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Karnal News: धरातल पर नहीं उतरीं घोषणाएं... बजट से फिर उम्मीद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 23 Feb 2026 12:38 AM IST
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Announcements not implemented... Hopes again from the budget
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। सरकार के जिले के लिए घोषणाएं भरपूर कीं लेकिन धरातल पर ये सिरे नहीं चढ़ सकीं। इनकी फाइलों पर धूल जमी हुई है। कर्णनगरी के लोगों को राज्य सरकार के बजट से फिर उम्मीद है कि सरकार जिले को नई सौगात तो देगी ही पुरानी योजनाओं को पूरा करने के लिए भी कवायद करेगी। हवाई अड्डे, करनाल यमुनानगर रेलमार्ग प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण और फार्मा प्रोजेक्ट जैसी योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा।



12 साल से लंबित हवाई अड्डे का सपना
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्ष 2014 में नेवल हवाई पट्टी के विस्तार की घोषणा की थी। आसपास के किसानों की 172 एकड़ जमीन ली गई। चहारदीवारी भी बना ली गई। फिर प्रोजेक्ट रुक गया। अगर बजट में इसे मंजूर मिलती है तो करनाल ही नहीं आसपास के जिलों को भी लाभ मिलेगा। क्योंकि चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक एक भी हवाई अड्डा नहीं है। फिलहाल नेवल हवाई पट्टी पर टू सीटर सेशना-152 और फोर सीटर सेशना-172 क्राफ्ट के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। पट्टी का विस्तार होते ही रात को भी लैंडिंग हो सकेगी। पहले नेवल में रनवे तीन हजार फीट का था, अब इसे पांच हजार फीट किया जाएगा। यहां बेसिग, पार्किंग जोन, नाइट लैंडिंग, लाइट एमआरओ जैसी सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा।
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पांच साल से करनाल-यमुनानगर रेलमार्ग की आस
बजट से करनाल-यमुनानगर रेल लाइन परियोजना के लिए भी धनराशि जारी होने की आस है। केंद्र व राज्य सरकार की इस संयुक्त परियोजना के लिए रेलवे ने 1173 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी। वर्ष 2021 के बजट में केंद्र ने कुछ राशि टोकन के रूप में रेलवे को जारी की। इसके बाद वर्ष-2023 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के बजट में परियोजना जल्द पूरी करने की बात कही थी। फिलहाल यमुनानगर से दक्षिण व पश्चिमी हरियाणा के लिए केवल सड़क ही एकमात्र रास्ता है। ट्रेन से जाने के लिए लोगों को अंबाला, कुरुक्षेत्र जाना पड़ता है। रेल मार्ग करीब 64.6 किलोमीटर लंबा होना था जो अंबाला-दिल्ली रेलवे लाइन पर करनाल व भैणी खुर्द रेलवे स्टेशन को जोड़ता। इस रेल मार्ग पर पांच स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित थे।
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नौ साल से अटका हुआ है फार्मा प्रोजेक्ट
करनाल में फार्मा पार्क बनाने की घोषणा वर्ष 2017 में केंद्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्री अनंत कुमार ने मुरथल में आयोजित बैठक में की थी। फार्मा पार्क करीब 100 एकड़ भूमि पर करीब 1800 करोड़ रुपये में बनाया जाना है। वर्ष 2021 में मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री रहते हुए हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दी। केंद्र सरकार की ओर से भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवजा तय न करने के कारण परियोजना लटक गई। फार्मा पार्क बनने से करनाल की फार्मा इंडस्ट्री को नई गति मिलेगी। सैकड़ों बड़ी फैक्टरियां लगेंगी, विदेशी व देसी सभी खरीदारों को एक ही स्थान पर सैकड़ों दवा कंपनियों की दवाइयां मिल जाएंगी। करनाल में लोगों की आवाजाही बढ़ेगी तो स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा लेकिन आज तक ये प्रोजेक्ट अधूरा ही है।
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