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एटीएम खाली, कहां से लाएं पैसे
कैथल
Updated Tue, 11 Feb 2014 11:57 PM IST
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बैंक कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी कामकाज ठप रखकर हड़ताल जारी रखी जिस कारण लोगों को पैसों के लेन-देन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मंगलवार को जिले भर के करीब सौ एटीएम में पैसे खत्म हो चुके थे। लोग दिन भर पैसों के लिए एक एटीएम से दूसरे एटीएम तक की दौड़ लगाते रहे। शहर के कुछ निजी बैंकों के एटीएम के बाहर लोगों की लाइनें लगी रहीं, वहीं बैंक संबंधी अन्य काम ठप होने से उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतें हुईं।
सरकारी बैंकों में दो दिन से हड़ताल होने के कारण जिले में करीब दो सौ करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ। कैथल में करीब 22 सार्वजनिक बैंक हैं जिनकी अलग-अलग कई शाखाएं हैं। इन बैंकों में हर रोज करीब सौ करोड़ रुपये का लेन-देन होता है। मंगलवार को भी हड़ताल पर चल रहे बैंक कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बैंकों में तीन दिन से कामकाज ठप
रविवार को बैंकों में सरकारी अवकाश था। इसके बाद सोमवार व मंगलवार की हड़ताल के कारण लगातार तीन दिन से बैंकों में लेन-देन पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है जिस कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एटीएम खाली हो चुके हैं। शहर में करनाल रोड, अंबाला, कुरुक्षेत्र रोड, लोहा मार्केट, मुख्य बाजारों में स्थित एटीएम के खाली होने के कारण लोगों को एक एटीएम से दूसरे एटीएम तक कैश की तलाश में भटकना पड़ा। अंबाला, करनाल व कुरुक्षेत्र रोड पर कुछ निजी बैंकों के एटीएम से लोगों को कुछ हद तक राहत मिली।
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बैंकों के आगे भटकते रहे लोग
सुबह से ही बैंक खुलने के आस लगाकर लोग बैंकों के आगे भटकते रहे। बैकों के आगे नोटिस लगा हुआ था कि कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल के कारण बैंक दो दिन तक बंद रहेंगे। बैंक बंद होने का सबसे अधिक नुकसान उद्यमियों को उठाना पड़ा है। बैंक में आए सोहन कुमार ने बताया कि उनकी बेटी चंडीगढ़ में पढ़ती है। पढ़ाई के लिए उसके बैंक खाते में पैसे डलवाने थे। बैंक बंद होने कारण पैसे डलवाने में असमर्थ हैं। शमशेर सिंह जागलान ने बताया कि जमीन के पैसे का लेनदेन था। बैंक बंद होने के कारण काफी नुकसान हो सकता है। संदीप, सुखदेव, सन्नी, हरपाल सिंह ने बताया कि दो दिन से बैंक खाते में पैसे डालने के लिए आ रहे हैं। बैंक बंद होने कारण निराश होकर लौट रहे हैं। वहीं एटीएम से पैसे निकालने आए मनीष कुुमार, पवन, संदीप कुमार, अशोक कुमार, रमेश कुमार कैंदल, विजय कुमार, हरीश कुमार, नवीन कुमार, प्रवीण कुमार, प्रदीप सैनी ने बताया कि एटीएम में पैसे खत्म होने के कारण अधिक परेशानी हुई। शहर के निजी बैंकों के एटीएम पर जाकर अधिक शुल्क देकर एटीएम से पैसे लेने पड़ रहे हैं। निजी बैंकाें के एटीएम के बाहर भी लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं।
बैंक कर्मचारियों ने मांगों को लेकर नारेबाजी की
करनाल रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के सामने यूनाइटिड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले जिले के कई बैंक कर्मचारियों ने धरना देकर रोष जताया। बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के जोनल सचिव शशि मंगला ने बताया कि पांच साल के बाद बैंक वेतन रिवाइज होना था। जिसका समय नवंबर, 2012 में पूरा हो चुका है लेकिन वेतन में किसी प्रकार से बढ़ोतरी न होने से कर्मचारी परेशान हैं। इसी के विरोध में हड़ताल की गई है। धरने में ईश्वर सिंह सैनी, मनोज कुमार, अशोक कुमार, कुमार मुकेश, विजय कुमार, जसबीर सिंह, राजपाल आनंद सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।
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सरकारी बैंकों में दो दिन से हड़ताल होने के कारण जिले में करीब दो सौ करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ। कैथल में करीब 22 सार्वजनिक बैंक हैं जिनकी अलग-अलग कई शाखाएं हैं। इन बैंकों में हर रोज करीब सौ करोड़ रुपये का लेन-देन होता है। मंगलवार को भी हड़ताल पर चल रहे बैंक कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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बैंकों में तीन दिन से कामकाज ठप
रविवार को बैंकों में सरकारी अवकाश था। इसके बाद सोमवार व मंगलवार की हड़ताल के कारण लगातार तीन दिन से बैंकों में लेन-देन पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है जिस कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एटीएम खाली हो चुके हैं। शहर में करनाल रोड, अंबाला, कुरुक्षेत्र रोड, लोहा मार्केट, मुख्य बाजारों में स्थित एटीएम के खाली होने के कारण लोगों को एक एटीएम से दूसरे एटीएम तक कैश की तलाश में भटकना पड़ा। अंबाला, करनाल व कुरुक्षेत्र रोड पर कुछ निजी बैंकों के एटीएम से लोगों को कुछ हद तक राहत मिली।
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बैंकों के आगे भटकते रहे लोग
सुबह से ही बैंक खुलने के आस लगाकर लोग बैंकों के आगे भटकते रहे। बैकों के आगे नोटिस लगा हुआ था कि कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल के कारण बैंक दो दिन तक बंद रहेंगे। बैंक बंद होने का सबसे अधिक नुकसान उद्यमियों को उठाना पड़ा है। बैंक में आए सोहन कुमार ने बताया कि उनकी बेटी चंडीगढ़ में पढ़ती है। पढ़ाई के लिए उसके बैंक खाते में पैसे डलवाने थे। बैंक बंद होने कारण पैसे डलवाने में असमर्थ हैं। शमशेर सिंह जागलान ने बताया कि जमीन के पैसे का लेनदेन था। बैंक बंद होने के कारण काफी नुकसान हो सकता है। संदीप, सुखदेव, सन्नी, हरपाल सिंह ने बताया कि दो दिन से बैंक खाते में पैसे डालने के लिए आ रहे हैं। बैंक बंद होने कारण निराश होकर लौट रहे हैं। वहीं एटीएम से पैसे निकालने आए मनीष कुुमार, पवन, संदीप कुमार, अशोक कुमार, रमेश कुमार कैंदल, विजय कुमार, हरीश कुमार, नवीन कुमार, प्रवीण कुमार, प्रदीप सैनी ने बताया कि एटीएम में पैसे खत्म होने के कारण अधिक परेशानी हुई। शहर के निजी बैंकों के एटीएम पर जाकर अधिक शुल्क देकर एटीएम से पैसे लेने पड़ रहे हैं। निजी बैंकाें के एटीएम के बाहर भी लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं।
बैंक कर्मचारियों ने मांगों को लेकर नारेबाजी की
करनाल रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के सामने यूनाइटिड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले जिले के कई बैंक कर्मचारियों ने धरना देकर रोष जताया। बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के जोनल सचिव शशि मंगला ने बताया कि पांच साल के बाद बैंक वेतन रिवाइज होना था। जिसका समय नवंबर, 2012 में पूरा हो चुका है लेकिन वेतन में किसी प्रकार से बढ़ोतरी न होने से कर्मचारी परेशान हैं। इसी के विरोध में हड़ताल की गई है। धरने में ईश्वर सिंह सैनी, मनोज कुमार, अशोक कुमार, कुमार मुकेश, विजय कुमार, जसबीर सिंह, राजपाल आनंद सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।