{"_id":"c4b123b7d59be7efb77f2ffe9013a028","slug":"celibate-faithful-to-worship-on-shaktipeeth","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने शक्तिपीठ पर उमड़े श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने शक्तिपीठ पर उमड़े श्रद्धालु
कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 07 Oct 2013 12:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
52 शक्तिपीठों में से एक धर्मनगरी के श्रीदेवीकूप भद्रकाली शक्तिपीठ में दूसरे नवरात्र पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। हरियाणा राज्य कृषि एवं विप्णन बोर्ड के मुख्य प्रशासक टीवीएसएन प्रसाद ने रविवार को परिवार सहित पूजा अर्चना की।
सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचना शुरू हो गए।
दोपहर को मंदिर परिसर में लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई। दिनभर मां का दरबार पवित्र उद्घोषों से गुंजायमान रहा। दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने पवित्र कूप पर मिट्टी के घोड़े चढ़ाकर पूजा अर्चना की। उधर आज से शुरू हुई भजन संध्या में पहले दिन महेंद्र मिन्नी एंड पार्टी ने महामाई का गुणगान किया। भव्य दरबार में सजे मां भगवती के तेजस्वी स्वरूप पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध दिखे।
दोपहर को मंदिर परिसर में मारकंडा ट्रेडिंग कंपनी झांसा के सतीश गर्ग द्वारा अन्नपूर्णा भंडारा तथा केयू के डॉ. पवन के दीवान की ओर से व्रतधारी श्रद्धालुओं के लिए भंडारा आयोजित किया गया। शाम को महेंद्र मिन्नी एंड पार्टी की ओर से भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें कलाकारों ने एक से बढ़कर एक मां की भेंटें सुनाईं। श्रद्धालु देर शाम तक इन भेंटों पर झूमते रहे।
विज्ञापन
भजन संख्या में मुख्य अतिथि के तौर पर हरियाणा एग्रीकल्चर एंड मार्केट चीफ एडमिस्ट्रेटर प्रिंसिपल सेक्रेटरी टीवीएसएन प्रसाद (आईएएस), उनकी माता के अलावा धर्मपत्नी श्रीदेवी, पुत्री वैष्णवी तथा पुत्र विष्णु ने महाआरती में भाग लिया।
पीठा अध्यक्ष सतपाल शर्मा ने बताया कि शारदीय नवरात्र में दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी माता की पूजा की जाती है।
उन्हाेंने बताया कि ब्रह्मा जी की शक्ति होने से मां का यह स्वरूप ब्रह्मचारिणी नाम से लोक प्रसिद्ध हुआ। इनका उद्भव ब्रह्मा जी के कमंडल से माना जाता है। पंडित सतपाल शर्मा ने कहा कि नवरात्र महोत्सव के लिए श्रद्धालुओं की सुविधाओं को देखते हुए मंदिर परिसर में मां भद्रकाली सेवक मंडल के सदस्य मंदिर में व्यवस्था संभाले हुए हैं।
शक्ति द्वार भी रहा आकर्षण का केंद्र
झांसा रोड पर बना विशाल शक्ति द्वार इस बार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कई फुट ऊंचे इस द्वार को विशेष रूप से तैयार किया गया है। मंदिर की ओर से बनवाए गए इस द्वार का शुभारंभ शनिवार को आशा हुड्डा ने किया था। विशेष रूप से सजे इस द्वार पर दो तरफ शेर बने हुए हैं वहीं बीच में माता के पैर का चिह्न बना हुआ है।
विज्ञापन
सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचना शुरू हो गए।
दोपहर को मंदिर परिसर में लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई। दिनभर मां का दरबार पवित्र उद्घोषों से गुंजायमान रहा। दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने पवित्र कूप पर मिट्टी के घोड़े चढ़ाकर पूजा अर्चना की। उधर आज से शुरू हुई भजन संध्या में पहले दिन महेंद्र मिन्नी एंड पार्टी ने महामाई का गुणगान किया। भव्य दरबार में सजे मां भगवती के तेजस्वी स्वरूप पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध दिखे।
विज्ञापन
दोपहर को मंदिर परिसर में मारकंडा ट्रेडिंग कंपनी झांसा के सतीश गर्ग द्वारा अन्नपूर्णा भंडारा तथा केयू के डॉ. पवन के दीवान की ओर से व्रतधारी श्रद्धालुओं के लिए भंडारा आयोजित किया गया। शाम को महेंद्र मिन्नी एंड पार्टी की ओर से भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें कलाकारों ने एक से बढ़कर एक मां की भेंटें सुनाईं। श्रद्धालु देर शाम तक इन भेंटों पर झूमते रहे।
विज्ञापन
भजन संख्या में मुख्य अतिथि के तौर पर हरियाणा एग्रीकल्चर एंड मार्केट चीफ एडमिस्ट्रेटर प्रिंसिपल सेक्रेटरी टीवीएसएन प्रसाद (आईएएस), उनकी माता के अलावा धर्मपत्नी श्रीदेवी, पुत्री वैष्णवी तथा पुत्र विष्णु ने महाआरती में भाग लिया।
पीठा अध्यक्ष सतपाल शर्मा ने बताया कि शारदीय नवरात्र में दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी माता की पूजा की जाती है।
उन्हाेंने बताया कि ब्रह्मा जी की शक्ति होने से मां का यह स्वरूप ब्रह्मचारिणी नाम से लोक प्रसिद्ध हुआ। इनका उद्भव ब्रह्मा जी के कमंडल से माना जाता है। पंडित सतपाल शर्मा ने कहा कि नवरात्र महोत्सव के लिए श्रद्धालुओं की सुविधाओं को देखते हुए मंदिर परिसर में मां भद्रकाली सेवक मंडल के सदस्य मंदिर में व्यवस्था संभाले हुए हैं।
शक्ति द्वार भी रहा आकर्षण का केंद्र
झांसा रोड पर बना विशाल शक्ति द्वार इस बार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कई फुट ऊंचे इस द्वार को विशेष रूप से तैयार किया गया है। मंदिर की ओर से बनवाए गए इस द्वार का शुभारंभ शनिवार को आशा हुड्डा ने किया था। विशेष रूप से सजे इस द्वार पर दो तरफ शेर बने हुए हैं वहीं बीच में माता के पैर का चिह्न बना हुआ है।