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Karnal News: नीलोखेड़ी नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव को चुनौतीे
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर पालिका नीलोखेड़ी के पिछले दिनों हुए अध्यक्ष पद के चुनाव को गंभीर आरोपों के साथ सिविल न्यायालय में चुनौती दी गई है। याचिका को स्वीकार करते हुए संबंधित पक्षों से 22 मई को पक्ष रखने के आदेश दिए हैं। साथ ही चुने हुए अध्यक्ष को अपना पक्ष न्यायालय में रखने को कहा गया है। इधर, अध्यक्ष का कहना है कि उन्हें नोटिस मिला है, वे आगामी कार्यवाही की तैयारी कर रहे हैं।
याचिका दायर करने वाले पक्ष प्रेम मुंजाल के एडवोकेट राजकुमार शर्मा का कहना है कि अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर दो मार्च को मतदान हुआ था और 12 मार्च को हुई मतगणना में भाजपा की सनमीत कौर आहुजा विजयी घोषित हुईं थी। सिविल न्यायालय में हरियाणा म्युनिसिपल एक्ट 1994 की धारा 15 के तहत वादी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के आधार पर चुनाव को रद्द करने की गुहार लगाई गई है।
चुनाव को चुनौती दिए जाने के प्रमुख आधार विजेता अध्यक्ष द्वारा चुनावों के दौरान घोर अनियमितताएं बरती गईं। याचिकाकर्ता प्रेम मुंजाल का आरोप है कि अपने पक्ष में मत डलवाने के लिए उन्होंने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया, मतदाताओं में वोट लेने के लिए रुपयों का आवंटन किया गया।
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मतदाताओं को सरकारी सुविधाएं बंद करवाने की धमकी दी। मतदान बूथों तक निजी वाहनों का मतदाताओं को लाने व ले जाने के लिए इस्तेमाल किया गया। सत्ता के दुरुपयोग के कारण मशीनों की अदला बदली का भी आरोप है।
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करनाल। नगर पालिका नीलोखेड़ी के पिछले दिनों हुए अध्यक्ष पद के चुनाव को गंभीर आरोपों के साथ सिविल न्यायालय में चुनौती दी गई है। याचिका को स्वीकार करते हुए संबंधित पक्षों से 22 मई को पक्ष रखने के आदेश दिए हैं। साथ ही चुने हुए अध्यक्ष को अपना पक्ष न्यायालय में रखने को कहा गया है। इधर, अध्यक्ष का कहना है कि उन्हें नोटिस मिला है, वे आगामी कार्यवाही की तैयारी कर रहे हैं।
याचिका दायर करने वाले पक्ष प्रेम मुंजाल के एडवोकेट राजकुमार शर्मा का कहना है कि अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर दो मार्च को मतदान हुआ था और 12 मार्च को हुई मतगणना में भाजपा की सनमीत कौर आहुजा विजयी घोषित हुईं थी। सिविल न्यायालय में हरियाणा म्युनिसिपल एक्ट 1994 की धारा 15 के तहत वादी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के आधार पर चुनाव को रद्द करने की गुहार लगाई गई है।
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चुनाव को चुनौती दिए जाने के प्रमुख आधार विजेता अध्यक्ष द्वारा चुनावों के दौरान घोर अनियमितताएं बरती गईं। याचिकाकर्ता प्रेम मुंजाल का आरोप है कि अपने पक्ष में मत डलवाने के लिए उन्होंने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया, मतदाताओं में वोट लेने के लिए रुपयों का आवंटन किया गया।
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मतदाताओं को सरकारी सुविधाएं बंद करवाने की धमकी दी। मतदान बूथों तक निजी वाहनों का मतदाताओं को लाने व ले जाने के लिए इस्तेमाल किया गया। सत्ता के दुरुपयोग के कारण मशीनों की अदला बदली का भी आरोप है।
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