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असंध में दिनदहाड़े व्यापारी की गोली मारकर हत्या, बवाल
करनाल
Updated Thu, 24 Oct 2013 11:38 PM IST
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शहर के मुख्य बाजार में वीरवार सुबह करीब साढे़ आठ बजे दो हथियारबंद बदमाशों ने गोली मारकर व्यापारी की हत्या कर दी। वारदात के समय व्यापारी दुकान की सफाई कर रहा था।
गोली मारने के बाद लूट की नीयत से आए दोनो आरोपी मौके से फरार हो गए। दिनदिहाड़े हुई इस वारदात के विरोध में व्यापारियों ने तुरंत बाजार बंद कर दिए। विरोध में जींद चौक पर जाम भी लगाया गया। वारदात की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और डीएसपी असंध ने प्रारंभिक जांच के बाद मौके पर मौजूद युवकों के बताए हुलिये के हिसाब से छापामारी कर दोनों बदमाशों को दबोच लिया। इसके बाद दुकानदार शांत हुए और एक घंटे बाद जाम खोल दिया।
जौहरी की दुकान चलाता था नरेंद्र
थाने के पास रहने वाला 42 वर्षीय नरेंद्र शहर के मेन बाजार में जौहरी की दुकान चलाता है। वह शहर का नामी जौहरी माना जाता था। रोजाना की तरह नरेंद्र सुबह करीब आठ बजे घर से दुकान के लिए निकला था। दुकान खोलने के बाद नरेंद्र सफाई कर ही रहा था कि अचानक से दो युवक दुकान में दाखिल हुए।
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प्रत्यक्षदर्शी चिराग, अमित व कपिल ने बताया कि लूटपाट के इरादे से आए इन युवकों का नरेंद्र ने विरोध किया तो हमलावरों ने उस पर गोली दाग दी। मौके पर ही नरेंद्र की मौत हो गई। वारदात के बाद हमलावर फरार हो गए। भागते वक्त युवकों ने हमलावरों को पकड़ने का भी प्रयास किया लेकिन वे हवा में गन लहराते हुए भाग निकले।
युवकों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद तीनों युवकों के बताए हुलिये के आधार पर कार्रवाई की।
दुकानदारों ने कहा, अपराधी बेखौफ
वारदात के बाद करीब सुबह दस बजे दुकानदारों ने विरोध स्वरूप जाम लगा दिया। दुकानदार जींद चौक पर एकत्रित हुए और जमकर नारेबाजी की। दुकानदारों ने कहा कि पुलिस प्रशासन का जरा भी खौफ नहीं रहा है और दिनदहाड़े लुटेरे वारदात कर रहे हैं। ऐसे में व्यापार करना मुश्किल हो जाएगा।
जाम की सूचना पाकर डीएसपी असंध और पुलिस बल मौके पर पहुंचा और व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया। डीएसपी ने बताया कि हमलावरों को काबू कर लिया गया है। इस पर व्यापारी शांत हुए और करीब एक घंटे बाद जाम खोल दिया गया। व्यापारियों ने चेताया कि अगर प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई तो वे आंदोलन उग्र करेंगे।
कैथल के रहने वाले हैं दोनों हमलावर
दोपहर बाद असंध पहुंचे एसपी शशांक आनंद ने बताया कि कैथल जिले के रोहेड़ा गांव के रहने वाले अक्षय व अनिल को काबू कर लिया गया है। दोनाें युवक लूटपाट के इरादे से नरेंद्र की दुकान पर आए थे और उसके विरोध करने पर इन्होंने व्यापारी पर गोली दाग दी।
दोनों के खिलाफ हत्या का मुकद्दमा दर्ज किया गया है। दोनों हत्यारोपी 20 से 22 वर्ष की आयु के हैं। एसपी ने बाद में हत्यारोपियों को पकड़वाने में मदद करने वाले युवकों की बहादुरी की सराहना की और सम्मानित करने का भरोसा दिया।
भांजे का अपहरण करने वाले मामा को उम्रकैद
साढ़े नौ माह पहले धर्म बहन के ढाई साल के बेटे का अपहरण कर फिरौती मांगने वाले मामा को अदालत ने उम्रकैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सात जनवरी को मध्यप्रदेश के गांव मामत खेड़ा निवासी हीरा लाल ने बच्चे के ननिहाल गांव कोहंड से खेल रहे ढाई वर्षीय अमन का अपहरण कर लिया था।
वह उसे अपने साथ मध्यप्रदेश ले गया था। वहां से उसने अमन के परिजनों से फोन पर तीन लाख रुपये की फिरौती मांगी लेकिन सीआईए वन पुलिस ने तीन दिन के भीतर अमन को हीरालाल सहित मध्यप्रदेश से सही सलामत हालत में बरामद कर लिया था। आरोपी ने कैथल की महिला को धर्म बहन बनाया था।
आरोपी शातिर, पहले राजस्थान बुलाया था
कैथल के शक्ति नगर की रहने वाली मुन्नी देवी अपने बच्चाें सहित अपने मायके कोहंड में रहने के लिए आई थी। सात जनवरी को मुन्नी के तीनाें बेटे व उसकी बहन के तीन बच्चे अपने मामा के घर के बाहर खेल रहे थे। खेल के दौरान करीब शाम के सात बजे मुन्नी का छोटा ढाई वर्षीय अमन अचानक गायब हो गया।
परिजनों ने रातभर अमन की खूब तलाश की पर उसका कहीं पता नहीं चला। आठ जनवरी को मुन्नी ने घरौंडा पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इसी बीच आरोपी ने नौ जनवरी को फोन कर अमन का अपहरण करने की बात स्वीकार की और तीन लाख रुपये फिरौती मांगी।
आरोपी ने तीन लाख रुपये की राशि लेकर राजस्थान के कोटा के गांव मंढाना पहुंचे की बात कही। मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस कप्तान ने तुरंत सीआईए प्रथम की टीम को राजस्थान रवाना किया। सीआईए प्रथम की टीम अमन के माता पिता को भी अपने साथ ले गई। शातिर आरोपी अमन के माता-पिता से फोन पर संपर्क बनाए हुए था। राजस्थान पहुंचने पर आरोपी ने उन्हें मध्यप्रदेश बुला लिया।
पुलिस अमन के माता-पिता के साथ मध्यप्रदेश पहुंची तो आरोपी ने मध्यप्रदेश के सुहासरा रेलवे स्टेशन पर रुपये लेकर आने को कहा। दस जनवरी की सुबह मध्यप्रदेश के गांव सुहासरा पहुंची तो आरोपी ने अमन के माता पिता को सुहासरा से सीतामाऊ की बस में बैठने को कहा। इसी दौरान पुलिस की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को काबू कर लिया। हीरा मुन्नी को धर्म बहन मानता था।
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गोली मारने के बाद लूट की नीयत से आए दोनो आरोपी मौके से फरार हो गए। दिनदिहाड़े हुई इस वारदात के विरोध में व्यापारियों ने तुरंत बाजार बंद कर दिए। विरोध में जींद चौक पर जाम भी लगाया गया। वारदात की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और डीएसपी असंध ने प्रारंभिक जांच के बाद मौके पर मौजूद युवकों के बताए हुलिये के हिसाब से छापामारी कर दोनों बदमाशों को दबोच लिया। इसके बाद दुकानदार शांत हुए और एक घंटे बाद जाम खोल दिया।
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जौहरी की दुकान चलाता था नरेंद्र
थाने के पास रहने वाला 42 वर्षीय नरेंद्र शहर के मेन बाजार में जौहरी की दुकान चलाता है। वह शहर का नामी जौहरी माना जाता था। रोजाना की तरह नरेंद्र सुबह करीब आठ बजे घर से दुकान के लिए निकला था। दुकान खोलने के बाद नरेंद्र सफाई कर ही रहा था कि अचानक से दो युवक दुकान में दाखिल हुए।
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प्रत्यक्षदर्शी चिराग, अमित व कपिल ने बताया कि लूटपाट के इरादे से आए इन युवकों का नरेंद्र ने विरोध किया तो हमलावरों ने उस पर गोली दाग दी। मौके पर ही नरेंद्र की मौत हो गई। वारदात के बाद हमलावर फरार हो गए। भागते वक्त युवकों ने हमलावरों को पकड़ने का भी प्रयास किया लेकिन वे हवा में गन लहराते हुए भाग निकले।
युवकों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद तीनों युवकों के बताए हुलिये के आधार पर कार्रवाई की।
दुकानदारों ने कहा, अपराधी बेखौफ
वारदात के बाद करीब सुबह दस बजे दुकानदारों ने विरोध स्वरूप जाम लगा दिया। दुकानदार जींद चौक पर एकत्रित हुए और जमकर नारेबाजी की। दुकानदारों ने कहा कि पुलिस प्रशासन का जरा भी खौफ नहीं रहा है और दिनदहाड़े लुटेरे वारदात कर रहे हैं। ऐसे में व्यापार करना मुश्किल हो जाएगा।
जाम की सूचना पाकर डीएसपी असंध और पुलिस बल मौके पर पहुंचा और व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया। डीएसपी ने बताया कि हमलावरों को काबू कर लिया गया है। इस पर व्यापारी शांत हुए और करीब एक घंटे बाद जाम खोल दिया गया। व्यापारियों ने चेताया कि अगर प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई तो वे आंदोलन उग्र करेंगे।
कैथल के रहने वाले हैं दोनों हमलावर
दोपहर बाद असंध पहुंचे एसपी शशांक आनंद ने बताया कि कैथल जिले के रोहेड़ा गांव के रहने वाले अक्षय व अनिल को काबू कर लिया गया है। दोनाें युवक लूटपाट के इरादे से नरेंद्र की दुकान पर आए थे और उसके विरोध करने पर इन्होंने व्यापारी पर गोली दाग दी।
दोनों के खिलाफ हत्या का मुकद्दमा दर्ज किया गया है। दोनों हत्यारोपी 20 से 22 वर्ष की आयु के हैं। एसपी ने बाद में हत्यारोपियों को पकड़वाने में मदद करने वाले युवकों की बहादुरी की सराहना की और सम्मानित करने का भरोसा दिया।
भांजे का अपहरण करने वाले मामा को उम्रकैद
साढ़े नौ माह पहले धर्म बहन के ढाई साल के बेटे का अपहरण कर फिरौती मांगने वाले मामा को अदालत ने उम्रकैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सात जनवरी को मध्यप्रदेश के गांव मामत खेड़ा निवासी हीरा लाल ने बच्चे के ननिहाल गांव कोहंड से खेल रहे ढाई वर्षीय अमन का अपहरण कर लिया था।
वह उसे अपने साथ मध्यप्रदेश ले गया था। वहां से उसने अमन के परिजनों से फोन पर तीन लाख रुपये की फिरौती मांगी लेकिन सीआईए वन पुलिस ने तीन दिन के भीतर अमन को हीरालाल सहित मध्यप्रदेश से सही सलामत हालत में बरामद कर लिया था। आरोपी ने कैथल की महिला को धर्म बहन बनाया था।
आरोपी शातिर, पहले राजस्थान बुलाया था
कैथल के शक्ति नगर की रहने वाली मुन्नी देवी अपने बच्चाें सहित अपने मायके कोहंड में रहने के लिए आई थी। सात जनवरी को मुन्नी के तीनाें बेटे व उसकी बहन के तीन बच्चे अपने मामा के घर के बाहर खेल रहे थे। खेल के दौरान करीब शाम के सात बजे मुन्नी का छोटा ढाई वर्षीय अमन अचानक गायब हो गया।
परिजनों ने रातभर अमन की खूब तलाश की पर उसका कहीं पता नहीं चला। आठ जनवरी को मुन्नी ने घरौंडा पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इसी बीच आरोपी ने नौ जनवरी को फोन कर अमन का अपहरण करने की बात स्वीकार की और तीन लाख रुपये फिरौती मांगी।
आरोपी ने तीन लाख रुपये की राशि लेकर राजस्थान के कोटा के गांव मंढाना पहुंचे की बात कही। मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस कप्तान ने तुरंत सीआईए प्रथम की टीम को राजस्थान रवाना किया। सीआईए प्रथम की टीम अमन के माता पिता को भी अपने साथ ले गई। शातिर आरोपी अमन के माता-पिता से फोन पर संपर्क बनाए हुए था। राजस्थान पहुंचने पर आरोपी ने उन्हें मध्यप्रदेश बुला लिया।
पुलिस अमन के माता-पिता के साथ मध्यप्रदेश पहुंची तो आरोपी ने मध्यप्रदेश के सुहासरा रेलवे स्टेशन पर रुपये लेकर आने को कहा। दस जनवरी की सुबह मध्यप्रदेश के गांव सुहासरा पहुंची तो आरोपी ने अमन के माता पिता को सुहासरा से सीतामाऊ की बस में बैठने को कहा। इसी दौरान पुलिस की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को काबू कर लिया। हीरा मुन्नी को धर्म बहन मानता था।