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जिला परिषद में सफाई घोटाले के बाद अब लंबित बिलों की होगी जांच
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सफाई, बोरवेल और अन्य घोटालों को लेकर सुर्खियों में आई कैथल जिला परिषद में अब तैयार कर दिए गए तीन करोड़ रुपये से अधिक के बिलों की वेरिफिकेशन के लिए कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी की वेरिफिकेशन के बाद जो काम ठीक पाए जाएंगे, उन्हीं का भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को जिला परिषद कार्यालय सहित गांवों का दौरा कर तथ्य जुटाए।
विदित रहे कि जिला परिषद कैथल में पिछले चार माह में आई करीब 31 करोड़ रुपये की ग्रांट के माध्यम से हुए सफाई कार्यों, गलियों और अन्य कार्यों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा, भाजपा विधायक कैथल लीला राम सहित कई नेताओं द्वारा सफाई घोटाले के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के बाद पहले विभागीय स्तर पर और फिर बाद में स्टेट विजिलेंस को मामले की जांच सौंप दी गई है।
इसके बाद मंगलवार को विजिलेंस की टीम ने कैथल का दौरा करके गांवों से जानकारी जुटाई थी। साथ ही जिला परिषद कार्यालय में तकनीकी विंग के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई थी।
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दूसरी ओर सफाई सहित अन्य कार्यों से अलग विभिन्न कार्यों के लिए तैयार किए गए लगभग तीन करोड़ रुपये से अधिक के बिलों को लेकर भी विभाग के पास शिकायत पहुंची हुई है। बताया जा रहा है कि इन बिलों में कई काम ऐसे हैं, जिन्हें पंचायतों द्वारा पहले करवा लिया गया था, उन्हें भी इन्हीं बिलों में शामिल किया गया है। कई माह से ये बिल लंबित हैं।
अब इन्हें पास करने के लिए सीईओ जिला परिषद कुलधीर सिंह ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में जिला परिषद में नवनियुक्त ईओ के अलावा दो कर्मचारी शामिल हैं। जो बिलों में दर्शाए गए कार्यों का निरीक्षण करने के बाद जो रिपोर्ट देंगे, उसी अनुसार बिल पास होंगे।
सीईओ जिला परिषद कुलधीर सिंह ने कहा कि लंबित बिलों की वेरिफिकेशन के लिए कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी की रिपोर्ट अनुसार ही बिल पास होंगे। विजिलेंस टीम के दौरे को लेकर उन्हें जानकारी नहीं है।
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कैथल। सफाई, बोरवेल और अन्य घोटालों को लेकर सुर्खियों में आई कैथल जिला परिषद में अब तैयार कर दिए गए तीन करोड़ रुपये से अधिक के बिलों की वेरिफिकेशन के लिए कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी की वेरिफिकेशन के बाद जो काम ठीक पाए जाएंगे, उन्हीं का भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को जिला परिषद कार्यालय सहित गांवों का दौरा कर तथ्य जुटाए।
विदित रहे कि जिला परिषद कैथल में पिछले चार माह में आई करीब 31 करोड़ रुपये की ग्रांट के माध्यम से हुए सफाई कार्यों, गलियों और अन्य कार्यों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा, भाजपा विधायक कैथल लीला राम सहित कई नेताओं द्वारा सफाई घोटाले के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के बाद पहले विभागीय स्तर पर और फिर बाद में स्टेट विजिलेंस को मामले की जांच सौंप दी गई है।
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इसके बाद मंगलवार को विजिलेंस की टीम ने कैथल का दौरा करके गांवों से जानकारी जुटाई थी। साथ ही जिला परिषद कार्यालय में तकनीकी विंग के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई थी।
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दूसरी ओर सफाई सहित अन्य कार्यों से अलग विभिन्न कार्यों के लिए तैयार किए गए लगभग तीन करोड़ रुपये से अधिक के बिलों को लेकर भी विभाग के पास शिकायत पहुंची हुई है। बताया जा रहा है कि इन बिलों में कई काम ऐसे हैं, जिन्हें पंचायतों द्वारा पहले करवा लिया गया था, उन्हें भी इन्हीं बिलों में शामिल किया गया है। कई माह से ये बिल लंबित हैं।
अब इन्हें पास करने के लिए सीईओ जिला परिषद कुलधीर सिंह ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में जिला परिषद में नवनियुक्त ईओ के अलावा दो कर्मचारी शामिल हैं। जो बिलों में दर्शाए गए कार्यों का निरीक्षण करने के बाद जो रिपोर्ट देंगे, उसी अनुसार बिल पास होंगे।
सीईओ जिला परिषद कुलधीर सिंह ने कहा कि लंबित बिलों की वेरिफिकेशन के लिए कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी की रिपोर्ट अनुसार ही बिल पास होंगे। विजिलेंस टीम के दौरे को लेकर उन्हें जानकारी नहीं है।