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करनाल-कैथल फोरलेन पर मनमाने ढंग से बनाए किट, हादसों का खतरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। करनाल-कैथल फोरलेन पर डिवाइडरों के बीच आवश्यकता से अधिक कट छोड़ दिए गए हैं। जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है। औंगद-नर्दक नहर से गुरुद्वारा चौक निसिंग तक करीब दो किमी एरिया में लगभग तीन दर्जन कट छोड़ दिए हैं। मुख्य बाजार में कुछ जगह तो 10 मीटर के फासले पर ही कट हैं। वहीं, लगभग हर राइस मिल, निजी होटल, पेट्रोल पंप, हर छोटी-बड़ी गली व दुकानों के आगे कट छोड़े गए हैं। जिससे हादसों का खतरा तो रहता ही है लोगों को पूर्ण रूप से फोरलेन की सुविधा नहीं मिल पा रही। हालांकि विभाग की ओर कुछ कट बंद कर खानापूर्ति भी की गई थी।
मिलीभगत का आरोप
लोगों ने आरोप लगाया कि विभागीय ठेकेदार की ओर से निजी प्रतिष्ठानों के साथ मिलीभगत कर कट छोड़े गए हैं। वहीं, मैटेरियल के बचाव का तरीका भी ढूंढा गया। करनाल-कैथल फोरलेन का निर्माण करीब दो सौ करोड़ की लागत से किया गया था। निर्माण कार्य डायमंड कंपनी को दिया गया था।
ठेकेदार ने अपने निजी स्वार्थ के लिए अधिक कट छोड़े हैं लेकिन आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
- सुभाष
विभाग को एक बार जांच करवानी चाहिए और खामी मिलने पर कंपनी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करनी चाहिए।
- सुरेन
नियम के अनुसार ही कट छोड़े गए थे। कुछ को बंद भी करवा दिया था। लोगों द्वारा अपनी सहूलियत के लिए भी कट बना लिए जाते हैं। फिर भी एक बार जांच करवा ली जाएगी। अगर ऐसा कुछ पाया गया तो समाधान करवा दिया जाएगा।
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राजिंद्र अरोड़ा, जेई लोक निर्माण विभाग
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करनाल। करनाल-कैथल फोरलेन पर डिवाइडरों के बीच आवश्यकता से अधिक कट छोड़ दिए गए हैं। जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है। औंगद-नर्दक नहर से गुरुद्वारा चौक निसिंग तक करीब दो किमी एरिया में लगभग तीन दर्जन कट छोड़ दिए हैं। मुख्य बाजार में कुछ जगह तो 10 मीटर के फासले पर ही कट हैं। वहीं, लगभग हर राइस मिल, निजी होटल, पेट्रोल पंप, हर छोटी-बड़ी गली व दुकानों के आगे कट छोड़े गए हैं। जिससे हादसों का खतरा तो रहता ही है लोगों को पूर्ण रूप से फोरलेन की सुविधा नहीं मिल पा रही। हालांकि विभाग की ओर कुछ कट बंद कर खानापूर्ति भी की गई थी।
मिलीभगत का आरोप
लोगों ने आरोप लगाया कि विभागीय ठेकेदार की ओर से निजी प्रतिष्ठानों के साथ मिलीभगत कर कट छोड़े गए हैं। वहीं, मैटेरियल के बचाव का तरीका भी ढूंढा गया। करनाल-कैथल फोरलेन का निर्माण करीब दो सौ करोड़ की लागत से किया गया था। निर्माण कार्य डायमंड कंपनी को दिया गया था।
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ठेकेदार ने अपने निजी स्वार्थ के लिए अधिक कट छोड़े हैं लेकिन आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
- सुभाष
विभाग को एक बार जांच करवानी चाहिए और खामी मिलने पर कंपनी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करनी चाहिए।
- सुरेन
नियम के अनुसार ही कट छोड़े गए थे। कुछ को बंद भी करवा दिया था। लोगों द्वारा अपनी सहूलियत के लिए भी कट बना लिए जाते हैं। फिर भी एक बार जांच करवा ली जाएगी। अगर ऐसा कुछ पाया गया तो समाधान करवा दिया जाएगा।
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राजिंद्र अरोड़ा, जेई लोक निर्माण विभाग