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Karnal News: रिकॉर्ड तीसरी बार खिला कमल पर पिछले प्रदर्शन नहीं दोहरा पाई भाजपा
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- पहली बार करनाल विधानसभा सीट पर किसी दल की और लोकसभा सीट पर भाजपा की लगातार तीसरी बार जीत, कांग्रेस के वोट चौगुना बढ़े
- अमित शाह, राजनाथ, नड्डा, सीएम व मंत्रियों समेत दिग्गजों ने की 3304 जनसभाएं, फिर भी 2014 और 2019 के मुकाबले कम रहा जीत का अंतर
गगन तलवार
करनाल। पहली बार ऐसा हुआ है जब लगातार तीसरी बार करनाल लोकसभा और विधानसभा सीट पर कमल खिला है। अब तक केवल इस लोकसभा सीट पर कांग्रेस ही लगातार चार बार जीत दर्ज कर चुकी है भाजपा कभी भी एक साथ दो प्लान से ज्यादा नहीं जीती। वहीं करनाल विधानसभा सीट पर लगातार तीन बार कोई भी दल नहीं जीत दर्ज कर पाया है, अधिकतम दो बार के बाद जनता ने यहां बदलाव किया है।
करनाल में दोनों सीटों पर भाजपा जीत तो दर्ज कर पाई है पर पिछले दोनों बार यानी 2014 और 2019 के चुनाव परिणाम का प्रदर्शन नहीं दोहरा पाई है। लोकसभा और करनाल विधानसभा दोनों सीटों पर इस बार भाजपा पहले के मुकाबले कम मतों से जीती है। वहीं दोनों सीटों पर कांग्रेस का प्रदर्शन सुधरा है, कांग्रेस का वोट बैंक बढ़ा है। कांग्रेस के खाते में इस बार पिछले दोनों चुनावों से ज्यादा वोट आए हैं।
करनाल में मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के मैदान में होने से जीत के लिए दिग्गजों ने भी पसीना बहाया। गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, अन्य केंद्रीय मंत्री, दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री और प्रदेश के मंत्री व पूर्व मंत्रियों समेत कई स्टार प्रचारकों ने कुल 3304 जनसभाएं की। इसके बाद भाजपा सीट निकाल पाई है। जबकि कांग्रेस का कोई भी बड़ा नेता करनाल में नहीं आया, केवल पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने करनाल में जनसभाएं कीं। जबकि केंद्रीय नेतृत्व से प्रियंका गांधी ने करनाल लोकसभा क्षेत्र के पानीपत में ही रैली की थी।
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सीएम की 282 और स्टार प्रचारक मनोहर की 503 जनसभाएं
13 मार्च को लोकसभा प्रत्याशी घोषित करने के साथ ही भाजपा ने करनाल लोकसभा क्षेत्र में जनसभाएं करना शुरू कर दिया था। 22 मई तक छोटी-बड़ी सभी मिलाकर 3304 जनसभाएं हुईं। इनमें नड्डा, शाह और राजनाथ की एक-एक के अलावा स्टार प्रचारक मनोहर लाल की 503, सीएम नायब सिंह सैनी की 282, सीएम की पत्नी सुमन सैनी की 373, राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा की 38, पूर्व मंत्री विनोद शर्मा की 18, परिवहन मंत्री असीम गोयल की 38 व अन्य सभी मंत्री, पूर्व मंत्री सहित 84 नेताओं की 2052 जनसभाएं हुईं।
भाजपा : 2014 से ज्यादा वोट पर जीत का अंतर कम
- लोकसभा सीट : भाजपा के मनोहर लाल को 737282 वोट मिले और 232845 मतों से जीते। जबकि 2019 में भाजपा के संजय भाटिया को 911594 वोट मिले और 656142 मतों से जीते। इससे पहले 2014 के चुनाव में अश्विनी चौपड़ा को 594817 वोट मिले थे और 360147 मतों से जीते थे। इस बार भाजपा के पक्ष में मतदान 2014 के मुकाबले ज्यादा हुआ है पर जीत का अंतर कम है।
- करनाल विधानसभा सीट : भाजपा के सीएम नायब सैनी को 94714 वोट मिले और 41483 वोटों से जीते। जबकि 2019 में भाजपा के मनोहर लाल को 79906 वोट मिले और 48188 मतों से जीते थे, इससे पहले 2014 के चुनाव में उन्हें 82485 वोट मिले और 63775 वोटों से जीत दर्ज की थी। नायब सैनी को भी 2014 के मुकाबले वोट ज्यादा मिले हैं पर जीत का अंतर कम रहा है।
कांग्रेस : लोस में दो और विस में चार गुना वोट बैंक
- लोकसभा सीट : कांग्रेस के दिव्यांशु बुद्धिराजा को 504437 वोट मिले हैं। जबकि 2019 के चुनाव में कांग्रेस के कुलदीप शर्मा को 255452 वोट और इससे पहले अरविंद शर्मा को 234670 वोट मिले थे। यानी कांग्रेस का वोट बैंक 2014 के मुकाबले दोगुना से ज्यादा है।
- करनाल विधानसभा सीट : उपचुनाव में कांग्रेस के तरलोचन सिंह को 53464 वोट मिले हैं। जबकि 2019 के चुनाव में कांग्रेस के तरलोचन सिंह को 34718 वोट मिले थे। इससे पहले 2014 के चुनाव में दूसरे नंबर पर आजाद प्रत्याशी जयप्रकाश रहे थे, उन्हें 18712 वोट मिले थे। जबकि कांग्रेस के सुरेंद्र नरवाल 12804 वोटों पर सिमट गए थे। यानी इस बार कांग्रेस को करीब चार गुना ज्यादा वोट मिले हैं।
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- अमित शाह, राजनाथ, नड्डा, सीएम व मंत्रियों समेत दिग्गजों ने की 3304 जनसभाएं, फिर भी 2014 और 2019 के मुकाबले कम रहा जीत का अंतर
गगन तलवार
करनाल। पहली बार ऐसा हुआ है जब लगातार तीसरी बार करनाल लोकसभा और विधानसभा सीट पर कमल खिला है। अब तक केवल इस लोकसभा सीट पर कांग्रेस ही लगातार चार बार जीत दर्ज कर चुकी है भाजपा कभी भी एक साथ दो प्लान से ज्यादा नहीं जीती। वहीं करनाल विधानसभा सीट पर लगातार तीन बार कोई भी दल नहीं जीत दर्ज कर पाया है, अधिकतम दो बार के बाद जनता ने यहां बदलाव किया है।
करनाल में दोनों सीटों पर भाजपा जीत तो दर्ज कर पाई है पर पिछले दोनों बार यानी 2014 और 2019 के चुनाव परिणाम का प्रदर्शन नहीं दोहरा पाई है। लोकसभा और करनाल विधानसभा दोनों सीटों पर इस बार भाजपा पहले के मुकाबले कम मतों से जीती है। वहीं दोनों सीटों पर कांग्रेस का प्रदर्शन सुधरा है, कांग्रेस का वोट बैंक बढ़ा है। कांग्रेस के खाते में इस बार पिछले दोनों चुनावों से ज्यादा वोट आए हैं।
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करनाल में मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के मैदान में होने से जीत के लिए दिग्गजों ने भी पसीना बहाया। गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, अन्य केंद्रीय मंत्री, दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री और प्रदेश के मंत्री व पूर्व मंत्रियों समेत कई स्टार प्रचारकों ने कुल 3304 जनसभाएं की। इसके बाद भाजपा सीट निकाल पाई है। जबकि कांग्रेस का कोई भी बड़ा नेता करनाल में नहीं आया, केवल पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने करनाल में जनसभाएं कीं। जबकि केंद्रीय नेतृत्व से प्रियंका गांधी ने करनाल लोकसभा क्षेत्र के पानीपत में ही रैली की थी।
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सीएम की 282 और स्टार प्रचारक मनोहर की 503 जनसभाएं
13 मार्च को लोकसभा प्रत्याशी घोषित करने के साथ ही भाजपा ने करनाल लोकसभा क्षेत्र में जनसभाएं करना शुरू कर दिया था। 22 मई तक छोटी-बड़ी सभी मिलाकर 3304 जनसभाएं हुईं। इनमें नड्डा, शाह और राजनाथ की एक-एक के अलावा स्टार प्रचारक मनोहर लाल की 503, सीएम नायब सिंह सैनी की 282, सीएम की पत्नी सुमन सैनी की 373, राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा की 38, पूर्व मंत्री विनोद शर्मा की 18, परिवहन मंत्री असीम गोयल की 38 व अन्य सभी मंत्री, पूर्व मंत्री सहित 84 नेताओं की 2052 जनसभाएं हुईं।
भाजपा : 2014 से ज्यादा वोट पर जीत का अंतर कम
- लोकसभा सीट : भाजपा के मनोहर लाल को 737282 वोट मिले और 232845 मतों से जीते। जबकि 2019 में भाजपा के संजय भाटिया को 911594 वोट मिले और 656142 मतों से जीते। इससे पहले 2014 के चुनाव में अश्विनी चौपड़ा को 594817 वोट मिले थे और 360147 मतों से जीते थे। इस बार भाजपा के पक्ष में मतदान 2014 के मुकाबले ज्यादा हुआ है पर जीत का अंतर कम है।
- करनाल विधानसभा सीट : भाजपा के सीएम नायब सैनी को 94714 वोट मिले और 41483 वोटों से जीते। जबकि 2019 में भाजपा के मनोहर लाल को 79906 वोट मिले और 48188 मतों से जीते थे, इससे पहले 2014 के चुनाव में उन्हें 82485 वोट मिले और 63775 वोटों से जीत दर्ज की थी। नायब सैनी को भी 2014 के मुकाबले वोट ज्यादा मिले हैं पर जीत का अंतर कम रहा है।
कांग्रेस : लोस में दो और विस में चार गुना वोट बैंक
- लोकसभा सीट : कांग्रेस के दिव्यांशु बुद्धिराजा को 504437 वोट मिले हैं। जबकि 2019 के चुनाव में कांग्रेस के कुलदीप शर्मा को 255452 वोट और इससे पहले अरविंद शर्मा को 234670 वोट मिले थे। यानी कांग्रेस का वोट बैंक 2014 के मुकाबले दोगुना से ज्यादा है।
- करनाल विधानसभा सीट : उपचुनाव में कांग्रेस के तरलोचन सिंह को 53464 वोट मिले हैं। जबकि 2019 के चुनाव में कांग्रेस के तरलोचन सिंह को 34718 वोट मिले थे। इससे पहले 2014 के चुनाव में दूसरे नंबर पर आजाद प्रत्याशी जयप्रकाश रहे थे, उन्हें 18712 वोट मिले थे। जबकि कांग्रेस के सुरेंद्र नरवाल 12804 वोटों पर सिमट गए थे। यानी इस बार कांग्रेस को करीब चार गुना ज्यादा वोट मिले हैं।