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Karnal News: सावधान, शहरी के कुछ क्षेत्रों समेत चार गांवों का पानी पीने लायक नहीं
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करनाल। सेक्टर-छह की सिविल डिस्पेंसरी, चार पीएचसी व दो यूपीएचसी सहित जिले में 40 जगहों का पानी पीने लायक नहीं है। ये चालीस जगह सेक्टर छह के साथ साथ इन्हीं चार गांव में शामिंल हैं। हरियाणा राज्य जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला करनाल की ओर से लिए गए नमूनों में पानी के ये सैंपल फेल मिले हैं। जहां के नमूने फेल हुए उन्हें पानी की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए नोटिस जारी किया है।
जानकारी के अनुसार हरियाणा राज्य जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला ने जून में ट्यूबवेलों के 144 पानी के नमूने लेकर जांच की। इनमें से 23 नमूने अनफिट और 17 में हाइपर क्लोरिन यानि क्लोरीन की अधिक मात्रा मिली। इस पर प्रयोगशाला की ओर से नोटिस जारी कर तुरंत प्रभाव से पेयजल की आपूर्ति पर रोक लगाने और पानी में बैक्टीरिया मुक्त करने का निर्देश दिया गया है। जिन क्षेत्रों के पानी में क्लोरिन की मात्रा अधिक पाई गई थी। उनमें क्लोरिन की मात्रा मापदंड के अनुसार लाने के लिए कहा गया था। इनमें सेक्टर-छह सिविल डिस्पेंसरी, यूपीएचसी इंद्रा कॉलोनी, पीएचसी बड़ौता, पीएचसी काछवा, पीएचसी भादसो, यूपीएचसी रामनगर व पीएचसी सग्गा के पानी में बैक्टीरिया पाया गया है।
पानी को उबाल कर पीएं
- एमडी पैथालॉजी डॉ. राजीव पंवार ने बताया कि जिन क्षेत्रों के पेयजल के सैंपल अनफिट या हाइपर क्लोरिन आए हैं। उन्हें करीब 15 दिनों तक पानी उबाल कर ही पीना चाहिए। जिससे वे पेट संबंधी बीमारी होने से अपने आपको बचा सकते हैं नहीं तो उन्हें दूषित पानी पीने से डायरिया संबंधी बीमारियों से जूझना पड़ सकता है। ऐसे में सभी अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। संवाद
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वर्ष 2023 में 404 स्थानों का पानी मिला खराब
आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो हरियाणा राज्य जन-स्वास्थ्य प्रयोगशाला में वर्ष 2023 में जनवरी से नवंबर तक कुल 1753 पेयजल के सैंपल लैब में पहुंचे। जिनमें से 1349 फिट तो 259 अनफिट और 145 में हाइपर क्लोरिन मिला हैं। बता दें कि वर्ष 2022 में 386 स्थानों पर पानी खराब मिला था लेकिन अबकी बार यह आंकड़ा सुधरने की बजाय और बिगड़ गया है।
वर्जन -
- पिछले माह जिले के 144 अलग-अलग क्षेत्रों से पेयजल के सैंपल प्राप्त हुए थे। इनमें से 23 अनफिट और 17 में हाइपर क्लोरिन मिला है। इन स्थानों का पानी पीने लायक नहीं हैं। उन्होंने संबंधित क्षेत्रों के अधिकारियों को नोटिस भेजकर पानी की सप्लाई को रोकने और उसे बेहतर करने के निर्देश जारी कर दिए गए है। जिससे पानी पीने लायक हो सकें।
- डॉ. रवि कुमार, एमडी, माइक्रोबायोलॉजी, हरियाणा राज्य जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, करनाल।
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जानकारी के अनुसार हरियाणा राज्य जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला ने जून में ट्यूबवेलों के 144 पानी के नमूने लेकर जांच की। इनमें से 23 नमूने अनफिट और 17 में हाइपर क्लोरिन यानि क्लोरीन की अधिक मात्रा मिली। इस पर प्रयोगशाला की ओर से नोटिस जारी कर तुरंत प्रभाव से पेयजल की आपूर्ति पर रोक लगाने और पानी में बैक्टीरिया मुक्त करने का निर्देश दिया गया है। जिन क्षेत्रों के पानी में क्लोरिन की मात्रा अधिक पाई गई थी। उनमें क्लोरिन की मात्रा मापदंड के अनुसार लाने के लिए कहा गया था। इनमें सेक्टर-छह सिविल डिस्पेंसरी, यूपीएचसी इंद्रा कॉलोनी, पीएचसी बड़ौता, पीएचसी काछवा, पीएचसी भादसो, यूपीएचसी रामनगर व पीएचसी सग्गा के पानी में बैक्टीरिया पाया गया है।
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पानी को उबाल कर पीएं
- एमडी पैथालॉजी डॉ. राजीव पंवार ने बताया कि जिन क्षेत्रों के पेयजल के सैंपल अनफिट या हाइपर क्लोरिन आए हैं। उन्हें करीब 15 दिनों तक पानी उबाल कर ही पीना चाहिए। जिससे वे पेट संबंधी बीमारी होने से अपने आपको बचा सकते हैं नहीं तो उन्हें दूषित पानी पीने से डायरिया संबंधी बीमारियों से जूझना पड़ सकता है। ऐसे में सभी अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। संवाद
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वर्ष 2023 में 404 स्थानों का पानी मिला खराब
आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो हरियाणा राज्य जन-स्वास्थ्य प्रयोगशाला में वर्ष 2023 में जनवरी से नवंबर तक कुल 1753 पेयजल के सैंपल लैब में पहुंचे। जिनमें से 1349 फिट तो 259 अनफिट और 145 में हाइपर क्लोरिन मिला हैं। बता दें कि वर्ष 2022 में 386 स्थानों पर पानी खराब मिला था लेकिन अबकी बार यह आंकड़ा सुधरने की बजाय और बिगड़ गया है।
वर्जन -
- पिछले माह जिले के 144 अलग-अलग क्षेत्रों से पेयजल के सैंपल प्राप्त हुए थे। इनमें से 23 अनफिट और 17 में हाइपर क्लोरिन मिला है। इन स्थानों का पानी पीने लायक नहीं हैं। उन्होंने संबंधित क्षेत्रों के अधिकारियों को नोटिस भेजकर पानी की सप्लाई को रोकने और उसे बेहतर करने के निर्देश जारी कर दिए गए है। जिससे पानी पीने लायक हो सकें।
- डॉ. रवि कुमार, एमडी, माइक्रोबायोलॉजी, हरियाणा राज्य जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, करनाल।