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कोरोना से ठीक होने के बाद भी फूल रही सांसें
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रिकवरी रेट देखकर अगर आप कोरोना के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं तो संभल जाएं। दरअसल कोरोना से ठीक होने के बाद भी मरीजों की समस्याएं कम नहीं हो रहीं हैं। कल्पना चावला मेडिकल कालेज में इस तरह के मामलों की संख्या बढ़ रही हैं। क्योंकि जो कोरोना संक्रमित मरीज ठीक हो चुके हैं उनको सांस फूलने की दिक्कत आ रही है। साथ ही कमजोरी महसूस होना और चक्कर आने की समस्या भी उत्पन्न हो रही है।
जिले में अभी तक संदिग्ध कुल 78,220 लोगों के सैंपल लिए गए जबकि इनमें से 69251 की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और 7634 मामले पॉजिटिव हैं, जिनमें से 111 मरीजों की मौत हो चुकी है। अभी भी 567 एक्टिव केस हैं और 6956 मरीज ठीक होकर घर चले गए हैं। बेशक रिकवरी रेट लगातार बढ़ रहा है, लेकिन यह बात सामने आ रही है कि एक बार कोरोना होने के बाद संबंधित व्यक्ति के शरीर पर इसका लंबा असर रहता है। खासकर उन मरीजों को जिनमें लक्षण होते हैं। कोरोना से ठीक होने के बाद अब लोगों में अन्य बीमारियां बढ़ रही हैं। इनमें सिर दर्द, मानसिक तनाव और चिड़चिड़ापन शामिल है। सबसे ज्यादा दिक्कत कमजोरी और कुछ देर चलने के बाद सांस फूलने की आ रही है। ये दिक्कतें उनको होती हैं, जिन्हें या तो आक्सीजन पर रखा गया या वेंटीलेटर सपोर्ट पर। मेडिकल कालेज में पलमनरी विभाग में ऐसे मरीज लगातार संपर्क कर सलाह ले रहे हैं। अमर उजाला से बातचीत में दो मरीजों ने बताया कि वे कोरोना संक्रमित हुए थे, 10 दिन बाद रिपोर्ट नेगेटिव आ गई और घर आ गए। लेकिन अब 20 दिन बाद भी उनके शरीर में कमजोरी महसूस हो रही है। अगर वे दौड़ते हैं या कुछ देर तक सैर करते हैं तो सांस फूलने लगती है।
बाक्स
अन्य बीमारियों का डर, सतर्क रहें
जिले में लगातार मरीजों का रिकवरी रेट बढ़ रहा है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि लोग इसे हल्के में लें। क्योंकि अगर एक बार किसी को कोरोना हो गया और उसको लक्षण भी हैं तो ठीक होने के बाद भी उसका शरीर और फेफड़ों पर असर रहेगा। इसे लंग फाब्रोसिस कहते हैं। अगर लापरवाही बरती गई तो अन्य बीमारियां भी घेर सकती हैं, इसलिए जरूरी है कि अपना और फेफड़ों का ख्याल रखें, कोरोना से बचाव ही इसका इलाज है।
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शुरू होगा पोस्ट कोरोना डिस्चार्ज क्लीनिक : डा. शर्मा
कोरोना से ठीक हुए मरीजों के लिए स्पेशल ओपीडी चलाई जाएगी, इसे पोस्ट कोरोना डिस्चार्ज क्लीनिक का नाम दिया गया है। यह मेडिकल कालेज के पीसीसीएम विभाग के साथ तालमेल के साथ मिलकर चलाया जाएगा। इनमें उन मरीजों का चेकअप किया जाएगा, जिन्हें कोरोना से ठीक होने के बाद दिक्कतें आ रही हैं। इसके लिए तैयारियां कर ली हैं। संभावना है कि आगामी दो से तीन दिन में इसे शुरू कर लिया जाएगा।
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जिले में अभी तक संदिग्ध कुल 78,220 लोगों के सैंपल लिए गए जबकि इनमें से 69251 की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और 7634 मामले पॉजिटिव हैं, जिनमें से 111 मरीजों की मौत हो चुकी है। अभी भी 567 एक्टिव केस हैं और 6956 मरीज ठीक होकर घर चले गए हैं। बेशक रिकवरी रेट लगातार बढ़ रहा है, लेकिन यह बात सामने आ रही है कि एक बार कोरोना होने के बाद संबंधित व्यक्ति के शरीर पर इसका लंबा असर रहता है। खासकर उन मरीजों को जिनमें लक्षण होते हैं। कोरोना से ठीक होने के बाद अब लोगों में अन्य बीमारियां बढ़ रही हैं। इनमें सिर दर्द, मानसिक तनाव और चिड़चिड़ापन शामिल है। सबसे ज्यादा दिक्कत कमजोरी और कुछ देर चलने के बाद सांस फूलने की आ रही है। ये दिक्कतें उनको होती हैं, जिन्हें या तो आक्सीजन पर रखा गया या वेंटीलेटर सपोर्ट पर। मेडिकल कालेज में पलमनरी विभाग में ऐसे मरीज लगातार संपर्क कर सलाह ले रहे हैं। अमर उजाला से बातचीत में दो मरीजों ने बताया कि वे कोरोना संक्रमित हुए थे, 10 दिन बाद रिपोर्ट नेगेटिव आ गई और घर आ गए। लेकिन अब 20 दिन बाद भी उनके शरीर में कमजोरी महसूस हो रही है। अगर वे दौड़ते हैं या कुछ देर तक सैर करते हैं तो सांस फूलने लगती है।
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अन्य बीमारियों का डर, सतर्क रहें
जिले में लगातार मरीजों का रिकवरी रेट बढ़ रहा है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि लोग इसे हल्के में लें। क्योंकि अगर एक बार किसी को कोरोना हो गया और उसको लक्षण भी हैं तो ठीक होने के बाद भी उसका शरीर और फेफड़ों पर असर रहेगा। इसे लंग फाब्रोसिस कहते हैं। अगर लापरवाही बरती गई तो अन्य बीमारियां भी घेर सकती हैं, इसलिए जरूरी है कि अपना और फेफड़ों का ख्याल रखें, कोरोना से बचाव ही इसका इलाज है।
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शुरू होगा पोस्ट कोरोना डिस्चार्ज क्लीनिक : डा. शर्मा
कोरोना से ठीक हुए मरीजों के लिए स्पेशल ओपीडी चलाई जाएगी, इसे पोस्ट कोरोना डिस्चार्ज क्लीनिक का नाम दिया गया है। यह मेडिकल कालेज के पीसीसीएम विभाग के साथ तालमेल के साथ मिलकर चलाया जाएगा। इनमें उन मरीजों का चेकअप किया जाएगा, जिन्हें कोरोना से ठीक होने के बाद दिक्कतें आ रही हैं। इसके लिए तैयारियां कर ली हैं। संभावना है कि आगामी दो से तीन दिन में इसे शुरू कर लिया जाएगा।