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... और लौट के आ जा मेरे लाल कहते-कहते बेहोश हो गई मां
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। लौट के आ जा मेरे लाल कहते-कहते धरना स्थल पर मृतक गोल्डी की मां कई बार बेहोश हो गई। वह विश्वास नहीं कर पा रही थी कि उसका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है। परिवार की अन्य महिलाओं ने उन्हें संभालने की कोशिश की। धरना स्थल पर युवक की दोनों बहनें, भाभी व परिवार की महिलाएं भी बिलख बिलख कर रो रहीं थीं। जो कई बार युवक को देखने एंबुलेंस की तरफ गईं लेकिन उन्हें देखने नहीं दिया। गोल्डी अपने पीछे माता-पिता, एक बड़ा भाई व शादीशुदा दो बहनों को छोड़ गया।
पुलिस ने पहले किया था हत्या के प्रयास का मामला दर्ज
निसिंग पैलेस में शादी समारोह के दौरान दोपहर को आरोपी अजीत और गोल्डी के बीच कहासुनी हुई थी। आरोपी अजीत ने देर शाम अपने चाचा के लड़कों के माध्यम से गोल्डी को घर से बाहर बुलाकर मारपीट कर उसके पेट में गोली मार दी थी। उसी दौरान गोल्डी घायल था। रात को सूचना मिलने पर पुलिस ने हत्या के प्रयास की धारा लगाकर एक आरोपी अजीत के खिलाफ मामला दर्ज किया था लेकिन शुक्रवार अल सुबह गोल्डी की मौत हो गई। परिजनों को पांच और आरोपियों के नाम का पता चला तो उनके नाम को एफआईआर में दर्ज कराने के लिए परिजनों ने महिलाओं सहित निसिंग में पहुंचकर कैथल रोड पर एक बजकर 55 मिनट पर जाम लगा दिया।
परिजनों द्वारा जाम लगाने पर कैथल रोड पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई, क्योंकि परिजनों ने सड़क के बीचमें डंपर व ट्रैक्टर ट्राली लगाकर जाम लगाया था। परिजनों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने रूट डायवर्ट कर दिया। इस दौरान आरएएफ व महिला पुलिस बल बुलाया गया। डीएसपी जगदीप दून, नायब तहसीलदार रामकुमार, थाना प्रभारी निसिंग ऋषिपाल ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण जाम खोलने को तैयार नहीं हुए।
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जाम स्थल पर शव सहित खड़ी रही एंबुलेंस
जाम के दौरान करीब एक घंटे तक शव के साथ एंबुलेंस सड़क पर खड़ी रही। पुलिस प्रशासन ने कई बार ग्रामीणों से बातचीत कर जाम खुलवाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नहीं माने। जो सभी छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की एफआईआर देखने की बात पर अड़े रहे। ग्रामीण सूरजभान, उमरा, अंग्रेज सिंह, मलूक, नरेश कुमार, सुभाष, सुखबीर सिंह व फूलसिंह सहित अन्य ने सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
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करनाल। लौट के आ जा मेरे लाल कहते-कहते धरना स्थल पर मृतक गोल्डी की मां कई बार बेहोश हो गई। वह विश्वास नहीं कर पा रही थी कि उसका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है। परिवार की अन्य महिलाओं ने उन्हें संभालने की कोशिश की। धरना स्थल पर युवक की दोनों बहनें, भाभी व परिवार की महिलाएं भी बिलख बिलख कर रो रहीं थीं। जो कई बार युवक को देखने एंबुलेंस की तरफ गईं लेकिन उन्हें देखने नहीं दिया। गोल्डी अपने पीछे माता-पिता, एक बड़ा भाई व शादीशुदा दो बहनों को छोड़ गया।
पुलिस ने पहले किया था हत्या के प्रयास का मामला दर्ज
निसिंग पैलेस में शादी समारोह के दौरान दोपहर को आरोपी अजीत और गोल्डी के बीच कहासुनी हुई थी। आरोपी अजीत ने देर शाम अपने चाचा के लड़कों के माध्यम से गोल्डी को घर से बाहर बुलाकर मारपीट कर उसके पेट में गोली मार दी थी। उसी दौरान गोल्डी घायल था। रात को सूचना मिलने पर पुलिस ने हत्या के प्रयास की धारा लगाकर एक आरोपी अजीत के खिलाफ मामला दर्ज किया था लेकिन शुक्रवार अल सुबह गोल्डी की मौत हो गई। परिजनों को पांच और आरोपियों के नाम का पता चला तो उनके नाम को एफआईआर में दर्ज कराने के लिए परिजनों ने महिलाओं सहित निसिंग में पहुंचकर कैथल रोड पर एक बजकर 55 मिनट पर जाम लगा दिया।
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परिजनों द्वारा जाम लगाने पर कैथल रोड पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई, क्योंकि परिजनों ने सड़क के बीचमें डंपर व ट्रैक्टर ट्राली लगाकर जाम लगाया था। परिजनों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने रूट डायवर्ट कर दिया। इस दौरान आरएएफ व महिला पुलिस बल बुलाया गया। डीएसपी जगदीप दून, नायब तहसीलदार रामकुमार, थाना प्रभारी निसिंग ऋषिपाल ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण जाम खोलने को तैयार नहीं हुए।
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जाम स्थल पर शव सहित खड़ी रही एंबुलेंस
जाम के दौरान करीब एक घंटे तक शव के साथ एंबुलेंस सड़क पर खड़ी रही। पुलिस प्रशासन ने कई बार ग्रामीणों से बातचीत कर जाम खुलवाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नहीं माने। जो सभी छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की एफआईआर देखने की बात पर अड़े रहे। ग्रामीण सूरजभान, उमरा, अंग्रेज सिंह, मलूक, नरेश कुमार, सुभाष, सुखबीर सिंह व फूलसिंह सहित अन्य ने सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।