न ज्यादा थे, जिनमें एक के बाद एक को हल करना जरूरी था। विद्यार्थियों ने बताया कि कैलकुलस, डिफरेंटशिएशन और इंटीग्रेशन से जुड़े प्रश्न अधिक पूछे गए थे। कुछ प्रश्न ऐसे भी थे जिनमें लंबी गणना करनी पड़ी। छात्र विवेक ने बताया कि गणित के पेपर में सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण प्रश्न केस स्टडी और हाई ऑर्डर थिंकिंग स्किल वाले थे, जिनमें सवाल को समझकर हल करना जरूरी था। हालांकि पाठ्यक्रम से बाहर कोई प्रश्न नहीं था, जिससे तैयारी करने वाले छात्रों को राहत मिली।