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Karnal News: मंदिरों में गूंजे जयकारे... आज तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की होगी पूजा
Sat, 21 Mar 2026 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 21 Mar 2026 01:29 AM IST
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मां मनसा देवी मंदिर में मां की आरती करते श्रद्धालु। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने मां ब्रह्मचारिणी के स्वरूप की आराधना की गई। श्रद्धालुओं ने लोक मंगल की कामना करते हुए विभिन्न मंदिरों में पूजा की।मंदिरों में सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई। देवी मां के जयकारे और मंदिर की घंटियां शाम तक गूंजती रही।
शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने मां ब्रह्मचारिणी को नारियल, चमेली के फूल, सफेद मिठाई, केवलगट्टा, पंचामृत, लाल चुनरी, फल और मेवा आदि अर्पित कर पूजा की। शहर के मां मनसा देवी मंदिर, मां दुर्गा भवानी मंदिर, मां बगला मुखी मंदिर, सेक्टर-8 के श्रीराम मंदिर, सेक्टर-6 के शिव मंदिर, सदर बाजार के रघुनाथ मंदिर, प्रेम नगर के वैष्णो देवी मंदिर, राम नगर के शिव मंदिर के साथ शहर के हर गली मोहल्ले के मंदिरों में मां दुर्गा की पूजा की गई।
वहीं नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा होगी। पंडित मांगे राम ने बताया कि मां का यह स्वरूप साहस, शक्ति और शांति का प्रतीक हैं। मस्तक पर अर्धचंद्र होने के कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। इनकी पूजा में दूध से बनी मिठाइयां, खीर या मिश्री का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
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करनाल। नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने मां ब्रह्मचारिणी के स्वरूप की आराधना की गई। श्रद्धालुओं ने लोक मंगल की कामना करते हुए विभिन्न मंदिरों में पूजा की।मंदिरों में सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई। देवी मां के जयकारे और मंदिर की घंटियां शाम तक गूंजती रही।
शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने मां ब्रह्मचारिणी को नारियल, चमेली के फूल, सफेद मिठाई, केवलगट्टा, पंचामृत, लाल चुनरी, फल और मेवा आदि अर्पित कर पूजा की। शहर के मां मनसा देवी मंदिर, मां दुर्गा भवानी मंदिर, मां बगला मुखी मंदिर, सेक्टर-8 के श्रीराम मंदिर, सेक्टर-6 के शिव मंदिर, सदर बाजार के रघुनाथ मंदिर, प्रेम नगर के वैष्णो देवी मंदिर, राम नगर के शिव मंदिर के साथ शहर के हर गली मोहल्ले के मंदिरों में मां दुर्गा की पूजा की गई।
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वहीं नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा होगी। पंडित मांगे राम ने बताया कि मां का यह स्वरूप साहस, शक्ति और शांति का प्रतीक हैं। मस्तक पर अर्धचंद्र होने के कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। इनकी पूजा में दूध से बनी मिठाइयां, खीर या मिश्री का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
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