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भाकियू प्रदेशाध्यक्ष चढूनी ने आयोग के समक्ष वीडियो और फोटो किए पेश
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पीडब्लूडी रेस्ट हाउस में जज के सामने अपने ब्यान दर्ज करवाने जाते किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी। स?
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बसताड़ा टोल पर 28 अगस्त को किसानों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में बुधवार को भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने दोबारा बयान दर्ज कराए। वह अपने वकील के साथ काछवा रोड स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पहुंचे और आयोग के समक्ष टोल प्लाजा पर हुए लाठीचार्ज की वीडियो व फोटो सबूत के रूप में पेश किए।
वहीं लाठीचार्ज में घायल 27 किसानों के नामों की लिस्ट भी दी। वीडियो और फोटो एसडीएम आयुष सिन्हा द्वारा दिए गए विवादित बयान, पुलिस कर्मचारियों द्वारा गाड़ियों के शीशे तोड़ने व किसानों को लाठी मारकर घायल करने से संबंधित हैं। इसके अलावा तीन चिकित्सकों डॉ. नीरज, डॉ. कैलाश, डॉ. अमरीक के भी बयान दर्ज किए गए। जिन्होंने घटना के दिन घायल किसानों का मेडिकल किया था।
अब तक आयोग के चेयरमैन सेवानिवृत्त न्यायाधीश एसएन अग्रवाल के समक्ष 21 किसान और 5 डॉक्टरों के बयान दर्ज हो चुके हैं। बुधवार को भी दो डॉक्टर डॉ. दिवाकर भटनागर व डॉ. आशीष के बयान दर्ज हुए। डॉ. निकिता भटनागर बीमार होने के कारण बयान दर्ज नहीं करा सकीं। वीरवार को भी डॉ. अंशुल सिंगला, डॉ. अमन पन्नू को बयान दर्ज कराने बुलाया गया है।
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आयोग के चेयरमैन एसएन अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को 6 किसानों को भी बुलाया गया है। जिनके पहले बयान दर्ज नहीं हो पाए थे। अगले सप्ताह से प्रशासनिक अधिकारियों, डीसी, एसपी, तत्कालीन एसडीएम आयुष सिन्हा सहित अन्य पुलिस कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। एसएन अग्रवाल ने बताया कि मामले की जांच के लिए उन्होंने अतिरिक्त तीन महीने और बढ़ाने के लिए पत्र भेजा था। जिसे मंजूरी मिल गई है। 25 अक्तूबर को आयोग की ओर से किसानों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
29 नवंबर को करेंगे दिल्ली कूच
चढूनी ने कहा कि 29 नवंबर को दिल्ली कूच के लिए तैयारियां चल रही हैं। उन्होंने चुनाव के लिए पंजाब में कोई जनसभा नहीं की है। मिशन पंजाब को लेकर सभाएं की गई हैं। वह चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। जनसभा तो कोई भी कहीं भी कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सिंघु वार्डर पर धरना स्थल से बैठक छोड़कर नहीं गए थे, बल्कि बैठक पूरी करके ही गए थे।
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करनाल। बसताड़ा टोल पर 28 अगस्त को किसानों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में बुधवार को भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने दोबारा बयान दर्ज कराए। वह अपने वकील के साथ काछवा रोड स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पहुंचे और आयोग के समक्ष टोल प्लाजा पर हुए लाठीचार्ज की वीडियो व फोटो सबूत के रूप में पेश किए।
वहीं लाठीचार्ज में घायल 27 किसानों के नामों की लिस्ट भी दी। वीडियो और फोटो एसडीएम आयुष सिन्हा द्वारा दिए गए विवादित बयान, पुलिस कर्मचारियों द्वारा गाड़ियों के शीशे तोड़ने व किसानों को लाठी मारकर घायल करने से संबंधित हैं। इसके अलावा तीन चिकित्सकों डॉ. नीरज, डॉ. कैलाश, डॉ. अमरीक के भी बयान दर्ज किए गए। जिन्होंने घटना के दिन घायल किसानों का मेडिकल किया था।
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अब तक आयोग के चेयरमैन सेवानिवृत्त न्यायाधीश एसएन अग्रवाल के समक्ष 21 किसान और 5 डॉक्टरों के बयान दर्ज हो चुके हैं। बुधवार को भी दो डॉक्टर डॉ. दिवाकर भटनागर व डॉ. आशीष के बयान दर्ज हुए। डॉ. निकिता भटनागर बीमार होने के कारण बयान दर्ज नहीं करा सकीं। वीरवार को भी डॉ. अंशुल सिंगला, डॉ. अमन पन्नू को बयान दर्ज कराने बुलाया गया है।
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आयोग के चेयरमैन एसएन अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को 6 किसानों को भी बुलाया गया है। जिनके पहले बयान दर्ज नहीं हो पाए थे। अगले सप्ताह से प्रशासनिक अधिकारियों, डीसी, एसपी, तत्कालीन एसडीएम आयुष सिन्हा सहित अन्य पुलिस कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। एसएन अग्रवाल ने बताया कि मामले की जांच के लिए उन्होंने अतिरिक्त तीन महीने और बढ़ाने के लिए पत्र भेजा था। जिसे मंजूरी मिल गई है। 25 अक्तूबर को आयोग की ओर से किसानों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
29 नवंबर को करेंगे दिल्ली कूच
चढूनी ने कहा कि 29 नवंबर को दिल्ली कूच के लिए तैयारियां चल रही हैं। उन्होंने चुनाव के लिए पंजाब में कोई जनसभा नहीं की है। मिशन पंजाब को लेकर सभाएं की गई हैं। वह चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। जनसभा तो कोई भी कहीं भी कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सिंघु वार्डर पर धरना स्थल से बैठक छोड़कर नहीं गए थे, बल्कि बैठक पूरी करके ही गए थे।