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तरावड़ी मंडी में 5,840 रुपये प्रति क्विंटल बिका बासमती
करनाल
Updated Fri, 08 Nov 2013 04:42 PM IST
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तरावड़ी अनाज मंडी में वीरवार को बासमती धान 5,840 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिका। बुधवार को मुकाबले वीरवार को इसकी कीमत में 70 रुपये प्रति क्विंटल का उछाल आया।
बासमती की कीमतों लगातार बढ़ोतरी से अब उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले कुछ दिन में इसकी कीमत छह हजार रुपये प्रति क्विंटल को पार कर जाएगी।
इसी तरह पूसा-1121 के दामों में बुधवार के मुकाबले चालीस रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई और यह 4,178 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिका। दोनों ही किस्मों के भावों में लगातार आ रही तेजी से किसानों के चेहरों पर चमक आ गई। वीरवार को सुभाष चंद बल्ला को उनकी फसल का सबसे ज्यादा दाम मिला।
5,840 रुपये प्रति एकड़ भाव मिलने के बाद वे खुशी से उछल पड़े। वहीं, दामों में आए उछाल के बाद जिले के किसानों के चेहरे खिल गए हैं। मार्केट कमेटी के सचिव सुल्तान सिंह ने बताया कि जिस तरह आए दिन बासमती के दामों में तेजी आ रही है, उसे देखकर वह स्वयं अचंभित है। उन्होंने कहा कि मार्केट को देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि बासमती के दाम कहां जाकर रुकेंगे।
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राइस मिलर्स की टैक्स में छूट देने की मांग
जहां एक ओर बासमती धान के दाम बढ़ने से किसानों के चेहरों पर रौनक है, वहीं, राइस मिलर्स के चेहरे उतर गए हैं। उन्होंने बासमती और 1121 धान पर लगने वाले टैक्स को आधा करने की मांग शुरू कर दी है। इस संबंध में राइस मिलर्स का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से भी मिल चुका है।
राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान नरेश बंसल का कहना है कि इन बासमती के दाम पिछले साल के मुकाबले दो गुणा हो गए हैं। इसलिए दो प्रतिशत मार्केट फीस और दो प्रतिशत एचआरडीएफ टैक्स को सरकार को आधा करना चाहिए। इससे किसानों को भी लाभ मिलेगा। एसोसिएशन के प्रधान का कहना है कि पड़ोसी राज्य पंजाब में मार्केट फीस और दूसरे टैक्स पूरी तरह माफ है।
घरेलू वस्तुओं पर प्रभाव पड़ने के आसार
बासमती के दामाें में एकाएक हुए इजाफे से घरेलू वस्तुओं की मार्केट में तेजी के आसार बनते जा रहे है, क्योंकि पिछले लंबे समय किसान के पास पैसा नहीं था और मंदी का दौर चल रहा था।
बासमती और 1121 के दामों में हुए इजाफे को देखते हुए बाजार में घरेलू सामान बेचने वाले दुकानदारों ने भी अपनी ओर से तैयारी शुरू कर दी है।
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बासमती की कीमतों लगातार बढ़ोतरी से अब उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले कुछ दिन में इसकी कीमत छह हजार रुपये प्रति क्विंटल को पार कर जाएगी।
इसी तरह पूसा-1121 के दामों में बुधवार के मुकाबले चालीस रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई और यह 4,178 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिका। दोनों ही किस्मों के भावों में लगातार आ रही तेजी से किसानों के चेहरों पर चमक आ गई। वीरवार को सुभाष चंद बल्ला को उनकी फसल का सबसे ज्यादा दाम मिला।
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5,840 रुपये प्रति एकड़ भाव मिलने के बाद वे खुशी से उछल पड़े। वहीं, दामों में आए उछाल के बाद जिले के किसानों के चेहरे खिल गए हैं। मार्केट कमेटी के सचिव सुल्तान सिंह ने बताया कि जिस तरह आए दिन बासमती के दामों में तेजी आ रही है, उसे देखकर वह स्वयं अचंभित है। उन्होंने कहा कि मार्केट को देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि बासमती के दाम कहां जाकर रुकेंगे।
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राइस मिलर्स की टैक्स में छूट देने की मांग
जहां एक ओर बासमती धान के दाम बढ़ने से किसानों के चेहरों पर रौनक है, वहीं, राइस मिलर्स के चेहरे उतर गए हैं। उन्होंने बासमती और 1121 धान पर लगने वाले टैक्स को आधा करने की मांग शुरू कर दी है। इस संबंध में राइस मिलर्स का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से भी मिल चुका है।
राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान नरेश बंसल का कहना है कि इन बासमती के दाम पिछले साल के मुकाबले दो गुणा हो गए हैं। इसलिए दो प्रतिशत मार्केट फीस और दो प्रतिशत एचआरडीएफ टैक्स को सरकार को आधा करना चाहिए। इससे किसानों को भी लाभ मिलेगा। एसोसिएशन के प्रधान का कहना है कि पड़ोसी राज्य पंजाब में मार्केट फीस और दूसरे टैक्स पूरी तरह माफ है।
घरेलू वस्तुओं पर प्रभाव पड़ने के आसार
बासमती के दामाें में एकाएक हुए इजाफे से घरेलू वस्तुओं की मार्केट में तेजी के आसार बनते जा रहे है, क्योंकि पिछले लंबे समय किसान के पास पैसा नहीं था और मंदी का दौर चल रहा था।
बासमती और 1121 के दामों में हुए इजाफे को देखते हुए बाजार में घरेलू सामान बेचने वाले दुकानदारों ने भी अपनी ओर से तैयारी शुरू कर दी है।