{"_id":"6995cb61d93031ae3202a489","slug":"all-four-accused-officers-were-produced-in-court-2026-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"धान घोटाला: चारों आरोपी अधिकारियों को कोर्ट में किया पेश, मिला पुलिस रिमांड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धान घोटाला: चारों आरोपी अधिकारियों को कोर्ट में किया पेश, मिला पुलिस रिमांड
Wed, 18 Feb 2026 07:53 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, करनाल
अमर उजाला ब्यूरो, करनाल
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Wed, 18 Feb 2026 07:53 PM IST
सार
एसआईटी के प्रभारी डीएसपी राजीव कुमार ने बताया कि रिमांड के दौरान इन अधिकारियों से रिकवरी की जाएगी, साथ ही मामले में संलिप्त अन्य लोगों का पता लगाया जाएगा।
विज्ञापन
धान घोटाले में आरोपी
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिले की अनाज मंडियों में करीब 20 करोड़ रुपये के धान घोटाला मामले में मंगलवार को गिरफ्तार चारों आरोपी अधिकारियों को बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से असंध मंडी के सचिव कृष्ण धनखड़ को तीन दिन, जुंडला मंडी के सचिव दीपक कुमार और करनाल मंडी की सचिव आशा रानी दो दिन व पूर्व डीएफएससी अनिल को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया।
एसआईटी के प्रभारी डीएसपी राजीव कुमार ने बताया कि रिमांड के दौरान इन अधिकारियों से रिकवरी की जाएगी, साथ ही मामले में संलिप्त अन्य लोगों का पता लगाया जाएगा। पुलिस को पूर्व में गिरफ्तार हुए अधिकारियों और कर्मचारियों से भी कई इनपुट मिले हैं, जिसके आधार पर आगे जांच की जा रही है।
विदित हो कि अब तक जिले की अलग-अलग मंडियों से सामने आए इस फर्जीवाड़े में छह प्राथमिकी दर्ज हो चुकी हैं। जिनमें अधिकारी, कर्मचारी, आढ़ती, मिलर और निजी लोगों समेत 25 की गिरफ्तारी हो चुकी है। अभी कई और लोग पुलिस की रडार पर हैं। एसपी नरेंद्र बिजारानिया ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए दो एसआईटी गठित हैं, एक का नेतृत्व एएसपी कांची सिंघल तो दूसरी टीम का नेतृत्व डीएसपी शहर राजीव कुमार कर रहे हैं।
विज्ञापन
मामले में जो भी अन्य आरोपी हैं, उन्हें भी काबू किया जाएगा। आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस टीमें जांच में जुटी हुई हैं। गिरफ्तार चारों अधिकारियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आईटी एक्ट, पीसी एक्ट और अन्य गंभीर अपराधों की धारा में प्राथमिकी दर्ज है।
विज्ञापन
एसआईटी के प्रभारी डीएसपी राजीव कुमार ने बताया कि रिमांड के दौरान इन अधिकारियों से रिकवरी की जाएगी, साथ ही मामले में संलिप्त अन्य लोगों का पता लगाया जाएगा। पुलिस को पूर्व में गिरफ्तार हुए अधिकारियों और कर्मचारियों से भी कई इनपुट मिले हैं, जिसके आधार पर आगे जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विदित हो कि अब तक जिले की अलग-अलग मंडियों से सामने आए इस फर्जीवाड़े में छह प्राथमिकी दर्ज हो चुकी हैं। जिनमें अधिकारी, कर्मचारी, आढ़ती, मिलर और निजी लोगों समेत 25 की गिरफ्तारी हो चुकी है। अभी कई और लोग पुलिस की रडार पर हैं। एसपी नरेंद्र बिजारानिया ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए दो एसआईटी गठित हैं, एक का नेतृत्व एएसपी कांची सिंघल तो दूसरी टीम का नेतृत्व डीएसपी शहर राजीव कुमार कर रहे हैं।
विज्ञापन
मामले में जो भी अन्य आरोपी हैं, उन्हें भी काबू किया जाएगा। आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस टीमें जांच में जुटी हुई हैं। गिरफ्तार चारों अधिकारियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आईटी एक्ट, पीसी एक्ट और अन्य गंभीर अपराधों की धारा में प्राथमिकी दर्ज है।