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परिजनों की डीसी से न्याय दिलाने की गुहार

Mon, 17 Feb 2014 12:21 AM IST
करनाल
करनाल Updated Mon, 17 Feb 2014 12:21 AM IST
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Before committing suicide Akhil Called Police controll room thrice
करनाल। अंतरजातीय विवाह करने के बाद पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर सुसाइड करने के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से मृतक अखिल चौहान के परिजनों में रोष है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रविवार को अखिल के  परिजन डीसी से उनके आवास पर मिले और आरोपियों को जल्द पकड़ने की मांग की।
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इस दौरान डीसी बलराज सिंह ने कहा कि कोई भी कदम उठाने से पहले एक बार उनसे बात की जाए और वे हर समस्या का समाधान करंगे। रविवार को माडल टाऊन की शिवपुरी में अखिल की अस्थियां चुनने की रस्म के बाद एक बार फिर से माहौल गरमा गया। परिजनों ने रस्म के बाद शहर में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी। रविवार को माडल टाउन की शिवपुरी में आयोजित अस्थियां चुनने की रस्म के दौरान काफी संख्या में लोग एकत्रित हुए।
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स्थिति को भांपते हुए मौके पर मौजूद तहसीलदार हरिओम अत्री ने अखिल के परिजनों को डीसी आवास पर बातचीत का न्योता दिया। इस पर कुछ लोग डीसी और एसपी को शिवपुरी में ही बुलाने की मांग पर अड़ गए। डीएसपी जोगेंद्र राठी और तहसीलदार के साथ मृतक अखिल के मामा नरेश, चाचा मलखान, रितेश चौधरी,  एडवोकेट हरीश आर्य, एडवोकेट नरेश बराना, एडवोकेट मनोज सहित दर्जनों लोग डीसी आवास पर पहुंचे।
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वहां मौजूद डीसी बलराज सिंह और एसपी अभिषेक गर्ग के सामने परिजनों ने पुलिस की ढीली कार्रवाई पर रोष जताया। परिजनों का कहना था कि प्रशासन ने 15 फरवरी तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कही थी, परंतु पुलिस ने सिर्फ एक आरोपी को पकड़ा है जबकि दो ने तो सरेंडर किया है।

आठ आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस कुछ नहीं कर रही है। उल्टा अधिकारियों ने कुछ आरोपियों के बारे में सबूत नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की। एडवोकेट हरीश आर्य और एडवोकेट नरेश बराना ने डीसी और एसपी को बताया कि मृतक अखिल ने सुसाइड नोट में जिम्मेदार ठहराए पुलिस अधिकारियों के अलावा अन्य पुलिस अधिकारियों से भी मुलाकात की थी और न्याय की गुहार लगाई थी, लेकिन उसने सिर्फ चुनिंदा लोगों का नाम ही सुसाइड नोट में लिखा।

जिससे साफ है कि सुसाइड नोट में जिन लोगों को दोषी ठहराया गया है, वह सही हैं और उनकी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस केस में भागीदारी रही है। वहीं, डीसी और एसपी से मिलने गए लोगों के साथ युवा वर्ग शामिल नहीं हुआ। युवाओं ने कहा कि कुछ लोग इस मामले में राजनीति कर रहे हैं, जिसे सहन नहीं किया जाएगा और वे अपने स्तर पर आंदोलन की रूप रखा बनाएंगे।

वहीं, सामाजिक संस्था फाइट फॉर जस्टिस क्लब ऑफ इंडिया के चेयरमैन एवं मामले की पैरवी कर रहे एडवोकेट हरीश आर्य ने कहा है कि पुलिस खुद को कानून से ऊपर मानती है। अखिल सुसाइड प्रकरण अभी शांत भी नहीं हुआ कि अब फतेहाबाद में पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर पीड़ित ने आत्महत्या कर ली। अंबाला में भी न्याय की मांग को लेकर लोगों को सड़कों पर उतरना पड़ा है।

रस्म क्रिया में आंदोलन की रूपरेखा
अखिल चौहान की रस्म क्रिया 21 फरवरी को उनके निवास सेक्टर-7 के पास रोड कालोनी में होगी। अखिल के मामा नरेश ने बताया कि रस्म क्रिया से पहले कार्रवाई के लिए आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी।

एसआईटी की रिर्पोट के बाद गिरफ्तारी
एसपी अभिषेक गर्ग से जब यह पूछा गया कि पुलिस प्रशासन ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए 15 फरवरी तक का समय मांगा था, लेकिन सिर्फ तीन ही पुलिस गिरफ्त में हैं तो एसपी ने कहा कि जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस के पास पर्याप्त सुबूत नहीं हैं।


मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी को सुबूत मुहैया कराएं, इसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिसकर्मियों की संलिप्तता के लिए उनके मोबाइल की डिटेल खंगाली जा रही है। जांच में सहयोग नहीं किया जा रहा, जिस वजह से गिरफ्तारी में देर हो रही है।
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