फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Bhagat Singh's family yearns for his last glimpse

Karnal News: भगत सिंह के अंतिम दर्शन के लिए तरसा परिवार

Fri, 26 Dec 2025 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Fri, 26 Dec 2025 12:41 AM IST
विज्ञापन
Bhagat Singh's family yearns for his last glimpse
पीडि़त परिवार के प्रति सांत्त्वना व्यक्त करने पहुंचे विधायक भगवानदास कबीरंपथी। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

नीलोखेड़ी। किसान बस्ती निवासी भगत सिंह (37) की इटली में हत्या के करीब एक माह बाद भी शव भारत नहीं आ पाया है। परिवार उनके अंतिम दर्शन के लिए तरस गया है, परिजन की आंखों के आंसू नहीं थम रहे हैं। उधर, इटली में क्रिसमस के कारण 5 जनवरी तक अवकाश हैं, इस कारण कानूनी और राजकीय प्रक्रिया को पूरा नहीं किया जा सकता। ऐसे में परिवार के पास अब इंतजार के अलावा कुछ नहीं है।

घर पर परिवार में पत्नी रूमा, 11 वर्षीय बेटी, नौ वर्षीय बेटा, मां कमला देवी और बड़े भाई कृष्ण सहित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि जमीन दुकान बेचकर विदेश गए भगत सिंह ने अपनी कमाई के दम पर परिवार को खुशियां देने का वादा किया था उनकी मृत्यु के बाद सब कुछ खत्म हो गया। परिवार के सामने आर्थिक संकट आ है। वीरवार को विधायक भगवानदास कबीरपंथी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे तो परिजनों ने रोते हुए दर्द बयां किया। विधायक ने मृतक के भाई कृष्ण कुमार से इटली में हुई घटना की जानकारी ली और परिवार को हर संभव मदद करने का भरोसा दिया। वहीं भगत सिंह के संबंधियों ने भी सरकार से गुहार लगाई है कि भगत सिंह के बच्चों की शिक्षा का जिम्मा उठाया जाय और पत्नी को नौकरी दी जाए।
विज्ञापन


कृष्ण कुमार ने बताया कि भाई भगत सिंह का शव भारत लाने के लिए उनका चचेरा भाई मनमोहन करीबन 25 दिन से प्रयास कर रहा है लेकिन इटली में क्रिसमस की लंबी छुट्टियां हो जाने के कारण स्थानीय सरकार और कानूनी औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पाई हैं। अब पांच जनवरी 2026 को इटली को कोर्ट खुलने पर शव को भारत लाने संबंधित कार्यवाही आगे बढ़ सकती है। भगत सिंह ने 10 जनवरी 2026 को होने वाली भांजे की शादी में शामिल होने और परिवार को मिलने के लिए भारत आने का वादा किया था। परिजनों का कहना है कि भगत सिंह का किसी से कोई झगड़ा नहीं था। हत्या क्यों की गई, यह अब भी एक रहस्य बना हुआ है। इटली की पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुर्तगाल में काम नहीं मिला तो इटली गया था
मृतक के भाई कृष्ण कुमार ने बताया कि उनका छोटा भाई भगत सिंह करीब साढ़े तीन साल पहले परिवार के बेहतर भविष्य के लिए पुर्तगाल गया था। वहां उसे पीआर मिल गई। जब कई महीने वहां काम नहीं मिल पाया तो काम की तलाश में दो माह पूर्व इटली चला गया था। भगत सिंह इटली के लैटिना शहर के पोटिनिया क्षेत्र में यहां के बुटाना गांव निवासी सतीश के साथ रहता था। 25 नवंबर को भगत सिंह से हुई बात में उन्हें बताया था कि सब ठीक है, काम भी मिल रहा है।


16 दिसंबर को भारतीय दूतावास से आया था फोन
कुछ दिन पहले परिवार के पास भगत सिंह का फोन नहीं आया तो उन्होंने वहां रह रहे अपने चचेरे भाई मनमोहन सिंह को भगत सिंह से बात करवाने की बात कही। जब उन्होंने फोन किया तो नहीं मिल पाया। इसके बाद मनमोहन ने उनके कमरे पर जाकर देखा तो वहां भी भगत सिंह नहीं मिला। साथ में रहने वाले सतीश से पूछा तो उन्होंने जवाब दिया कि भगत सिंह 2-3 दिन पहले कहीं चला गया था लेकिन लौटकर नहीं आया। लेकिन कमरे में खून के छींटे दिखे तो उन्होंने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने वहां पहुंचकर भगत सिंह के साथ रहे रहे आरोपी युवक सतीश को हिरासत में ले लिया। वहीं इसके तीन चार दिन बाद पुलिस ने भगत सिंह का शव बरामद कर लिया। भाई कृष्ण कुमार ने बताया कि 16 दिसंबर को उनके पास इटली स्थित भारतीय दूतावास से फोन आया। उन्होंने बताया कि 26 नवंबर को भगत सिंह की हत्या हो गई थी। इसके बाद ही परिवार को पूरी वारदात के बारे में पता लग पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed