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किसानों के समर्थन में आंगनबाड़ी वर्कर्स ने फूंका पुतला
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। आंगनबाड़ी वर्कर्स ने भी किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार का पुतला फूंका। सुबह फव्वारा पार्क में वर्कर्स एकत्रित हुई थी। यहां से रोष मार्च निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। जहां मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। वर्कर्स ने कहा कि सरकार सभी के साथ वादाखिलाफी कर रही है। किसानों और आंगनबाड़ी वर्कर्स के लिए किए वादे जल्द पूरे किए जाने चाहिए।
आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन के बैनर तले हड़ताल 55वें दिन भी जारी रही। फव्वारा पार्क में धरने की अध्यक्षता प्रधान रूपा राणा और संचालन नीलम ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स की मांगों का समाधान करने के बजाय उनके आंदोलन को तोड़ने का प्रयास कर रही है। वर्कर्स को धमकी दी जा रही है और उन्हें बर्खास्त करने के पत्र भी जारी हो रहे हैं। जबकि यह अनुचित है, किसी की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। हम केवल अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।
वर्कर्स व हेल्पर्स को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, जब तक कर्मचारी नहीं बनाया जाता तब तक न्यूनतम वेतन 24 हजार रुपये मिले। 2018 में की गई घोषणाओं को लागू करते हुए महंगाई भत्ते की तमाम किस्त मानदेय में जोड़कर दी जाए। महंगाई भत्ते का बकाया एरियर भी तुरंत मिले। हेल्पर के पदनाम को बदला जाए। विभाग द्वारा बिना फोन व अन्य संसाधन दिए वर्कर्स पर ऑनलाइन काम का दबाव बनाना बंद किया जाए।
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मौके पर सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी, जगपाल राणा, ओपी माटा, जोगा सिंह, किसान नेता सेवा सिंह आर्य, जगदीप सिंह, रत्न मान, बिजनेश राणा, रीना, सरोज, रेखा, राज, शीला, नरेश और शालिनी मौजूद रहे।
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करनाल। आंगनबाड़ी वर्कर्स ने भी किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार का पुतला फूंका। सुबह फव्वारा पार्क में वर्कर्स एकत्रित हुई थी। यहां से रोष मार्च निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। जहां मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। वर्कर्स ने कहा कि सरकार सभी के साथ वादाखिलाफी कर रही है। किसानों और आंगनबाड़ी वर्कर्स के लिए किए वादे जल्द पूरे किए जाने चाहिए।
आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन के बैनर तले हड़ताल 55वें दिन भी जारी रही। फव्वारा पार्क में धरने की अध्यक्षता प्रधान रूपा राणा और संचालन नीलम ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स की मांगों का समाधान करने के बजाय उनके आंदोलन को तोड़ने का प्रयास कर रही है। वर्कर्स को धमकी दी जा रही है और उन्हें बर्खास्त करने के पत्र भी जारी हो रहे हैं। जबकि यह अनुचित है, किसी की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। हम केवल अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।
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वर्कर्स व हेल्पर्स को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, जब तक कर्मचारी नहीं बनाया जाता तब तक न्यूनतम वेतन 24 हजार रुपये मिले। 2018 में की गई घोषणाओं को लागू करते हुए महंगाई भत्ते की तमाम किस्त मानदेय में जोड़कर दी जाए। महंगाई भत्ते का बकाया एरियर भी तुरंत मिले। हेल्पर के पदनाम को बदला जाए। विभाग द्वारा बिना फोन व अन्य संसाधन दिए वर्कर्स पर ऑनलाइन काम का दबाव बनाना बंद किया जाए।
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मौके पर सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी, जगपाल राणा, ओपी माटा, जोगा सिंह, किसान नेता सेवा सिंह आर्य, जगदीप सिंह, रत्न मान, बिजनेश राणा, रीना, सरोज, रेखा, राज, शीला, नरेश और शालिनी मौजूद रहे।