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Karnal News: ब्राह्मण धर्मशाला विवाद में एक अन्य पूर्व प्रधान ने लगाए आरोप
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिला करनाल ब्राह्मण सभा में आंतरिक कलह बढ़ती जा रही है। वीरवार को मानव सेवा संघ में पूर्व प्रधान नरेश शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पूर्व प्रधान सुरेंद्र शर्मा पर कई आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। नरेश शर्मा ने पूर्व प्रधान सुरेंद्र शर्मा और वर्किंग कमेटी के सदस्य लाजपत शर्मा के बीच चल रहे आरोप प्रत्यारोप में एंट्री ली तो ये मामला तूल पकड़ने लगा। घटना के बाद दोनों पक्ष प्रशासन से मुलाकात कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि धर्मशाला चुनाव के स्थगन के चलते प्रशासन ने चार सदस्यीय कमेटी गठित की है, जो तीन महीनों से निष्ठा से कार्य कर रही है। लाजपत शर्मा का आरोप है कि सुरेंद्र शर्मा को यह व्यवस्था रास नहीं आ रही क्योंकि 15 वर्षों से वह धर्मशाला पर एकतरफा नियंत्रण बनाए हुए थे।
उन्होंने बताया कि धर्मशाला की आय प्रतिमाह लगभग दो लाख रुपए है, लेकिन जब उन्होंने कार्यभार संभाला तो खाते में केवल 60-70 हजार रुपए ही मिले। उन्होंने पूर्व प्रधान सुरेंद्र शर्मा पर कई अन्य आरोप भी लगाए हैं। हरियाणा ब्राह्मण सभा के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत शर्मा कोहंड ने भी पूर्व प्रधान सुरेंद्र शर्मा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सदस्यता शुल्क के बल पर वोट खरीदकर कुर्सी हथियाने का कार्य लोकतांत्रिक नहीं बल्कि समाज के मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने सुझाव दिया कि सदस्यता आधारित चुनाव की बजाय सर्वसम्मति से ईमानदार प्रतिनिधि चुना जाए ताकि समाज में शांति और सहयोग बना रहे। समाज के भीतर भी यह मांग उठ रही है कि धर्मशाला की आमदनी और खर्च का पारदर्शी लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाए ताकि किसी एक व्यक्ति का नहीं, पूरे समाज का हित सुनिश्चित हो सके।
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करनाल। जिला करनाल ब्राह्मण सभा में आंतरिक कलह बढ़ती जा रही है। वीरवार को मानव सेवा संघ में पूर्व प्रधान नरेश शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पूर्व प्रधान सुरेंद्र शर्मा पर कई आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। नरेश शर्मा ने पूर्व प्रधान सुरेंद्र शर्मा और वर्किंग कमेटी के सदस्य लाजपत शर्मा के बीच चल रहे आरोप प्रत्यारोप में एंट्री ली तो ये मामला तूल पकड़ने लगा। घटना के बाद दोनों पक्ष प्रशासन से मुलाकात कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि धर्मशाला चुनाव के स्थगन के चलते प्रशासन ने चार सदस्यीय कमेटी गठित की है, जो तीन महीनों से निष्ठा से कार्य कर रही है। लाजपत शर्मा का आरोप है कि सुरेंद्र शर्मा को यह व्यवस्था रास नहीं आ रही क्योंकि 15 वर्षों से वह धर्मशाला पर एकतरफा नियंत्रण बनाए हुए थे।
उन्होंने बताया कि धर्मशाला की आय प्रतिमाह लगभग दो लाख रुपए है, लेकिन जब उन्होंने कार्यभार संभाला तो खाते में केवल 60-70 हजार रुपए ही मिले। उन्होंने पूर्व प्रधान सुरेंद्र शर्मा पर कई अन्य आरोप भी लगाए हैं। हरियाणा ब्राह्मण सभा के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत शर्मा कोहंड ने भी पूर्व प्रधान सुरेंद्र शर्मा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सदस्यता शुल्क के बल पर वोट खरीदकर कुर्सी हथियाने का कार्य लोकतांत्रिक नहीं बल्कि समाज के मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने सुझाव दिया कि सदस्यता आधारित चुनाव की बजाय सर्वसम्मति से ईमानदार प्रतिनिधि चुना जाए ताकि समाज में शांति और सहयोग बना रहे। समाज के भीतर भी यह मांग उठ रही है कि धर्मशाला की आमदनी और खर्च का पारदर्शी लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाए ताकि किसी एक व्यक्ति का नहीं, पूरे समाज का हित सुनिश्चित हो सके।
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