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करनाल में बर्ड फ्लू की दस्तक, सात लाख मुर्गियों की जान पर संकट
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कोहंड के कैलाश पोल्ट्री फार्म में पिछले दिनों हुई मुर्गियों की मौत के बाद जांच को भेजे गए मुर्गियों के सैंपल की प्राइमरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जालंधर भेजे गये प्रथम रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद अब सैंपल को भोपाल की लेबोरेट्री में भेजा गया है, जहां से दो दिन में रिपोर्ट आने की उम्मीद है। फिलहाल अधिकारियों ने क्षेत्र में आवाजाही प्रतिबंधित कर दी है। साथ ही चिकन प्रोडक्ट, मुर्गियों आदि को लाने और ले जाने पर रोक लगा दी गई है। यदि भोपाल की रिपोर्ट में पुष्टि होती है तो क्षेत्र के सभी पोल्ट्री फार्म में करीब 6 से 7 लाख मुर्गियों को मारने का कार्य शुरू किया जाएगा। इसे लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है।
कोहंड में रविवार को टीम ने पहुंचकर पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण किया था, जिसमें संचालक ने बताया था कि अब तक 50 हजार से अधिक मुर्गियों की मौत हो चुकी है। उसने बर्ड फ्लू की आशंका भी जताई थी, लेकिन विभाग की ओर से जालंधर भेजे गये जांच सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार था। अब वहां से रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद विभागीय अधिकारियों और प्रशासन में हड़कंप की स्थिति है। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि कोहंड के कैलाश पोल्ट्री फार्म से मुर्गियों के सैंपल को जांच के लिए भेजा गया था। उसकी प्राइमरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, लेकिन पुष्टिकरण के लिए सैंपलों को भोपाल लेबोरेट्री भेजा गया है। वहां से अंतिम रिपोर्ट एक दो दिन में आ जाएगी। यदि इसमें बर्ड फ्लू की पुष्टि होती है तो तत्काल जिला प्रशासन एक्शन में आ जाएगा। ऐहतियात के तौर पर कैलाश पोल्ट्री के एक किमी के क्षेत्र में चिकन, अंडा, मुर्गियों यानी पोल्ट्री प्रोडक्ट की आवाजाही (ट्रांसपोर्ट) को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। न ही नई मुर्गियां यहां लाईं जाएंगी और न ही मुर्गियां यहां से बाहर जाएंगी। भोपाल से यदि पुष्टि होती है तो एक किमी क्षेत्र को रेड जोन व 10 किमी क्षेत्र को ट्रांजेक्शन जोन घोषित कर दिया जाएगा। एक किमी क्षेत्र के सभी पोल्ट्री फार्म पर करीब 6-7 लाख मुर्गियां बताई जा रही हैं, इन्हें मारने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इन्हें दबाने के लिए गड्ढा खोदने, उसमें डालने के लिए देसी घी, जूट बैग्स आदि की तैयारी कर ली है। मुर्गियों को पकड़कर मारने के लिए टीम से संपर्क साधा जा रहा है, टीम के ठहरने व उनके उपयोग के लिए वाहनों आदि की व्यवस्था भी कर ली गई है।
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कोहंड में रविवार को टीम ने पहुंचकर पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण किया था, जिसमें संचालक ने बताया था कि अब तक 50 हजार से अधिक मुर्गियों की मौत हो चुकी है। उसने बर्ड फ्लू की आशंका भी जताई थी, लेकिन विभाग की ओर से जालंधर भेजे गये जांच सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार था। अब वहां से रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद विभागीय अधिकारियों और प्रशासन में हड़कंप की स्थिति है। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि कोहंड के कैलाश पोल्ट्री फार्म से मुर्गियों के सैंपल को जांच के लिए भेजा गया था। उसकी प्राइमरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, लेकिन पुष्टिकरण के लिए सैंपलों को भोपाल लेबोरेट्री भेजा गया है। वहां से अंतिम रिपोर्ट एक दो दिन में आ जाएगी। यदि इसमें बर्ड फ्लू की पुष्टि होती है तो तत्काल जिला प्रशासन एक्शन में आ जाएगा। ऐहतियात के तौर पर कैलाश पोल्ट्री के एक किमी के क्षेत्र में चिकन, अंडा, मुर्गियों यानी पोल्ट्री प्रोडक्ट की आवाजाही (ट्रांसपोर्ट) को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। न ही नई मुर्गियां यहां लाईं जाएंगी और न ही मुर्गियां यहां से बाहर जाएंगी। भोपाल से यदि पुष्टि होती है तो एक किमी क्षेत्र को रेड जोन व 10 किमी क्षेत्र को ट्रांजेक्शन जोन घोषित कर दिया जाएगा। एक किमी क्षेत्र के सभी पोल्ट्री फार्म पर करीब 6-7 लाख मुर्गियां बताई जा रही हैं, इन्हें मारने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इन्हें दबाने के लिए गड्ढा खोदने, उसमें डालने के लिए देसी घी, जूट बैग्स आदि की तैयारी कर ली है। मुर्गियों को पकड़कर मारने के लिए टीम से संपर्क साधा जा रहा है, टीम के ठहरने व उनके उपयोग के लिए वाहनों आदि की व्यवस्था भी कर ली गई है।
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