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कड़ी सुरक्षा के बीच हत्यारोपी अंजलि की कराई स्वास्थ्य जांच
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जश चौधरी हत्याकांड में जिला जेल में बंद आरोपी चाची अंजलि को सामान्य स्वास्थ्य जांच के लिए बृहस्पतिवार को नागरिक अस्पताल लाया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच जेल कर्मचारी उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। स्वास्थ्य जांच के उपरांत उसे वापस जिला जेल ले जाया गया। जेल अधीक्षक अमित कुमार का कहना है कि यह सामान्य स्वास्थ्य चेकअप था। कैदियों व बंदियों की सामान्य स्वास्थ्य जांच करवानी पड़ती है।
पांच अप्रैल को कमालपुर रोड़ान गांव में चार वर्षीय जश चौधरी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। तब एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर कंधे पर झोला टांगकर गांव से जा रहे संदिग्ध व्यक्ति पर संदेह जताया था। पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया के नेतृत्व में पुलिस ने रात को जब पूरे गांव की घेराबंदी कर घर-घर तलाशी ली तो अगले दिन छह अप्रैल की सुबह पड़ोस में पशुबाड़े की छत पर जश का शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया था कि गला घोंटकर जश की हत्या की गई है। उसके बाद पुलिस ने वैज्ञानिक ढंग से वास्तविक तथ्यों पर गहनता से जांच करवाई तो हत्यारोपी चाची अंजलि तक पुलिस के हाथ पहुंचे।
नौ अप्रैल को अंजलि को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर उसे तीन दिन के रिमांड पर लिया गया। बाद में उसकी दो दिन की रिमांड अवधि भी बढ़ी थी। उसके बाद जश की ताई धनवंती व दादी सौरनदे को शव खुर्दबुर्द करने के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया। 15 अप्रैल को तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया और अदालत के आदेश पर इन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जिला जेल भेजा गया। पुलिस की जांच में यह तथ्य भी सामने आया था कि अंजलि का मनोचिकित्सक से इलाज चल रहा था।
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करनाल। जश चौधरी हत्याकांड में जिला जेल में बंद आरोपी चाची अंजलि को सामान्य स्वास्थ्य जांच के लिए बृहस्पतिवार को नागरिक अस्पताल लाया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच जेल कर्मचारी उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। स्वास्थ्य जांच के उपरांत उसे वापस जिला जेल ले जाया गया। जेल अधीक्षक अमित कुमार का कहना है कि यह सामान्य स्वास्थ्य चेकअप था। कैदियों व बंदियों की सामान्य स्वास्थ्य जांच करवानी पड़ती है।
पांच अप्रैल को कमालपुर रोड़ान गांव में चार वर्षीय जश चौधरी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। तब एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर कंधे पर झोला टांगकर गांव से जा रहे संदिग्ध व्यक्ति पर संदेह जताया था। पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया के नेतृत्व में पुलिस ने रात को जब पूरे गांव की घेराबंदी कर घर-घर तलाशी ली तो अगले दिन छह अप्रैल की सुबह पड़ोस में पशुबाड़े की छत पर जश का शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया था कि गला घोंटकर जश की हत्या की गई है। उसके बाद पुलिस ने वैज्ञानिक ढंग से वास्तविक तथ्यों पर गहनता से जांच करवाई तो हत्यारोपी चाची अंजलि तक पुलिस के हाथ पहुंचे।
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नौ अप्रैल को अंजलि को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर उसे तीन दिन के रिमांड पर लिया गया। बाद में उसकी दो दिन की रिमांड अवधि भी बढ़ी थी। उसके बाद जश की ताई धनवंती व दादी सौरनदे को शव खुर्दबुर्द करने के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया। 15 अप्रैल को तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया और अदालत के आदेश पर इन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जिला जेल भेजा गया। पुलिस की जांच में यह तथ्य भी सामने आया था कि अंजलि का मनोचिकित्सक से इलाज चल रहा था।
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