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Karnal News: ताड़का के संहार के बाद भगवान राम ने किया आहिल्या उद्धार
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महाबीर मंदिर में चल रही श्री राम कथा, सुनाए कई प्रसंग
संवाद न्यूज एजेंसी
तरावड़ी। श्री राम सेवा मंडल की ओर से महाबीर मंदिर में श्री राम कथा चल रही है। आचार्य प्रहलाद मिश्रा रामायणी ने कथा में कई प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि नाम, धाम, रूप और लीला यह चारों परमात्मा के स्वरूप माने गए हैं। शास्त्र में इन चारों से जीव का कल्याण होना संभव है, किसी एक से हमारी साधना जुड़नी चाहिए। भगवान की कथा में चारों की भूमिका होती है।
उन्होंने कहा चक्रवर्ती महाराज दशरथ भगवान श्री राम को राजा के भाव से बुलाते हैं, परंतु अपने बाल मंडल सखाओं को छोड़कर नहीं आते हैं, प्रभु श्री राम, लेकिन मां कौशल्या जब वात्सल्य भाव से बुलाती है पीछे-पीछे चल पड़ते हैं। भक्ति भाव वह तत्व है जो भगवान को अपने पीछे चलने के लिए बाध्य कर देती है और ज्ञान के गोद में बिठा देती है। प्राणी मात्र को विश्राम देने वाला ही राम है। भारत में रकार प्राण तत्व है राम के बिना भारत को चेतना शून्य होना संभावित है।
प्रसंग सुनाते हुए मुंडन, उपनयन, विधाध्यन आदि प्रभु श्री राम का अयोध्या में समस्त संस्कार संपन्न हुआ। वेद भगवान जिनके सहज स्वास है परंतु भगवान श्री राम लोक लीला में गुरुदेव वशिष्ठ के पावन सानिध्य में रहकर समस्त विद्याओं में पारंगत होते हैं। विश्वामित्र जी का यज्ञ संपन्न करा के ताड़का आदि संहार करके अहिल्या का उद्धार करते हैं। जड़ बुद्धि का नाम अहिल्या का उद्धार करते है। जब संत के संकेत से भागवत की कृपा होती है। हमारी सोई चेतना जागृत हो जाती है। भगवान श्री राम जनकपुर स्वयं पधारते हैं क्योंकि यह ज्ञान की भूमि है और भक्ति देवी सीता जी का प्राज्टय हुआ है। इसलिए ईश्वर स्वयं चलकर जनकपुर आए हैं। उन्होंने अपने श्री राम कथा के प्रसंग सुनाते हुए श्रद्धालुओं को भाव विभोर किया। चतुर्थ दिवस की कथा में मुख्य अतिथि श्री लखदातार परिवार के अध्यक्ष विनित बंसल व पंजाबी सभा के प्रधान राजीव नारंग ने ज्योति प्रज्वलित करके श्री राम कथा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मदनलाल सचदेवा, हंसराज पाहुजा, अध्यक्ष सतपाल सचदेवा, गणेश खन्ना, श्री हनुमान सेवा समिति अध्यक्ष अमन शर्मा, विपिन छाबड़ा, नितेश मंगल, आशू बंसल, बालकिशन त्रिपाठी, मनोज सचदेवा, बिट्टू सरदाना, सुरेंद्र खुराना पार्षद, दाता राम, सुरेश चावला, प्रवीन बत्तरा, ओमप्रकाश ड़ुडेजा, हरीश पाहुजा,अजय सचदेवा, यशपाल शर्मा समाजसेवी, राजेश जैन और लक्ष्मण सेठी मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तरावड़ी। श्री राम सेवा मंडल की ओर से महाबीर मंदिर में श्री राम कथा चल रही है। आचार्य प्रहलाद मिश्रा रामायणी ने कथा में कई प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि नाम, धाम, रूप और लीला यह चारों परमात्मा के स्वरूप माने गए हैं। शास्त्र में इन चारों से जीव का कल्याण होना संभव है, किसी एक से हमारी साधना जुड़नी चाहिए। भगवान की कथा में चारों की भूमिका होती है।
उन्होंने कहा चक्रवर्ती महाराज दशरथ भगवान श्री राम को राजा के भाव से बुलाते हैं, परंतु अपने बाल मंडल सखाओं को छोड़कर नहीं आते हैं, प्रभु श्री राम, लेकिन मां कौशल्या जब वात्सल्य भाव से बुलाती है पीछे-पीछे चल पड़ते हैं। भक्ति भाव वह तत्व है जो भगवान को अपने पीछे चलने के लिए बाध्य कर देती है और ज्ञान के गोद में बिठा देती है। प्राणी मात्र को विश्राम देने वाला ही राम है। भारत में रकार प्राण तत्व है राम के बिना भारत को चेतना शून्य होना संभावित है।
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प्रसंग सुनाते हुए मुंडन, उपनयन, विधाध्यन आदि प्रभु श्री राम का अयोध्या में समस्त संस्कार संपन्न हुआ। वेद भगवान जिनके सहज स्वास है परंतु भगवान श्री राम लोक लीला में गुरुदेव वशिष्ठ के पावन सानिध्य में रहकर समस्त विद्याओं में पारंगत होते हैं। विश्वामित्र जी का यज्ञ संपन्न करा के ताड़का आदि संहार करके अहिल्या का उद्धार करते हैं। जड़ बुद्धि का नाम अहिल्या का उद्धार करते है। जब संत के संकेत से भागवत की कृपा होती है। हमारी सोई चेतना जागृत हो जाती है। भगवान श्री राम जनकपुर स्वयं पधारते हैं क्योंकि यह ज्ञान की भूमि है और भक्ति देवी सीता जी का प्राज्टय हुआ है। इसलिए ईश्वर स्वयं चलकर जनकपुर आए हैं। उन्होंने अपने श्री राम कथा के प्रसंग सुनाते हुए श्रद्धालुओं को भाव विभोर किया। चतुर्थ दिवस की कथा में मुख्य अतिथि श्री लखदातार परिवार के अध्यक्ष विनित बंसल व पंजाबी सभा के प्रधान राजीव नारंग ने ज्योति प्रज्वलित करके श्री राम कथा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मदनलाल सचदेवा, हंसराज पाहुजा, अध्यक्ष सतपाल सचदेवा, गणेश खन्ना, श्री हनुमान सेवा समिति अध्यक्ष अमन शर्मा, विपिन छाबड़ा, नितेश मंगल, आशू बंसल, बालकिशन त्रिपाठी, मनोज सचदेवा, बिट्टू सरदाना, सुरेंद्र खुराना पार्षद, दाता राम, सुरेश चावला, प्रवीन बत्तरा, ओमप्रकाश ड़ुडेजा, हरीश पाहुजा,अजय सचदेवा, यशपाल शर्मा समाजसेवी, राजेश जैन और लक्ष्मण सेठी मौजूद रहे।
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