फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   After cancer, even farmers started moving away from the country's most popular sugarcane variety.

Karnal News: कैंसर के बाद देश की सर्वाधिक लोकप्रिय गन्ना किस्म से जनक भी करने लगे किनारा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 12 Feb 2024 03:58 AM IST
विज्ञापन
After cancer, even farmers started moving away from the country's most popular sugarcane variety.
- लाल सड़न रोग लगने के बाद अब सीओ-0238 तैयार करने वाला संस्थान किसानों को बता रहा विकल्प
विज्ञापन

देव शर्मा
करनाल। कैंसर जैसा घातक लाल सड़न रोग लगने के बाद देश की सर्वाधिक लोकप्रिय गन्ना किस्म से उसी के जनक भी अब किनारा करने लगे हैं। सीओ-0238 किस्म, गन्ना प्रजनन संस्थान, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र करनाल से डेढ़ दशक पहले रिलीज हुई और 2023 आते आते देशभर के किसानों और चीनी मिलों की सर्वाधिक पसंदीदा किस्म बन गई। देश के 62 प्रतिशत गन्ना रकबे पर इसने कब्जा कर लिया।
यहां तक कि इसके जनक डॉ. बख्शी राम को पदमश्री जैसा सम्मान मिला, लेकिन ये बिडंबना ही है कि उसी किस्म के संस्थान के वैज्ञानिकों को अब किसानों को उस किस्म से दूरी बनाने के लिए कहने को विवश होना पड़ रहा है। ये दर्द शनिवार को यूपी के किसानों को प्रशिक्षण के अंतिम दिन केंद्र के वैज्ञानिकों की जुबां से निकले शब्दों में भी महसूस किया गया। गन्ना प्रजनन संस्थान, क्षेत्रीय केंद्र करनाल ने करीब 14 गन्ना किस्मों को रिलीज किया है। जिसमें अगेती किस्मों में सीओ-98014, सीओ-0118, सीओ-0238, सीओ-0239, सीओ-05009 और सीओ-15023 तथा मध्यम देरी वाली किस्मों में सीओ-0124, सीओ-05011, सीओ-06034, सीओ-13035 व सीओ-16030 किस्में शामिल हैं। इसमें सीओ-0238 ऐसी किस्म निकली जिसमें गन्ने की पैदावार के साथ चीनी उत्पादन में भी सबसे बेहतर साबित हुई।
विज्ञापन

ये किस्म वर्ष 2009 में रिलीज हुई और तेजी से इसे किसानों ने अपनाया और बेहतर चीनी रिकवरी होने के कारण चीनी मिलों ने भी इसे प्रोत्साहित किया। अभी भी बड़ी संख्या में किसान इसे बो रहे हैं। डॉ. बख्शी राम ने करनाल केंद्र के अध्यक्ष रहते हुए इस किस्म को तैयार कर वर्ष 2009 में रिलीज कराया था, इसलिए 2023 में केंद्र सरकार ने डॉ.बख्शीराम को पद्मश्री से सम्मानित किया। लाल सड़न का प्रकोप इसमें बढ़ने लगा है। जिससे अब इस किस्म का अधिक भविष्य नहीं है। हालांकि गन्ना प्रजनन संस्थान, क्षेत्रीय केंद्र में टिशू कल्चर विधि से भी इसकी पौध तैयार करके शुद्ध बीज बनाकर किसानों को दिया जा रहा है, ताकि ये किस्म रोगरहित होकर अपना अस्तित्व बनाए रखे, लेकिन इस विधि से देश के एक बड़े भूभाग तक टिशू बीज संभव नहीं हो पाएगा। यही कारण है कि वैज्ञानिक चाहते हैं कि किसान केंद्र से बीज ले जाकर खुद अपने खेतों में ही बीज तैयार करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीओ-0238 किस्म गन्ने का कैंसर कहे जाने वाले लाल सड़न रोग का शिकार हो गई है। इसका मलाल तो है, लेकिन समय की आवश्यकता है कि किसान अब इस किस्म से किनारा करें और इसके विकल्प के रूप में सीओ-0118 व सीओ-15023 आदि नई किस्म को अपनाएं। ये दोनों किस्में सीओ-0238 का विकल्प साबित हो सकती हैं। दोनों किस्म रोगरहित हैं, बेहतर पैदावार के साथ बेहतर चीनी रिकवरी भी देंगी।
- डॉ. रविंद्र कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक, गन्ना प्रजनन संस्थान, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र करनाल
पैदावार और चीनी परता, एक दूसरे के विरोधी थे, पैदावार बढ़ाते तो तो चीनी परता कम हो जाता, चीनी परता बढ़ाते तो पैदावार। इसी उधेड़बुन में जब उन्होंने कोयंबटूर में ज्वाइन किया तो सोचा कि ऐसी किस्म हो, जिसमें दोनों अधिक हो, फिर 1996 में पहली बार हाईब्रिड क्रास तैयार किया। लगातार 13 साल की मेहनत के बाद 2009 में किस्म रिलीज हुई। इस किस्म ने हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार के राज्यों में गन्ने की पैदावार 20 टन प्रति हेक्टेयर व चीनी परता 2.44 प्रतिशत बढ़ा दिया। जो पैदावार 60 थी, उसे 80 टन प्रति हेक्टेयर कर दिया। चीनी परता 9.18 था, उसे 11.77 किलो प्रति क्विंटल कर दिया।

डॉ.बख्शी राम, पद्मश्री, जनक सीओ-0238 गन्ना किस्म

शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बनाए गए चार लेयर के मजबूत सुरक्षा कवच में सीमेंट से स्था

शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बनाए गए चार लेयर के मजबूत सुरक्षा कवच में सीमेंट से स्था

शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बनाए गए चार लेयर के मजबूत सुरक्षा कवच में सीमेंट से स्था

शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बनाए गए चार लेयर के मजबूत सुरक्षा कवच में सीमेंट से स्था

शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बनाए गए चार लेयर के मजबूत सुरक्षा कवच में सीमेंट से स्था

शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बनाए गए चार लेयर के मजबूत सुरक्षा कवच में सीमेंट से स्था

शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बनाए गए चार लेयर के मजबूत सुरक्षा कवच में सीमेंट से स्था

शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बनाए गए चार लेयर के मजबूत सुरक्षा कवच में सीमेंट से स्था

शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बनाए गए चार लेयर के मजबूत सुरक्षा कवच में सीमेंट से स्था

शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बनाए गए चार लेयर के मजबूत सुरक्षा कवच में सीमेंट से स्था

शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बनाए गए चार लेयर के मजबूत सुरक्षा कवच में सीमेंट से स्था

शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बनाए गए चार लेयर के मजबूत सुरक्षा कवच में सीमेंट से स्था

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed