{"_id":"62ec335301176a50b853c853","slug":"blind-murder-case-solved-five-arrested-karnal-news-knl1168871184","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझी, पांच गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझी, पांच गिरफ्तार
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिला पुलिस के डिटेक्टिव स्टाफ ने बृहस्पतिवार को ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने में कामयाबी पाई है। स्टाफ प्रभारी निरीक्षक हरजिंद्र सिंह की टीम ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 26 जुलाई 2022 को हरिसिंहपुरा गांव निवासी ईश्वर सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसका बेटा प्रदीप बिजली बोर्ड में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है। इस दिन वह बाइक पर सवार होकर घरौंडा ड्यूटी पर गया था जो घर नहीं पहुंचा। इस संदर्भ में 27 जुलाई को घरौंडा थाने में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया ने मामले की जांच डिटेक्टिव स्टाफ को दी। 29 जुलाई को दिल्ली पैरलल नहर से प्रदीप का शव मिला था। मामले में हत्या की धारा जोड़ी गई। एएसआई गुरमीत सिंह की टीम ने बृहस्पतिवार पांच आरोपी गोली गांव निवासी राहुल व सावन, मोरमाजरा निवासी विशाल, पानीपत के धर्मगढ़ गांव निवासी विनय उर्फ विशाल व काबड़ी गांव निवासी अजय को पानीपत से काबू किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि प्रदीप 26 जुलाई को किसी काम से पानीपत गया था। पानीपत में एक ढाबे पर बैठकर खाना खाने लगा। वे पांचों भी उसी ढाबे पर बैठे थे। उसी समय पांचों ने प्रदीप को बातों में फंसा लिया और नहर के पास ले गए। वहां जाकर उसे शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे और झगड़ा करने लगे। जब प्रदीप ने आरोपियों को शराब के लिए पैसे देने से मना कर दिया तो प्रदीप को नहर में फेंक दिया। इस कारण नहर में डूबने से प्रदीप की मृत्यु हो गई थी। आरोपी प्रदीप का मोबाइल व बाइक लेकर फरार हो गए थे।
विज्ञापन
करनाल। जिला पुलिस के डिटेक्टिव स्टाफ ने बृहस्पतिवार को ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने में कामयाबी पाई है। स्टाफ प्रभारी निरीक्षक हरजिंद्र सिंह की टीम ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 26 जुलाई 2022 को हरिसिंहपुरा गांव निवासी ईश्वर सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसका बेटा प्रदीप बिजली बोर्ड में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है। इस दिन वह बाइक पर सवार होकर घरौंडा ड्यूटी पर गया था जो घर नहीं पहुंचा। इस संदर्भ में 27 जुलाई को घरौंडा थाने में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया ने मामले की जांच डिटेक्टिव स्टाफ को दी। 29 जुलाई को दिल्ली पैरलल नहर से प्रदीप का शव मिला था। मामले में हत्या की धारा जोड़ी गई। एएसआई गुरमीत सिंह की टीम ने बृहस्पतिवार पांच आरोपी गोली गांव निवासी राहुल व सावन, मोरमाजरा निवासी विशाल, पानीपत के धर्मगढ़ गांव निवासी विनय उर्फ विशाल व काबड़ी गांव निवासी अजय को पानीपत से काबू किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि प्रदीप 26 जुलाई को किसी काम से पानीपत गया था। पानीपत में एक ढाबे पर बैठकर खाना खाने लगा। वे पांचों भी उसी ढाबे पर बैठे थे। उसी समय पांचों ने प्रदीप को बातों में फंसा लिया और नहर के पास ले गए। वहां जाकर उसे शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे और झगड़ा करने लगे। जब प्रदीप ने आरोपियों को शराब के लिए पैसे देने से मना कर दिया तो प्रदीप को नहर में फेंक दिया। इस कारण नहर में डूबने से प्रदीप की मृत्यु हो गई थी। आरोपी प्रदीप का मोबाइल व बाइक लेकर फरार हो गए थे।
विज्ञापन