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Karnal News: मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर रहीं आशा कर्मियों को बैरिकेड लगाकर रोका
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- फिर वहीं सड़क पर एक घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद ज्ञापन सौंपकर लौटे
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर रहीं आशा कर्मियों को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। इसके बाद उन्होंने वहीं सड़क पर बैठकर एक घंटे तक प्रदर्शन किया। सीटू जिला कमेटी के आह्वान पर जिले की सैकड़ों आशा कर्मी शुक्रवार को कैथल पुल के समीप एकत्रित हुईं, वहां से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया।
जिले की आशा कर्मी लंबी हड़ताल के बाद मुख्यमंत्री के साथ हुए समझौते को लागू करवाने को लेकर वीरवार को पंचकूला स्वास्थ्य मिशन निदेशक के कार्यालय पर प्रदर्शन करने जा रही थीं मगर आशा कर्मियों और यूनियन की नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया गया था। आशा कर्मियों का आरोप है कि कुछ जिलों से आशा कर्मी जो कि घरों से निकल चुकी थीं प्रशासन ने उनकी गाड़ियों को बीच रास्ते में ही रुकवा लिया।
उन्होंने कहा कि स्वीकृत मांगों को तुरंत लागू करवाने के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन रोकने के लिए सीटू नेताओं और आशा कर्मियों की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर हमला है। इस विरोध में शुक्रवार को सभी जिलों में सत्तापक्ष के विधायकों के आवास पर प्रदर्शन किया। जिले में सर्व कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सुशील गुर्जर की अगुवाई में मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया।
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सीटू नेताओं ने कहा कि सरकार किसानों को दिल्ली जाने से रोकती है और आशा कर्मियों को पंचकूला नहीं जाने दिया जा रहा। सीटू नेताओं ने कहा कि सरकार जनतांत्रिक अधिकारों पर हमला करना बंद करे, आशा कर्मियों के साथ हुआ समझौता लागू करे। करीब एक घंटे के प्रदर्शन के बाद उप सिविल सर्जन सरोज बाला को ज्ञापन सौंपा गया। आशा कर्मियों ने समझौता लागू न करने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। मौके पर जिला प्रधान नेहरू, कविता, रोशनी, नीशा, सेवाराम बड़सर, सीटू जिला प्रधान जगपाल राणा, ओपी माटा, ओमप्रकाश व कामरेड जगमाल मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर रहीं आशा कर्मियों को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। इसके बाद उन्होंने वहीं सड़क पर बैठकर एक घंटे तक प्रदर्शन किया। सीटू जिला कमेटी के आह्वान पर जिले की सैकड़ों आशा कर्मी शुक्रवार को कैथल पुल के समीप एकत्रित हुईं, वहां से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया।
जिले की आशा कर्मी लंबी हड़ताल के बाद मुख्यमंत्री के साथ हुए समझौते को लागू करवाने को लेकर वीरवार को पंचकूला स्वास्थ्य मिशन निदेशक के कार्यालय पर प्रदर्शन करने जा रही थीं मगर आशा कर्मियों और यूनियन की नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया गया था। आशा कर्मियों का आरोप है कि कुछ जिलों से आशा कर्मी जो कि घरों से निकल चुकी थीं प्रशासन ने उनकी गाड़ियों को बीच रास्ते में ही रुकवा लिया।
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उन्होंने कहा कि स्वीकृत मांगों को तुरंत लागू करवाने के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन रोकने के लिए सीटू नेताओं और आशा कर्मियों की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर हमला है। इस विरोध में शुक्रवार को सभी जिलों में सत्तापक्ष के विधायकों के आवास पर प्रदर्शन किया। जिले में सर्व कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सुशील गुर्जर की अगुवाई में मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया।
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सीटू नेताओं ने कहा कि सरकार किसानों को दिल्ली जाने से रोकती है और आशा कर्मियों को पंचकूला नहीं जाने दिया जा रहा। सीटू नेताओं ने कहा कि सरकार जनतांत्रिक अधिकारों पर हमला करना बंद करे, आशा कर्मियों के साथ हुआ समझौता लागू करे। करीब एक घंटे के प्रदर्शन के बाद उप सिविल सर्जन सरोज बाला को ज्ञापन सौंपा गया। आशा कर्मियों ने समझौता लागू न करने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। मौके पर जिला प्रधान नेहरू, कविता, रोशनी, नीशा, सेवाराम बड़सर, सीटू जिला प्रधान जगपाल राणा, ओपी माटा, ओमप्रकाश व कामरेड जगमाल मौजूद रहे।