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Karnal News: पांच तक आयुष्मान कार्ड धारकों को निजी अस्पतालों में नहीं मिलेगा इलाज
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- जिले के 47 निजी अस्पतालों के सरकार की ओर आयुष्मान के 18 करोड़ अटके
- प्रदेश सरकार के साथ रविवार रात आठ बजे से चल रही आईएमए की राज्य स्तरीय बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। आयुष्मान पैनल से जुड़े जिले के 47 निजी अस्पतालों में एक जुलाई से पांच जुलाई तक साढ़े सात लाख आयुष्मान कार्ड धारकों को इलाज नहीं मिलेगा क्योंकि आयुष्मान कार्ड धारकों के इलाज के लगभग 18 करोड़ रुपये सरकार की तरफ अटके हुए हैं। इस मामले को लेकर रविवार देर रात तक सरकार के साथ चली वार्ता बेनतीजा रही। ऐसे में आईएमए को बैठक के लिए पांच जुलाई को दोबारा बुलाया गया है।
ये हैं मुख्य मांगें -
- समय पर भुगतान हो और एमओयू की शर्तों के अनुसार जारी किया जाए, जिसमें देरी के लिए एक फीसदी दंडात्मक ब्याज हो।
- पूर्व-स्वीकृति के बाद कटौती और अस्वीकृतियों को रोका जाए।
- टीएमएस-2 पोर्टल में तकनीकी समस्याओं का समाधान या पहले कार्यात्मक टीएमसी-1 की वापसी हो।
- हरियाणा में एचबीपी-2022 पैकेजों के कार्यान्वयन को शीघ्र किया जाए।
- दस्तावेजीकरण आवश्यकताओं को सरल बनाया जाए ताकि वे बाधा न बनें।
- जुर्माने लगाने की नीतियों को और तार्किक बनाया जाए।
- जांच अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा व्यक्तिगत उत्पीड़न को रोका जाए।
आईएमए की राज्य स्तरीय कमेटी की बैठक प्रदेश सरकार से चल रही थी जो कि बेनतीजा रही है। आईएमए अपने हड़ताल वाले निर्णय पर कायम है। वहीं दूसरी ओर अगर कमेटी की सभी मांगें प्रदेश सरकार आगे मान लेती है तो हड़ताल को खत्म कर दिया जाएगा है। उनका अंतिम फैसला राज्य स्तरीय कमेटी ही लेंगी।
डॉ. रोहित सरदाना, जिला प्रधान, आईएमए, करनाल
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- प्रदेश सरकार के साथ रविवार रात आठ बजे से चल रही आईएमए की राज्य स्तरीय बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। आयुष्मान पैनल से जुड़े जिले के 47 निजी अस्पतालों में एक जुलाई से पांच जुलाई तक साढ़े सात लाख आयुष्मान कार्ड धारकों को इलाज नहीं मिलेगा क्योंकि आयुष्मान कार्ड धारकों के इलाज के लगभग 18 करोड़ रुपये सरकार की तरफ अटके हुए हैं। इस मामले को लेकर रविवार देर रात तक सरकार के साथ चली वार्ता बेनतीजा रही। ऐसे में आईएमए को बैठक के लिए पांच जुलाई को दोबारा बुलाया गया है।
ये हैं मुख्य मांगें -
- समय पर भुगतान हो और एमओयू की शर्तों के अनुसार जारी किया जाए, जिसमें देरी के लिए एक फीसदी दंडात्मक ब्याज हो।
- पूर्व-स्वीकृति के बाद कटौती और अस्वीकृतियों को रोका जाए।
- टीएमएस-2 पोर्टल में तकनीकी समस्याओं का समाधान या पहले कार्यात्मक टीएमसी-1 की वापसी हो।
- हरियाणा में एचबीपी-2022 पैकेजों के कार्यान्वयन को शीघ्र किया जाए।
- दस्तावेजीकरण आवश्यकताओं को सरल बनाया जाए ताकि वे बाधा न बनें।
- जुर्माने लगाने की नीतियों को और तार्किक बनाया जाए।
- जांच अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा व्यक्तिगत उत्पीड़न को रोका जाए।
आईएमए की राज्य स्तरीय कमेटी की बैठक प्रदेश सरकार से चल रही थी जो कि बेनतीजा रही है। आईएमए अपने हड़ताल वाले निर्णय पर कायम है। वहीं दूसरी ओर अगर कमेटी की सभी मांगें प्रदेश सरकार आगे मान लेती है तो हड़ताल को खत्म कर दिया जाएगा है। उनका अंतिम फैसला राज्य स्तरीय कमेटी ही लेंगी।
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डॉ. रोहित सरदाना, जिला प्रधान, आईएमए, करनाल